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ट्रैफिक पुलिस के हाथों डैमेज हो गई कार, नियमों के अनुसार कौन देगा मुआवजा?

भारतीय शहरों में कार पार्किंग एक काफी बड़ी चुनौती है। पार्किंग की उपयुक्त सुविधा न होने की वजह से कभी-कभी लोगों को अपनी कार नो पार्किंग क्षेत्र में भी खड़ी करनी पड़ती है। नो पार्किंग क्षेत्र में गाड़ी खड़ी करना कानूनी रूप से गलत है। ऐसा करने पर ट्रैफिक पुलिस आपकी कार उठा सकती है। लेकिन कार उठाने के दौरान अगर ट्रैफिक पुलिस की लापरवाही की वजह से कर डैमेज हो जाए तो ऐसे में आपको क्या करना चाहिए? आईए जानते हैं।

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कार उठाते हुए ट्रैफिक पुलिस से हो गई डैमेज. जानिए कौन देगा मुआवजा

Photo : iStock

Car Damaged While Towing: पिछले कुछ सालों से भारत में कार खरीदने वाले लोगों की संख्या में इजाफा देखने को मिला है। कारों की संख्या में होती बढ़ोतरी के साथ-साथ कार पार्किंग भी एक विकट समस्या के रूप में उभर रही है। भारत के महानगरों में कार पार्किंग एक चुनौती है। पार्किंग की उपयुक्त सुविधा न होने की वजह से कभी-कभी लोगों को नो पार्किंग क्षेत्र में अपनी कार खड़ी करनी पड़ती है। हालांकि ऐसा नहीं करना चाहिए और कानूनी रूप से यह गलत है। नो पार्किंग क्षेत्र में कार खड़ी करने पर ट्रैफिक पुलिस आपकी गाड़ी उठा सकती है। लेकिन गाड़ी उठाते वक्त ट्रैफिक पुलिस की लापरवाही से अगर कार डैमेज हो जाए तो आपको क्या करना चाहिए? साथ ही यह एक सवाल भी लोगों को परेशान करता है कि कार डैमेज होने पर मुआवजा कौन देगा? आइए आज हम इन्हीं कुछ सवालों के जवाब जानने की कोशिश करते हैं और देखते हैं कि नियमों के अनुसार ऐसी स्थिति में आपको क्या करना चाहिए?

आमतौर पर क्या होता है?

ऐसे अधिकतर मामलों में जहां नो पार्किंग क्षेत्र से गाड़ी उठाते हुए का डैमेज हो जाती है, गाड़ी के मालिक को ही नुकसान झेलना पड़ता है। कुछ इंश्योरेंस कंपनियां गाड़ी उठाई जाने के दौरान होने वाले इस डैमेज के लिए मुआवजा को मंजूरी दे देती हैं। दूसरी तरफ आपकी गाड़ी की इंश्योरेंस पॉलिसी पर निर्भर करता है की गाड़ी उठाई जाने के दौरान होने वाले डैमेज को इंश्योरेंस क्लेम में कवर किया जाएगा या नहीं। अगर आपकी इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत गाड़ी के नुकसान की भरपाई नहीं हो सकती तो आप अदालत में अपील दायर कर सकते हैं।

क्या हैं नियम?

नियमों के अनुसार अगर गाड़ी उठाई जाने के दौरान ट्रैफिक पुलिस की लापरवाही की वजह से कार डैमेज होती है, तो पुलिस डिपार्टमेंट या फिर गाड़ी उठाने वाली कंपनी को मुआवजा भरना होगा। इसी तरह साल 2003 में मुंबई हाई कोर्ट ने एक केस की सुनवाई के दौरान फैसला सुनाते हुए कहा था कि अगर ट्रैफिक पुलिस की लापरवाही की वजह से कार डैमेज हो जाती है तो गाड़ी उठाने वाली कंपनी से मुआवजा वसूल किया जा सकता है।
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पवन कुमार मिश्रा Timesnowhindi.com के साथ फरवरी 2024 से बतौर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में जुड़े हैं। जन्म दिल्ली में हुआ और शिक्षा भी यहीं से पूरी की है। कारों से खास प्रेम है और ऑटोमोबाइल जगत से संबंधित हर छोटी-बड़ी अपडेट पर अपनी नजर रखते हैं और लोगों को गाड़ियों से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान करते हैं। इसके साथ ही लोगों की आम समस्याओं और समस्याओं के समाधान के बारे में यूटिलिटी सेक्शन में भी लिखते हैं। संगीत में काफी रूचि है और व्यस्त न होने पर गाने गुनगुनाते या सुनते हुए नजर आते हैं। घूमने का भी काफी शौक है और प्रकृति से काफी लगाव भी। रामजस कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है और इससे पहले बिजनेसवर्ल्ड हिंदी में बतौर सब-एडिटर भी काम कर चुके हैं। पिछले 3.5 सालों से मीडिया इंडस्ट्री में मौजूद हैं।

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