अब गृह मंत्री अमित शाह ने इसी को याद दिलाते हुए कह दिया कि विपक्ष के लिए अपना गठबंधन जरूरी था, इसलिए वो दिल्ली के बिल पर साथ आए और चर्चा के लिए तैयार हुए। क्योंकि यही लोग संसद नहीं चलने दे रहे थे।