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UPI बना सुपरफास्ट! GPay-PhonePe और Paytm पर रॉकेट की स्पीड से होंगे ट्रांजैक्शन, NPCI ने बदले नियम

NPCI New Rules UPI Payments Faster: NPCI ने सिस्टम पर लोड कम करने के लिए यह भी सुनिश्चित किया है कि कोई भी बैंक या पेमेंट ऐप 2 घंटे के अंदर किसी ट्रांजैक्शन का स्टेटस अधिकतम तीन बार ही चेक कर सकेगा। इससे सिस्टम पर लोड नहीं बढ़ेगा और परफॉर्मेंस बेहतर रहेगा। यहां हम सभी जरूरी बदलाव बता रहे हैं।

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Google Pay, PhonePe और Paytm जैसे प्रमुख पेमेंट ऐप्स पर लेन-देन का समय लगभग 30 सेकंड से घटाकर 15 सेकंड हो जाएगा।

NPCI New Rules UPI Payments Faster: यदि आप खरीदारी और बिल भरने के लिए यूपीआई का इस्तेमाल करते हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है। क्योंकि अब आप लगभग आधे समय में यूपीआई ट्रांजैक्शन कर सकेंगे। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने UPI ट्रांजैक्शन को और भी फास्ट और आसान बनाने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके अलावा यूपीआई पेमेंट में लगने वाले समय को आधा किया गया है। यानी Google Pay, PhonePe और Paytm जैसे प्रमुख पेमेंट ऐप्स पर लेन-देन का समय लगभग 30 सेकंड से घटाकर 15 सेकंड हो जाएगा।

10 सेकंड में पेमेंट स्टेटस

ट्रांजैक्शन स्पीड समय को कम करने के अलावा पेमेंट स्टेटस चेक करने के समय को भी काफी कम किया गया है। पहले जहां पेमेंट सफल होने की पुष्टि में 30 सेकंड तक का समय लग जाता था, वहीं अब यह समय घटकर सिर्फ 10 सेकंड हो गया है। इससे ग्राहकों को फास्ट रिस्पॉन्स मिलेगा और पेमेंट के दौरान होने वाली असमंजस की स्थिति कम होगी। उदाहरण के लिए, अगर कोई व्यक्ति किसी दुकान पर 500 रुपये का पेमेंट करता है, तो अब वह लेन-देन लगभग आधे समय में पूरा हो जाएगा, जिससे चेकआउट लाइन में कम समय लगेगा।

लंबित ट्रांजैक्शन के समाधान में भी तेजी

NPCI ने बैंक और पेमेंट ऐप्स के लिए पेंडिंग ट्रांजैक्शन की स्थिति जांचने की प्रोसेस को भी तेज कर दिया है। पहले यह जांच 90 सेकंड बाद की जाती थी, लेकिन अब इसे 45 से 60 सेकंड के बीच शुरू किया जा सकेगा। इससे असफल या रुकी हुई पेमेंट्स जल्दी सुलझ सकेंगी।

नेटवर्क फेलियर पर तुरंत फेल घोषित होगा ट्रांजैक्शन

अगर किसी कारणवश पेमेंट UPI सिस्टम तक पहुंच ही नहीं पाता है, जैसे कि नेटवर्क समस्या या तकनीकी गड़बड़ी के कारण, तो अब ऐसे ट्रांजैक्शन को ऑटोमैटिकली फेल घोषित कर दिया जाएगा। इससे यूजर को स्टेटस के लिए अनावश्यक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

स्टेटस चेक की लिमिट भी तय

NPCI ने सिस्टम पर लोड कम करने के लिए यह भी सुनिश्चित किया है कि कोई भी बैंक या पेमेंट ऐप 2 घंटे के अंदर किसी ट्रांजैक्शन का स्टेटस अधिकतम तीन बार ही चेक कर सकेगा। इससे सिस्टम पर लोड नहीं बढ़ेगा और परफॉर्मेंस बेहतर रहेगा। ये सारे बदलाव खासकर उन परिस्थितियों में मददगार होंगे जहां तेजी से पेमेंट करना जरूरी होता है- जैसे कि भीड़भाड़ वाले बाजारों, रेस्टोरेंट्स या ट्रांसपोर्ट हब्स में।

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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