आखिर 'कोविड-19' आया कहां से, WHO Mission ने बताया दिसंबर 19 से पहले 'वुहान' में कोविड के संकेत नहीं

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 9, 2021, 04:40 PM IST

WHO Mission in Wuhan China:चीन के वुहान प्रांत पर पूरी दुनिया में कोविड वायरस को फैलाने का आरोप लगता रहा है इस बावत WHO के एक दल ने वहां की पड़ताल की है।

आखिर 'कोविड-19' आया कहां से, WHO Mission ने बताया दिसंबर 19 से पहले 'वुहान' में कोविड के संकेत नहीं

दुनिया कोविड-19 वायरस (Covid-19) की मार से जूझ रही है आखिर ये वायरस आया कहां से ये सवाल सभी के जेहन में है,लोगों का कयास है कि ये चीन (China) से वो भी खासकर उसके वुहान प्रांत (Wuhan) से पूरी दुनिया में फैला है, वहीं चीन इस बात सदा से ही खंडन करता आया है कि ये वायरस उसके यहां से नहीं निकला और ना ही फैला है। इस बावत वायरस की उत्पत्ति की जांच के लिए कुछ दिनों पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की टीम वुहान पहुंची थी।

चीन के वुहान शहर का दौरा करने वाले विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के दल ने कहा है कि दिसंबर 2019 से पहले इस शहर में कोविड-19 वायरस  के कोई संकेत नहीं थे, इस दल ने हाल ही में वुहान शहर का दौरा किया था, शुरुआत में टीम, वुहान इंस्‍टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (Wuhan Institute of Virology) भी पहुंची थी।

वुहान को ही इस कोरोना महामारी का स्रोत बताया जा गया था, इस लैब के वैज्ञानिक दुनिया की कई खतरनाक बीमारियों पर रिसर्च कर चुके हैं जिसमें कोविड-19 की तरह बेट कोरोना वायरस स्‍ट्रेन शामिल है।

इससे पहले टीम के एक सदस्य ने बताया था कि चीन ने उन्हें हर स्थान पर जाने और हर उस कर्मचारी से मिलने की अनुमति दे दी जिसका उन्होंने आग्रह किया था, उन्होंने बताया कि टीम के सदस्यों ने अपनी जांच में शामिल करने के लिए स्थानों और लोगों की एक लिस्ट दी थी जिसपर कोई आपत्ति नहीं जताई गई।

ऐसी अटकलें लगाई गई थी कि वायरस दुर्घटनावश वुहान के इसी लैब से लीक हुआ लेकिन इस थ्‍योरी की पुष्टि के लिए कोई पुख्‍ता सबूत नहीं हैं। 

कोरोना वायरस को लेकर ऐसा दावा किया गया कि ये वुहान की वायरोलॉजी इंस्टीट्यूट से फैला सदस्य ने इसका खंडन किया उनके अलावा दूसरे वैज्ञानिकों ने भी इस बात का खंडन किया।

बताया जा रहा है कि वैज्ञानिकों की जांच में यहां के फूड मार्केट का अहम रोल सामने आया है जब कोरोना के केस चीन में आए तो तुरंत फूड मार्केट को बंद कर दिया गया. लोग जल्दी में चले गए और वहां उपकरण और बर्तन छोड़ गए  इन चीजों की जांच की गई।

बताया जा रहा है कि चमगादडों से मनुष्य में इस वायरस के आने की कोई ठोस जानकारी नहीं मिली, वैज्ञानिकों ने लैब का भी दौरा किया था।

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