यूटिलिटी

PPF Vs NPS: किस ऑप्शन में करें इन्वेस्ट ताकि मौज में बीते बुढ़ापा

रिटायरमेंट के बाद आपकी वित्तीय चुनौतियां बढ़ सकती हैं इसलिए यह जरूरी है कि आप अपना रिटायरमेंट अच्छे से प्लान कर लें। रिटायरमेंट प्लानिंग की बात होते ही हमें राष्ट्रीय पेंशन स्कीम या पब्लिक प्रोविडेंट फंड का ख्याल आता है। आईए जानते हैं इन दोनों इन्वेस्टमेंट ऑप्शंस में क्या फर्क है?

Image

PPF Vs NPS: आपके लिए क्या है बेहतर?

Photo : BCCL

PPF Vs NPS: रिटायरमेंट के बाद मंथली कमाई न होने की वजह से आपके सामने वित्तीय चुनौतियां बढ़ सकती हैं। इसीलिए यह बहुत जरूरी है कि आप अपना रिटायरमेंट अच्छे से प्लान कर ले। रिटायरमेंट प्लानिंग की बात होने पर हमारे दिमाग में राष्ट्रीय पेंशन सिस्टम (NPS) या फिर पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) का ख्याल आता है। जहां राष्ट्रीय पेंशन सिस्टम एक पेंशन योजना है, वहीं पब्लिक प्रोविडेंट फंड का इस्तेमाल आप अन्य जरूरतों के लिए भी कर सकते हैं। लेकिन अगर आपको इन दोनों ही ऑप्शंस में से किसी एक को चुनना हो तो आपके लिए बेहतर ऑप्शन क्या हो सकता है? आइए जाने की कोशिश करते हैं।

राष्ट्रीय पेंशन सिस्टम (NPS)

राष्ट्रीय पेंशन सिस्टम एक मार्केट लिंक्ड योजना है। इसका मतलब यह है कि NPS में आपको एक समान रिटर्न की गारंटी नहीं मिलती। NPS में आपको प्राप्त होने वाला रिटर्न फंड मैनेजर पर निर्भर करता है। क्योंकि NPS एक मार्केट लिंक्ड ऑप्शन है इसलिए PPF के मुकाबले यह कम सुरक्षित मानी जाती है। NPS में इनवेस्ट की गई रकम पर इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C के तहत आपको 1.5 लाख रुपए तक की टैक्स छूट मिलती है। NPS अकाउंट 60 साल पूरे हो जाने पर ही मैच्योर होता है। हालांकि आप चाहें तो अकाउंट खोले जाने के 3 साल के बाद ही इन्वेस्ट किए गए पैसों का 25% हिस्सा निकाल सकते हैं। ध्यान रहे कि NPS में इन्वेस्ट किए गए पैसों को आप सिर्फ तीन बार आंशिक रूप से निकाल सकते हैं। फिलहाल NPS में इन्वेस्ट किये गए पैसों पर आपको 7.1% का सालाना रिटर्न मिलता है।

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) में इन्वेस्ट किए गए पैसों पर आपको सरकार की गारंटी मिलती है। इसके साथ ही PPF में इन्वेस्ट किए गए पैसों पर आपको एक समान रिटर्न मिलता है, जिस वजह से यह ज्यादा सुरक्षित है। PPF अकाउंट 15 साल के बाद मैच्योर हो जाता है। PPF अकाउंट खोले जाने के 5 सालों के बाद आप आंशिक रूप से पैसे निकाल सकते हैं। सालाना अगर आप पीपीएफ अकाउंट में 1.5 लाख रुपए इन्वेस्ट करते हैं तो इस पर इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट मिलती है। इसके साथ ही इंटरेस्ट रेट और मैच्योरिटी के बाद प्राप्त होने वाली रकम भी टैक्स फ्री होती है। अगर आप अभी PPF में इन्वेस्ट करते हैं तो आपको 7.1% का सालाना इंटरेस्ट रेट मिलता है।
pawan mishra
Pawan Mishra author

पवन कुमार मिश्रा Timesnowhindi.com के साथ फरवरी 2024 से बतौर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में जुड़े हैं। जन्म दिल्ली में हुआ और शिक्षा भी यहीं से पूरी की है। कारों से खास प्रेम है और ऑटोमोबाइल जगत से संबंधित हर छोटी-बड़ी अपडेट पर अपनी नजर रखते हैं और लोगों को गाड़ियों से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान करते हैं। इसके साथ ही लोगों की आम समस्याओं और समस्याओं के समाधान के बारे में यूटिलिटी सेक्शन में भी लिखते हैं। संगीत में काफी रूचि है और व्यस्त न होने पर गाने गुनगुनाते या सुनते हुए नजर आते हैं। घूमने का भी काफी शौक है और प्रकृति से काफी लगाव भी। रामजस कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है और इससे पहले बिजनेसवर्ल्ड हिंदी में बतौर सब-एडिटर भी काम कर चुके हैं। पिछले 3.5 सालों से मीडिया इंडस्ट्री में मौजूद हैं।

और पढ़ें
End of Article