यूटिलिटी

रेलवे का 'इमरजेंसी कोटा' क्या है? अमृत भारत और वंदे भारत स्लीपर में भी मिलेगी अब सर्विस

भारतीय रेलवे की ओर सो यात्रियों की आकस्मिक यात्रा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इमरजेंसी कोटा की सुविधा उपलब्ध करवाई जाती है। अब यह सुविधा केवल सामान्य ट्रेनों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि अमृत भारत और वंदे भारत स्लीपर जैसी आधुनिक और प्रीमियम ट्रेनों में भी यात्रियों के लिए आरक्षित सीटों के रूप में मिलेगी।

_Emergency Quota

रेलवे का 'इमरजेंसी कोटा' (Photo: X handle @AshwiniVaishnaw)

रेलवे बोर्ड ने एक नया सर्कुलर जारी करते हुए साफ कर दिया है कि अमृत भारत और वंदे भारत स्लीपर में इमरजेंसी कोटा की सुविधा मिलेगी। यह निर्णय यात्रियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। रेलवे बोर्ड के इस कदम से जरूरतमंद यात्रियों को आपात स्थिति में कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ जाएगी। इससे पहले अभी तक इन ट्रेन में आपातकालीन सीटों की व्यवस्था मौजूद नहीं थी। इस आर्टिकल में आपको बताएंगे कि इमरजेंसी कोटा (Emergency Quota) क्या होता है और इस सुविधा का लाभ कौन-से यात्री ले सकते हैं-

इमरजेंसी कोटा क्या होता है?

भारतीय रेलवे में इमरजेंसी कोटा (Emergency Quota) पहले से मौजूद एक विशेष प्रावधान है, जिसके तहत चुनिंदा परिस्थितियों में सीमित सीटें आरक्षित रखी जाती हैं। अब इसे अमृत भारत एक्सप्रेस और वंदे भारत स्लीपर कैटेगरी में भी लागू करने का फैसला किया गया है। इस कोटे का उद्देश्य उन यात्रियों को मदद करना होता है, जिन्हें अचानक यात्रा करनी पड़ती है और सामान्य बुकिंग या तत्काल कोटा में टिकट उपलब्ध नहीं हो पाता। यह कोटा आमतौर पर मेडिकल इमरजेंसी, सरकारी ड्यूटी, या अन्य अत्यावश्यक कारणों के लिए उपयोग किया जाता है। इसमें सीटों की संख्या सीमित होती है और इसका आवंटन विशेष अनुमति के आधार पर किया जाता है।

किसे मिलता है इमरजेंसी कोटा

रेलवे के नियमों के अनुसार, गंभीर बीमारी, परिवार में आकस्मिक घटना या सरकारी कार्य से जुड़े मामलों में यात्री इमरजेंसी कोटा के लिए आवेदन कर सकते हैं। आमतौर पर संबंधित रेलवे अधिकारी या उच्चाधिकारियों की सिफारिश के बाद ही सीट आवंटित की जाती है। हर आवेदन को परिस्थिति की गंभीरता के आधार पर परखा जाता है।

सुविधा का न हो दुरुपयोग

आपातकालीन कोटा की सुविधा के दुरुपयोग से बचने के लिए यह सुविधा केवल अधिकृत अधिकारियों से प्राप्त लिखित अनुरोधों के आधार पर ही जारी की जाती है। हालांकि, कुछ लोग उच्च अधिकारियों के नकली लेटरहेड का इस्तेमाल कर कोटा लेने का प्रयास करते हैं। इस प्रकार के दुरुपयोग को रोकने के लिए रेलवे नियमित रूप से सभी इमरजेंसी कोटा अनुरोधों की सत्यता की जांच करता है। अगर अनुरोध या पत्र में संदेह होता है तो संबंधित व्यक्ति से फोन पर संपर्क कर पुष्टि की जाती है।

शिवानी कोटनाला
शिवानी कोटनाला author

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने ... और देखें

End of Article