UN Report on China: उइगर मुुस्लिमों के खिलाफ चीन में अत्याचार...यूएन की रिपोर्ट में ड्रैगन पर गंभीर आरोप

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 1, 2022, 08:07 AM IST

UN Report on China: संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाचेलेट ने बुधवार को अपने कार्यकाल की समाप्ति से कुछ मिनट पहले ही ये रिपोर्ट जारी की है।

UN Report on China: उइगर मुुस्लिमों के खिलाफ चीन में अत्याचार...यूएन की रिपोर्ट में ड्रैगन पर गंभीर आरोप

UN Report on China: यूएन ने चीन को लेकर एक रिपोर्ट जारी की है। जिसमें आरोप लगाया गया है कि चीन ने उइगर मुसलमानों के खिलाफ अत्याचार किया है। इस रिपोर्ट को लेकर चीन ने विरोध भी जता दिया है और कहा है कि यह राजनीति से प्रेरित है।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख ने बुधवार को इस रिपोर्ट को जारी करते हुए कहा कि चीन के शिनजियांग क्षेत्र में उइगरों और अन्य मुसलमानों के खिलाफ चीन की "मनमाना और भेदभावपूर्ण हिरासत" मानवता के खिलाफ अपराध हो सकता है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाचेलेट ये रिपोर्ट जारी की है। बुधवार को ही उनका चार साल का कार्यकाल समाप्त हो रहा था। कार्यकाल समाप्त होने से कुछ मिनट पहले  ही उन्होंने चीन के खिलाफ रिपोर्ट जारी की है। मई में बाचेलेट इसकी जांच के लिए खुद चीन गई थीं।

इस लंबी रिपोर्ट में कहा गया है कि शिनजियांग प्रांत में गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन किए गए हैं। बाचेलेट ने चीनी सरकार से प्रशिक्षण केंद्रों और जेलों में बंद सभी उइगर मुस्लिमों को रिहा करने के लिए तत्काल कदम उठाने की सिफारिश की है।

चीन पर समय-समय पर उइगर मुस्लिमों को लेकर आरोप लगते रहे हैं। अमेरिका समेत कई देश चीन पर इनका नरसंहार करने का आरोप लगा चुके हैं। चीन के शिनजियांग के पश्चिमी क्षेत्र में लगभग 10 मिलियन उइगर मुस्लिम हैं।

वहीं चीन ने एक बार फिर से इन आरोपों को नकार दिया है और यूएन की इस रिपोर्ट को राजनीति से प्रेरित बताया है। संयुक्त राष्ट्र में चीन के राजदूत झांग जून ने कहा कि बीजिंग ने बार-बार इसका विरोध किया है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख को चीन के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।

झांग ने बुधवार को संवाददाताओं से कहा- "हम सभी अच्छी तरह से जानते हैं कि तथाकथित शिनजियांग मुद्दा राजनीतिक प्रेरणा से एक पूरी तरह से मनगढ़ंत झूठ है। इसका उद्देश्य निश्चित रूप से चीन की स्थिरता को कमजोर करना और चीन के विकास में बाधा डालना है।"

End of Article