असम सरकार कथित तौर पर राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने की योजना बना रही है। इस प्रस्ताव ने तीव्र राजनीतिक बहस छेड़ दी है, जहां समर्थक इसे कानूनी एकरूपता की दिशा में एक कदम बता रहे हैं, वहीं विरोधी सांस्कृतिक और धार्मिक प्रभावों को लेकर चिंता जता रहे हैं।