डॉक्टरों को सुरक्षा किट नहीं दे पा रहा पाकिस्तान, बन रहे संक्रमण का शिकार, विरोध करने पर 150 गिरफ्तार

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में कोरोना का इलाज करते हुए डॉक्टर संक्रमण का शिकार हो रहे हैं। सरकार की ओर से सुरक्षा किट न देने का विरोध करने के बाद यहां 150 से ज्यादा डॉक्टरों को गिरफ्तार कर लिया गया।

Doctor arrested in Pakistan
पाकिस्तान में डॉक्टर गिरफ्तार  |  तस्वीर साभार: ANI

मुख्य बातें

  • पाकिस्तान में कोरोना को लेकर दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं हालात
  • सुरक्षा किट न मिलने की वजह से डॉक्टर हो रहे बीमारी का शिकार
  • विरोध प्रदर्शन करने के बाद 150 से ज्यादा डॉक्टर और हेल्थ वर्कर गिरफ्तार

वलूचिस्तान: पाकिस्तान में कोरोना वायरस के फैलते असर के बीच हालात लगातार खराब हो रहे हैं। पड़ोसी देश पहले ही आर्थिक संकट की बड़ी समस्या से जूझ रहा था और इस बीच कोविड-19 वायरस आ जाने के बाद स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। यहां संक्रमित मरीजों का इलाज करने वाले लोगों तक को मास्क और सुरक्षा किट नहीं मिल पा रही है। भेदभाव का शिकार रहे बलूचिस्तान प्रांत एक बार फिर चर्चा में है जहां सुरक्षा किट की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन करने पर 150 से ज्यादा डॉक्टरों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

पाकिस्तान में पुलिस ने सोमवार को उन डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया, जो कोरोनो वायरस रोगियों के उपचार के दौरान सुरक्षा के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) किट की कमी का विरोध कर रहे थे। यंग डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष यासिर खान ने जियो न्यूज को बताया कि 150 से ज्यादा डॉक्टरों और पैरामेडिक्स को गिरफ्तार किया गया है।

डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मचारियों ने बजीर-ए-आला (चीफ मिनिस्टर) के घर के बाहर विरोध करने की कोशिश की और इसी दौरान पुलिस ने उन पर लाठी चार्ज किया। डॉक्टरों और पुलिस में हाथापाई हुई। गिरफ्तारी के बाद, युवा डॉक्टरों ने विरोध में अपना काम स्थगित कर दिया।

एक दर्जन से ज्यादा डॉक्टरों के अपना काम करते हुए कथित तौर पर कोरोना वायरस की चपेट में आने के बाद चिकित्सा कर्मचारियों ने सुरक्षा इंतजाम को लेकर विरोध किया था।

पुलिस की ओर से कहा गया कि धारा 144 का उल्लंघन करने पर मेडिकल स्टाफ को गिरफ्तार किया गया है और अब अलग-अलग पुलिस थानों में भेज दिया गया है। पाकिस्तान में अब तक कोरोना वायरस के 3,469 केस दर्ज किए गए हैं जिसमें से बलूचिस्तान में 192 मामले सामने आए हैं। घातक विषाणु के प्रकोप से पड़ोसी देश में 50 लोगों की मौत हो चुकी है।

अगली खबर