बुढ़ापे में पैसों की चिंता हर किसी को रहती है, लेकिन खेती-किसानी करने वाले छोटे और सीमांत किसानों के लिए यह परेशानी और भी बड़ी हो सकती है। ऐसे किसानों को आर्थिक सहारा देने के लिए केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना चलाई जा रही है। बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने फेसबुक पोस्ट के जरिए इस योजना की जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत पात्र किसानों को 60 साल की उम्र पूरी होने के बाद हर महीने 3,000 रुपये पेंशन देने का प्रावधान है।
60 साल के बाद हर महीने 3,000 रुपये पेंशन
प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना का उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को बुढ़ापे में आर्थिक सुरक्षा देना है। इस योजना के तहत पात्र किसान 60 वर्ष की उम्र पूरी होने के बाद हर महीने 3,000 रुपये पेंशन पाने के हकदार होते हैं। इस तरह सालभर में पेंशन की कुल रकम 36,000 रुपये होती है। इससे किसानों को खेती पर निर्भरता कम करने और बुढ़ापे में अपने जरूरी खर्च पूरे करने में मदद मिल सकती है।
छोटे और सीमांत किसानों के लिए क्यों खास है यह योजना?
खेती में आमदनी हमेशा एक जैसी नहीं रहती। कभी मौसम की मार तो कभी फसल की कीमतों में गिरावट किसानों की आर्थिक स्थिति को प्रभावित करती है। ऐसे में उम्र बढ़ने के साथ नियमित आमदनी का जरिया होना काफी अहम है। किसान मानधन योजना इसी जरूरत को ध्यान में रखकर शुरू की गई है। इसका मकसद किसानों को वृद्धावस्था में आर्थिक सहारा देना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाए रखना है। इस योजना की शुरुआत साल 2019 में हुई थी।
योजना का लाभ लेने के लिए क्या जरूरी है?
यह योजना सभी किसानों के लिए नहीं, बल्कि निर्धारित पात्रता शर्तें पूरी करने वाले छोटे और सीमांत किसानों के लिए है। सामान्य तौर पर 18 से 40 वर्ष की उम्र के पात्र किसान इसमें शामिल हो सकते हैं। इसमें किसान को अपनी उम्र के अनुसार हर महीने तय अंशदान जमा करना होता है। शामिल होने के बाद हर महीने 55 रुपये से 200 रुपये योजना में जमा करना होता है।
60 साल की उम्र पूरी होने पर उन्हें 3,000 रुपये मासिक पेंशन मिलती है। पात्रता, अंशदान और आवेदन से जुड़ी शर्तों की जानकारी आधिकारिक माध्यम से जरूर जांचनी चाहिए। इसमें शामिल होने वाले किसानों के पास 2 हेक्टेयर जमीन होनी चाहिए। https://pmkmy.gov.in/ पर जाकर इसके लिए अप्लाई किया जा सकता है।
किसानों को सामाजिक सुरक्षा देने की पहल
बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने अपनी फेसबुक पोस्ट में किसानों के सम्मान और सुरक्षित बुढ़ापे पर जोर दिया है। इस योजना के जरिए किसानों को उम्र के उस पड़ाव पर आर्थिक मदद देने का प्रयास किया जा रहा है, जब नियमित रूप से काम करना मुश्किल हो सकता है। हालांकि, योजना का लाभ पाने के लिए निर्धारित नियमों और शर्तों को पूरा करना जरूरी है।
