अनचाही शादियां, हजारों डॉलर... काबुल से निकलने को महिलाओं ने चुकाई ऐसी कीमत!

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 3, 2021, 04:11 PM IST

एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि काबुल से निकलने की कीमत महिलाओं ने निकासी केंद्रों में अनचाही शादियां कर और बाहर जाने की योग्‍यता रखने वालों को हजारों डॉलर का भुगतान कर चुकाई।

अनचाही शादियां, हजारों डॉलर... काबुल से निकलने को महिलाओं ने चुकाई ऐसी कीमत!
Photo Credit: AP, File Image

वाशिंगटन/काबुल : अफगानिस्‍तान की सत्‍ता में तालिबान के आने के बाद खौफजदा लोगों में देश छोड़ने को लेकर जो होड़ मची, उसे पूरी दुनिया ने तस्‍वीरों, वीडियो के जरिये देखा। अब इस मामले में एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है, जिसके मुताबिक देश से बाहर निकलने के लिए कई अफगान महिलाओं ने निकासी केंद्रों में न चाहते हुए भी सिर्फ इसलिए शादियां रचाई, ताकि वे देश से बाहर निकलने की योग्‍यता हासिल कर सकें।

CNN की एक रिपोर्ट में इसे लेकर खुलासा किया गया है, जिसके बाद काबुल से किसी भी तरह निकलने की जुगत में लगे लोगों की तस्‍करी की आशंका भी पैदा हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार, इस बारे में अमेरिकी राजनयिकों को जानकारी दी गई है, जिन्‍होंने इस मसले पर संयुक्‍त अरब अमीरात (UAE) को अलर्ट किया है। ऐसी बहुत सी महिलाएं काबुल से तो निकल गई हैं, लेकिन वे अभी यूएई में हैं, जहां से पास मिलने पर वे अमेरिका जा सकेंगी।

काबुल से निकलने को दिए हजारों डॉलर

रिपोर्ट के मुताबिक, कई परिवारों ने देश से बाहर जाने के लिए उन लोगों को हजारों डॉलर का भुगतान किया, जो अफगानिस्‍तान से बाहर निकलने की योग्‍यता रखते थे। कुछ पुरुषों से सिर्फ इसलिए संपर्क किया गया कि वे उन लोगों के सामने खुद को महिला के पति के तौर पर बताएं, जो निकासी अभियान से जुड़े थे और देश से बाहर जाने की योग्‍यता रखने वालों की लिस्‍ट में शामिल थे। ऐसे में अफगानिस्‍तान से निकलने के दौरान मानव तस्‍करी का अंदेशा भी पैदा हो गया है।

काबुल से निकासी अभियान 31 अगस्‍त को बंद होने के बाद इनमें से अधिकतर लोग अभी यूएईए में रुके हुए हैं। वे ट्रांजिट की प्रक्रिया में हैं और किसी तीसरे देश से यात्रा के लिए पास मिलने के बाद ही अमेरिका के लिए रवाना हो पाएंगे। अमेरिकी राजनयिकों को इस बारे में अवगत कराया गया है, जो जिनके निर्देश पर ऐसी महिलाओं की पहचान की जाएगी और यह पता लगाने की कोशिश होगी कि काबुल से निकलने की कोशिश में कहीं वे तस्‍करी की शिकार तो नहीं हुईं।

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