ऐतिहासिक नगरी वाराणसी के कायाकल्प के लिए दो संस्थान आए एक साथ, जगी उम्मीद

ऐतिहासिक नगरी वाराणसी के कायाकल्प के लिए आईआईटी बीएचयू और स्मार्ट सिटी लिमिटेड मिलकर काम करेंगे। दोनों संस्थान शहर के संरचानात्मक डिजाइन पर खास ध्यान देंगे।

ऐतिहासिक नगरी वाराणसी के कायाकल्प के लिए दो संस्थान आए एक साथ, जगी उम्मीद
वाराणसी को स्मार्ट सिटी बनाने की दिशा में एक और पहल 

मुख्य बातें

  • वाराणसी के कायाकल्प के लिए आईआईटी बीएचयू और स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने बढ़ाए हाथ
  • शहर के संरचानात्मक डिजाइन पर करेंगे काम
  • छात्रों को भी शोध के लिए मिलेगा मौका

 वाराणसी: स्मार्ट सिटी मिशन के तहत देश भर के चुनिंदा शहरों को और बेहतर बनाने की दिशा में कोशिश जारी है। इस क्रम में वाराणसी को स्मार्ट सिटी में बदलने के लिए आईआईटी बीएचयू और स्मार्ट सिटी लिमिटेड के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया था। इस मिशन में तेजी लाने के लिए संस्थान के निदेशक प्रो. प्रमोद कुमार जैन ने वर्चुअल सेंटर (स्मार्ट सिटी सेल) लांच किया।

वर्चुअल सेंटर के जरिए होगी मुलाकात
वर्चुअल सेंटर के जरिए संस्थान के शिक्षकों व पेशेवरों की टीम वीएससीएल से समन्वय बनाकर स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की विभिन्न जरूरतों को पूरा करने की दिशा में काम करेगी। संस्थान के निदेशक का कहना है कि दोनों संगठनों का जुड़ाव यहां के नागरिकों के रहने की स्थिति की बेहतरी में बड़ा कदम साबित होगा। दोनों संस्थानों के जानकार शहर के लिए संरचनात्मक डिजाइन का सत्यापन और मूल्यांकन भी करेंगे।

छात्रों को मिलेगा शोध के लिए मौका
बड़ी बात यह है कि इस योजना में दोनों संस्थानों के छात्रों को भी मौका दिया जाएगा। स्नातक व परास्नातक छात्र आइओटी, सूचना प्रौद्योगिकी, स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर, शहरी नियोजन, स्मार्ट मोबिलिटी, पर्यावरण, अपशिष्ट प्रबंधन, ऊर्जा, गंगा कायाकल्प आदि से संबंधित परियोजनाओं में इंटर्नशिप करेंगे। 

भूजल और सतही जल पर खास जोर
संस्थान की टीम भूजल और सतही जल संसाधनों के समुचित जल प्रबंधन में शामिल होगी। आॢटफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) क्लाउड व बिग डेटा एनालिटिक्स जैसी संस्थाएं इंटरनेट ऑफ थिंग्स और थ्री-डी सिटी मॉडलिंग तकनीकों के माध्यम से शहरों को विकसित करने की भूमिका में है। इसके साथ ही प्रोजेक्ट में इनकी भी मदद ली जाएगी। 

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