9/11 आतंकी हमला : हर तरफ था तबाही का मंजर, चंद मिनटों में छिन गईं हजारों जिंदगियां

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 11, 2020, 08:11 AM IST

9/11 Terror Attack : अमेरिका में 11 सितंबर, 2001 को हुए आतंकी हमले ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया। चंद मिनटों में वर्ल्‍ड ट्रेड सेंटर के टॉवर्स ध्‍वस्‍त हो गए तो 3000 से अधिक लोगों की जान गई।

9/11 आतंकी हमला : हर तरफ था तबाही का मंजर, चंद मिनटों में छिन गईं हजारों जिंदगियां
Photo Credit: AP, File Image

वाशिंगटन : अमेरिका में 11 सितंबर 2001 को हुए आतंकी हमले को 19 साल हो चुके हैं, पर लोगों की जेहन पर उस घटना के जख्‍म अब भी हरे हैं। आतंकियों ने न्‍यूयार्क में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के दो टॉवर्स और अमेरिकी रक्षा कार्यालय पेंटागन को निशाना बनाया था। दुनिया के सबसे ताकतवर और खुफिया मामलों में सशक्‍त समझे जाने वाले देश अमेरिका में हुए इन हमलों ने न केवल अमेरिकियों को, बल्कि पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया।

11 सितंबर 2001 की वो सुबह 

न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में काम करने वालों को शायद ही इसका अंदाज था कि जिस जगह वे सुबह-सुबह अपने काम के लिए रोजाना जाते हैं, वहां सबसे भीषण हमला होने जा रहा है। आतंकी पूरी तैयारी के साथ थे। इन हमलों के लिए उन्‍होंने यात्री विमानों को इस्‍तेमाल किया, जिन्‍हें उन्‍होंने पहले ही अगवा कर लिया था। चार यात्री विमानों को एक साथ अगवा कर लिया गया था और अमेरिका इस दिशा में अभी कुछ कर पाता कि ये हमला हो गया।

सुबह 8:46 का वक्‍त हो रहा था, जब अमेरिकी एयरलाइंस का एक विमान पहले ट्रेड सेंटर के उत्तरी टॉवर से टकराया। इसके 17 मिनट बाद दक्षिणी टॉवर से भी एक विमान टकराया। लोग एकाएक समझ ही नहीं पाए कि आखिर हुआ क्‍या। जान बचाने के लिए लोग ऊंची इमारतों से ही छलांग लगाने लगे। चंद मिनटों में अमेरिका की शान रहे वर्ल्‍ड ट्रेड सेंटर के टावर्स जमींदोज हो गए, जबकि कुछ मंजिलों पर एक-दो घंटे तक आग लगी रही।

हर तरफ था तबाही का मंजर

वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के दोनों टॉवर्स पर हुए इन हमलों के बाद अमेरिकी एजेंसियां अभी संभली ही थी कि 9 बजकर 37 मिनट पर एक विमान पेंटागन से जा टकराया। अमेरिका में हुए इन हमलों में 3000 से अधिक लोगों की जान गई। कामकाज के लिए सुबह घर से निकले लोग फिर कभी अपने घर नहीं लौट पाए। न्यूयॉर्क में अफरा-तफरी का माहौल था। ट्रेड टॉवर और पास की एक इमारत गिरने से लाखों टन मलबा इकट्ठा हो गया था।

बाद में हमले में इस्‍तेमाल हुआ एक विमान पेंसिलवेनिया के शांक्शविले में जाकर गिरा, जिसका मलबा दूर तक फैल गया। हर तरफ बर्बादी और तबाही का मंजर था। लोगों में खौफ बैठ गया था। पूरी दुनिया इस घटना से हिल गई थी। इसने आतंकवाद के प्रति दुनिया का न‍जरिया बदल दिया और उन्‍हें एकजुट होकर इस सामूहिक खतरे से निपटने के लिए मजबूर किया। आतंकवाद के खिलाफ जंग में अमेरिका को व्‍यापक समर्थन मिला।

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