Varanasi Fraud Case: रेलमंत्री का निजी सचिव बताकर करता था ठगी, नटवरलाल को साइबर अपराध पुलिस ने ऐसे धरा

Varanasi Fraud Case : ठग वीआइपी प्रॉटोकाल के तहत रूपए लेकर लोगों को काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करवाता था। वहीं ठगी के पैसे से मंहगे होटलों में ठहरना, नए कपड़े खरीदना, मोबाइल बदलने सहित ऐश करता था।

Varanasi Fraud Case
वाराणसी में साइबर क्राइम पुलिस ने एक और ठग को दबोचा  |  तस्वीर साभार: Representative Image
मुख्य बातें
  • ट्रांसफर व पोस्टिंग के नाम पर ठगी से मिले रूपयों से ऐश करता था आरोपी
  • काशी मंदिर में लोगों से रूपए लेकर वीआइपी कोटे से दर्शन करवाता था
  • पुलिस से बचने के लिए साधु का वेश धर ठिकाने बदलता रहता था

Varanasi Fraud Case: बाबा काशी विश्वनाथ की नगरी वाराणासी में ट्रांसफर व पोस्टिंग के नाम पर ठगी करने वाले एक नटवरलाल को साइबर अपराध पुलिस ने धरा है। पुलिस के मुताबिक आरोपी खुद को रेल मंत्री का निजी सचिव बताकर रेलवे के अधिकारियों व कर्मचारियों को मनचाही जहग पर पोस्टिंग दिलवाने व ट्रांसफर के नाम पर ठगी करता था। पुलिस गिरफ्त में आया ठग रजत कुतार मिश्रा बिहार के चंपारण जनपद के गांव मठिया राजपुर का रहने वाला है। ठग रेलवे अधिकारियों पर रोब गांठ कर ऐश करता था। पुलिस के मुताबिक वर्तमान में आरोपी भेलूपुर के खोजवां रामलीला पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए वेश बदलकर अलग-अगल ठिकानों पर रह रहा था।

पुलिस को आरोपी के पास से एक मोबाइल व 950 रूपए कैश मिले हैं। पुलिस ने बताया कि, रेलवे पुलिस बल के डीजी ने एक पत्र भेजकर यूपी के अतिरिक्त महानिदेशक (साइबर अपराध) को जानकारी दी थी कि, रजत कुमार मिश्रा खुद को रेल मंत्री का निजी सचिव बताकर रेलवे अधिकारियों को कॉल कर रोब गांठता है। वहीं ट्रांसफर व पोस्टिंग के नाम पर रूपए भी वसूलता है। जबकि रेल मंत्री कार्यालय में इस नाम का कोई शख्स तैनात नहीं है। इसके बाद साइबर थाने में आरोपी के खिलाफ वर्ष 2021 में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया। बाद में सीओ अविनाश चंद्र सिन्हा की अगुवाई में आरोपी की तलाश शुरू की गई। 

ठगी के रूपयों से करता था ऐश

इस मामले को लेकर सीओ अविनाश चंद्र सिन्हा ने बताया कि, पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया है कि वह वीआइपी प्रॉटोकाल के तहत रूपए लेकर लोगों को काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करवाता था। वहीं ठगी के पैसे से मंहगे होटलों में ठहरना, नए कपड़े खरीदना, मोबाइल बदलने सहित की तरह से ऐश करता था। पुलिस के मुताबिक इसने पुलिस के कई आला अधिकारियों के नाम पर भी रूपए ऐंठे हैं। वहीं बंगाल, बिहार व यूपी में कई लोगों से ठगी करने की बात स्वीकार की है। पुलिस से बचने के लिए आरोपी लंबे समय से ठिकाने बदलने के साथ ही साधू का वेश बना रखा था। आरोपी ने पुलिस को बताया कि, उसे याद ही नहीं है कि उसने ठगी के जरिए कितने लोगों को लूटा है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर उसके द्वारा की गई ठगी की वारदतों का पता लगा ही है। 

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