How to Save Money from Your Salary: आज के समय में बजट बनाना और उसके हिसाब से चलना काफी मुश्किल काम हैं। ऐसे में कमाई ज्यादा होने के बाद भी बचत बहुत कम हो पाती है। यदि आप भी इसी तरह की समस्या का सामना कर रहे हैं तो इसका मतलब है कि बजटिंग या खर्च की प्लानिंग में कोई कमी है। ऐसे में तो यह खबर आपके लिए है। यहां हम आपको सैलरी से बचत करने के 5 कारगर तरीके बता रहे हैं।
इस नियम के तहत बनाए बजट
बजट बनाना आपके खर्चों को कंट्रोल करने का सबसे अच्छा तरीका है। इसमें आपकी जरूरतें (जैसे रेंट, बिल) और शौक (जैसे शॉपिंग, बाहर खाना) शामिल होती हैं। बजट बनाने के लिए आप सैलरी को 50-30-20 के नियम से बांट सकते हैं।- 50% जरूरी खर्चों के लिए (रेंट, ग्रॉसरी)।
- 30% अपनी पसंद और शौक के लिए (मनोरंजन)।
- 20% सेविंग्स और निवेश के लिए।
ऐसे बनाएं बजट
अगर आपकी सैलरी 50,000 रुपये है, तो 25,000 रुपये जरूरी खर्चों में, 15,000 आपके मनोरंजन में और 10,000 रुपये बचत में डालें। इससे आप साल के आखिरी तक कम से कम 1,20000 रुपये की बजट कर सकेंगे।
ऑटोमेट सेविंग (Automatic Savings)
सैलरी आने के बाद बचत करना मुश्किल काम लगता है, लेकिन ऑटोमेट सेविंग्स से यह काम आसान हो सकता है। आपको अपने बैंक अकाउंट में एक अलग सेविंग अकाउंट खोलना चाहिए। इसके बाद अपनी सैलरी आते ही एक निश्चित राशि (जैसे 5000 या 10,000 रुपये) अपने सेविंग अकाउंट में ट्रांसफर कर दें।
क्रेडिट कार्ड का सोच-समझकर इस्तेमाल करें
यदि आपकी सेविंग नहीं हो पाती है तो क्रेडिट कार्ड का बहुत कम या केवल जरूरत पर ही इस्तेमाल करें। बिना सोचे-समझे क्रेडिट कार्ड का उपयोग आपके खर्च को बढ़ा सकता है। केवल जरूरी चीजों के लिए क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करें। वहीं बिल को समय पर चुकाना चाहिए इससे आप अनावश्यक ब्याज से बच सकते हैं।
बेमतलब के खर्चों को ट्रैक करें
कई बार छोटे-छोटे खर्च, जैसे हर दिन महंगी कॉफी और बाहर खाना बड़ा बोझ बन जाते हैं। इस तरह के खर्चों को एक डायरी या ऐप में लिखें। वहीं महीने के लास्ट में इस खर्चे को देखें कि आपने कितने पैसे इन चीजों पर खर्च किए हैं। इसी तरह अन्य गैरजरूरी खर्चों को पहचानें और उन्हें कम करें।
अतिरिक्त आय के सोर्स बनाएं
अतिरिक्त आय के सोर्स से आपकी बचत और खर्चों को बैलेंस करने में मदद मिल सकती है। इसके लिए आप पार्ट-टाइम काम कर सकते हैं। या अपनी स्किल्स से फ्रीलांसिंग या ट्यूशन दे सकते हैं।
