नागालैंड की पूर्व राज्य दिव्यांगजन आयुक्त Diethono Nakhro, से खास बातचीत। साल 2006 में स्पाइनल कॉर्ड इंजरी के बाद उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उस मुश्किल वक्त को उन्होंने अपनी ताकत बना लिया और दिव्यांगजनों के अधिकारों की एक मजबूत और सशक्त आवाज बनकर सामने आईं। Diethono ने सरकारी अधिकारियों, विद्यार्थियों, सिविल सोसाइटी और चर्च के साथ मिलकर नागालैंड में जागरूकता बढ़ाई, नीतियों में बदलाव लाए और एक्सेसिबिलिटी को आगे बढ़ाने की दिशा में काम किया। उनके प्रयासों से आज राज्य में लोगों का नजरिया दिव्यांगजनों के प्रति पहले से कहीं ज्यादा संवेदनशील और समावेशी हुआ है।