रेगिस्‍तानी इलाकों में यूं अपनी क्षमता परख रहा है पाकिस्‍तान, चलाया 'जर्ब-ए-हदीद' सैन्‍य अभ्‍यास

रेगिस्‍तानी और मैदानी इलाकों में अपनी युद्ध क्षमता को परखने और कौशल बढ़ाने के लिए पाकिस्‍तान ने नया सैन्‍य अभ्‍यास शुरू किया है, जिसे 'जर्ब-ए-हदीद' नाम दिया गया है।

रेगिस्‍तानी इलाकों में यूं अपनी क्षमता परख रहा है पाकिस्‍तान, चलाया 'जर्ब-ए-हदीद' सैन्‍य अभ्‍यास
रेगिस्‍तानी इलाकों में यूं अपनी क्षमता परख रहा है पाकिस्‍तान, चलाया 'जर्ब-ए-हदीद' सैन्‍य अभ्‍यास 

रावलपिंडी : रेगिस्तानी और मैदानी क्षेत्रों में युद्ध कौशल बढ़ाने के लिए पाकिस्तान की सेना ने गुरुवार को पंजाब प्रांत के बाहवलपुर शहर में 'जर्ब-ए-हदीद' नाम से अभ्यास शुरू किया। यह कोर स्‍तर का अभ्यास है, जिसका उद्देश्य सेना के विभिन्न घटकों के बीच तालमेल बढ़ाना और परिचालन संबंधी तैयारियों को परखना है। 

एआरवाई समाचार ने इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के हवाले से कहा है कि विभिन्न इलाकों में सैनिकों को प्रशिक्षित करने के लिए हर साल ड्रिल आयोजित की जाती है। अभ्यास क्षेत्र में रेगिस्तान और मैदानी इलाके शामिल हैं, जहां भाग लेने वाली इकाइयां मौसम की स्थिति, चुनौतीपूर्ण इलाके और वास्तविक युद्ध के वातावरण को ध्‍यान में रखते हुए अभ्यास कर रही हैं।

'जिदर-उल-हदीद' सैन्‍य अभ्यास

रिपोर्ट में आईएसपीआर के हवाले से कहा गया है कि सैन्‍य अभ्‍यास में शामिल इकाइयों ने अभ्यास के संयोजन, चाल, सामरिक मुकाबले और गोलाबारी के विभिन्‍न चरणों के दौरान बेहतर तालमेल और व्यावसायिकता का प्रदर्शन किया। 

इससे पहले फरवरी में पाकिस्तान सेना ने युद्ध के मैदान के वातावरण में रेगिस्तान में सक्रिय क्षेत्र संरचनाओं की परिचालन क्षमता का परीक्षण करने के लिए 'जिदर-उल-हदीद' अभ्यास किया था।

आईएसपीआर ने एक के बाद कई ट्वीट्स में कहा था कि पाकिस्‍तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने छोर के पास थार रेगिस्तान में प्रशिक्षण क्षेत्र का दौरा किया।

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