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रेलवे का बड़ा फैसला, वंदे भारत और शताब्दी में नहीं मिलेगी 1 लीटर वाली पानी की बोतल

भारतीय रेलवे की तरफ से इस वक्त एक काफी बड़ी खबर सामने आ रही है। वंदे भारत और शताब्दी जैसी प्रीमियम ट्रेनों में यात्रा करने वाले यात्रियों को अब 1 लीटर वाली पानी की बोतल नहीं दी जाएगी। रेलवे का कहना है कि जल संरक्षण के तहत यह फैसला लिया गया है। काफी समय से रेलवे प्रीमियम ट्रेनों में 1 लीटर वाली रेल नीर की बोतल देता आया है।

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वंदे भारत और शताब्दी में सफर करने वालों को नहीं मिलेगी 1 लीटर वाली पानी की बोतल

Indian Railway: हाल ही में भारतीय रेलवे की तरफ से एक काफी महत्त्वपूर्ण अपडेट सामने आ रहा है। वंदे भारत, राजधानी, शताब्दी जैसी भारतीय रेलवे की प्रीमियम ट्रेनों से यात्रा करने पर शुरुआत में ही रेलवे 1 लीटर वाली पानी की बोतल देता है। लेकिन अब जल्द ही वंदे भारत और शताब्दी ट्रेनों में यात्रियों को 1 लीटर वाली रेलवे नीर की पानी की बोतलें नहीं मिलेगी। इसके बजाय रेलवे यात्रियों को 500 ml वाली पानी की बोतलें देगा। रेलवे ने जल संरक्षण, वनरोपण और पानी रिसाइकल करने के विभिन्न नियमों के तहत ये बड़ा फैसला लिया है।

कम होगा नुकसान

उत्तरी रेलवे के चीफ पब्लिक रिलेशन ऑफिसर दीपक कुमार ने बताया कि यह फैसला बोतल बंद पानी के अनावश्यक इस्तेमाल को कम करने के उद्देश्य से लिया गया है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि 500 ml वाली पानी की बोतलें प्रदान करके रेलवे, वंदे भारत जैसी कम दूरी वाली ट्रेनों में पानी के इस्तेमाल के साथ सामंजस्य बिठा पाएगा। दूसरी तरफ राजधानी एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनें भी हैं जो लंबी दूरी तय करती हैं। इन प्रीमियम ट्रेनों में 1 लीटर वाली रेल नीर कि पानी की बोतल ही यात्रियों को दी जाएगी।

वंदे भारत से पहले

इससे पहले शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेनों में 500 ml वाली पानी की बोतल यात्रियों को दी गई थी। 8.5 घंटे से कम समय यात्रा करने वाली ट्रेनों में यात्रियों को 500 ml वाली पानी की बोतलें ही प्रदान की जाएंगी। भारतीय रेलवे ने यह फैसला जल संरक्षण को ध्यान में रखकर लिया है। आपको बता दें, रेलवे रोजाना 32 प्लांट्स की मदद से लगभग 1 करोड़ लीटर पानी को रिसाइकिल करता है। इसके साथ ही रेलवे ने 158 जलाशय भी बनाये हैं जिनमें बारिश का पानी इकट्ठा किया जाएगा। इतना ही नहीं, रेलवे ने बोगियों की धुलाई के लिए 3 ऑटोमेटिक प्लांट भी लगाए हैं जिससे रेलवे पानी की ज्यादा बचत कर पा रहा है।
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पवन कुमार मिश्रा Timesnowhindi.com के साथ फरवरी 2024 से बतौर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में जुड़े हैं। जन्म दिल्ली में हुआ और शिक्षा भी यहीं से पूरी की है। कारों से खास प्रेम है और ऑटोमोबाइल जगत से संबंधित हर छोटी-बड़ी अपडेट पर अपनी नजर रखते हैं और लोगों को गाड़ियों से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान करते हैं। इसके साथ ही लोगों की आम समस्याओं और समस्याओं के समाधान के बारे में यूटिलिटी सेक्शन में भी लिखते हैं। संगीत में काफी रूचि है और व्यस्त न होने पर गाने गुनगुनाते या सुनते हुए नजर आते हैं। घूमने का भी काफी शौक है और प्रकृति से काफी लगाव भी। रामजस कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है और इससे पहले बिजनेसवर्ल्ड हिंदी में बतौर सब-एडिटर भी काम कर चुके हैं। पिछले 3.5 सालों से मीडिया इंडस्ट्री में मौजूद हैं।

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