Donald Trump: जो बिडेन के शपथ ग्रहण में नहीं शामिल होंगे डोनाल्ड ट्रंप, खुद दी जानकारी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह जो बिडेन के शपथ ग्रहण समारोह में नहीं जाएंगे। बिडेन 20 जनवरी को राष्ट्रपति पद का कार्यभार ग्रहण करेंगे।

Donald Trump:जो बिडेन के शपथ ग्रहण में नहीं शामिल होंगे डोनाल्ड ट्रंप, खुद दी जानकारी
अमेरिका के मौजूदा राष्ट्रपति है डोनाल्ड ट्रंप 

मुख्य बातें

  • 20 जनवरी को जो बिडेन के शपथ समारोह का हिस्सा नहीं बनेंगे डोनाल्ड ट्रंप
  • डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट कर खुद दी जानकारी
  • सत्ता हस्तांतरण के तौर तरीकों पर डेमोक्रेट्स ने डोनाल्ड ट्रंप पर लगाए थे गंभीर आरोप

वाशिंगटन : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह जो बिडेन के शपथ ग्रहण समारोह में नहीं जाएंगे। बिडेन 20 जनवरी को राष्ट्रपति पद का कार्यभार ग्रहण करेंगे। उन्होंने ट्वीट में लिखा कि यह जवाब उन लोगों के लिए जो पूछ रहे थे कि क्या वो जो बिडेन की शपथ ग्रहण समारोहक का हिस्सा बनेंगे तो उनता जवाब यह है कि वो शामिल होने नहीं जा रहे हैं। बता दें कि अमेरिकी में डेमोक्रेट्स आरोप लगा रहे थे कि डोनाल्ड ट्रंप सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया में रुकावट बन रहे हैं। 

ट्रंप ने क्या कहा 
75,000,000 महान अमेरिकी देशभक्त, जिन्होंने मेरे लिए वोट किया, AMERICA FIRST, और MAKER AMERICA GREAT AGAIN, ने भविष्य में एक लंबे समय के लिए जीआईओईएन का चयन किया। उनका किसी भी प्रकार, आकार या रूप में अनादर या अनुचित व्यवहार नहीं किया जाएगा !!!

आखिर ऐसा क्या हुआ..
आखिर ऐसा क्या हुआ कि डोनाल्ड ट्रंप को इस तरह से जानकारी देनी पड़ी। दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति के चुनाव में वो आरोप लगाते हैं कि फर्जी तरह से बिडेन का चुनाव हुआ है। जब एक तरफ वो चुनावी नतीजों में जो बिडेन से आगे थे तो आखिर ऐसा क्या हुआ कि नतीजे उनके पक्ष में नहीं आए। शुरुआत से ही ट्रंप चुनावी नतीजों को मानने से इंकार कर रहे थे। लेकिन सुप्रीम कोर्ट से जब उनके मनमुताबिक फैसला नहीं आया तो इस तरह के संकेत देने लगे कि वो आसानी से कुर्सी नहीं छोड़ने वाले हैं।

कैपिटल हिल में हिंसा का साइड इफेक्ट
डोनाल्ड ट्रंप के इस रुख पर डेमोक्रेट्स की तरफ से आरोप लगाया गया कि वो सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया में बाधा बना रह हैं। जब कैपिटल हिल में औपचारिक तौर पर जो बिडेन के नाम पर मुहर लगाने के लिए सीनेटर इकट्ठा हुए तो बेकाबू ट्रंप समर्थक संसद में घुस गए और बवाल काटा। इस तरह की तस्वीर आने के बाद अमेरिकी लोकतंत्र का मजाक भी बनाया गया। इसके साथ ही रिपब्ल्किन में भी यह धारणा बनने लगी कि जो कुछ हुआ वो सही नहीं था और उसके बाद स्वभाविक तौर पर ट्रंप पर दबाव आ गया। 

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