Bilawal Bhutto: बिलावल भुट्टो जरदारी बने पाकिस्तान के सबसे युवा विदेश मंत्री, राष्ट्रपति ने दिलाई शपथ

दुनिया
किशोर जोशी
Updated Apr 27, 2022 | 16:51 IST

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली सरकार में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो-जरदारी ने विदेश मंत्री के रूप में शपथ ले ली है।

Bilawal Bhutto Zardari takes oath as Pakistan’s youngest Foreign Minister
बिलावल भुट्टो जरदारी बने पाकिस्तान के सबसे युवा विदेश मंत्री 
मुख्य बातें
  • बिलावल भुट्टो ने ली पाकिस्तान के विदेश मंत्री के रूप में शपथ
  • राष्ट्रपति अल्वी ने दिलाई शपथ, पीएम शहबाज शरीफ भी रहे मौजूद
  • पिछले हफ्ते ही बिलावल ने लंदन में की थी नवाज शरीफ से मुलाकात

इस्लामाबाद: पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो-जरदारी ने बुधवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली सरकार में विदेश मंत्री के रूप में शपथ ली। राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने 33 वर्षीय बिलावल को ऐवान-ए-सदर (राष्ट्रपति भवन) में एक सादे समारोह में शपथ दिलाई, जहां प्रधान मंत्री शरीफ भी मौजूद थे। 

पिछले हफ्ते की थी नवाज शरीफ से मुलाकात

बिलावल ने पिछले हफ्ते लंदन में पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के सुप्रीमो नवाज शरीफ से मुलाकात की थी और आज करीब एक हफ्ते बाद शपथ ली। अपनी मुलाकात के दौरान उन्होंने पाकिस्तान में "समग्र राजनीतिक स्थिति" पर चर्चा की और राष्ट्रीय हित में राजनीति से संबंधित मुद्दों पर मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता को दोहराया। पीपीपी प्रधानमंत्री शरीफ की मौजूदा गठबंधन सरकार में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है जिसने11 अप्रैल को शपथ ली थी।

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हिना रब्बानी खार हैं विदेश राज्य मंत्री

दो बार पाकिस्तान की प्रधानमंत्री रह चुकी बेनजीर भुट्टो और पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के बेटे बिलावल ने जब कैबिनेट मंत्रियों के साथ शपथ ली तो कई तरह की अटकलों का बाजार गर्म हो गया था। गौर करने वाली बात ये है कि पूर्व विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार बिलावल की डिप्युटी होंगी, और विदेश राज्य मंत्री के रूप में उन्हें सहयोग करेंगी।

दोनों की ओर से जारी एक संयुक्त बयान के मुताबिक, ''नवाज़ शरीफ और बिलावल-सत्तारूढ़ गठबंधन के दो प्रमुख सहयोगी हैं और उन्होंने 'लोकतंत्र, कानून के शासन और संसद की सर्वोच्चता के लिए संवैधानिक जीत' के बाद आगे के तरीकों पर चर्चा की। इसमें कहा गया है कि बैठक के दौरान दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए कि उन्होंने जब भी साथ काम किया है तो उन्होंने बहुत कुछ हासिल किया है।'

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