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बुकिंग के ढाई दिन के अंदर हो जाएगी गैस सिलेंडर की डिलीवरी, सरकार ने करोड़ों लोगों को दी बड़ी राहत

LPG Gas सप्लाई बाधित होने की आशंका के बीच सरकार की तरफ से उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी गई है। सरकार ने गैस सिलेंडर डिलीवरी को लेकर बड़ी जानकारी शेयर की है।

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आसानी होगी गैस सिलेंडर की डिलीवरी। (फोटो क्रेडिट-iStock)

देशभर में चल रही गैस की किल्लत के बीच में सरकार ने बड़ी राहत की खबर दी है। सरकार की ओर से बताया गया है कि सिलेंडर की सप्लाई में कोई कमी नहीं है। अगर कोई उपभोक्ता गैस सिलेंडर की बुकिंग करता है तो उसे ढाई दिन के अंदर डिलीवरी हो जाएगी। सरकार की इस पहल से देश के करोड़ों उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी। सरकार के मुताबिक रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर किसी भी तरह से घबराने की जरूरत नही हैं।

आपको बता दें कि देश में एलपीजी गैस की शॉर्टेज को लेकर लगातार आ रही अफवाहों को विराम देते हुए अब सरकार ने बड़ी जानकारी दी है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा के मुताबिक उपभोक्ताओं को गैस बुकिंग के सिर्फ ढाई दिन में ही सिलेंडर डिलीवर होगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि घबराहट में सिलेंडर बुक करके जमा न करें।

सरकार उठा रही है कारगर कदम

आपको बता दें कि इजराइल, ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे वॉर की वजह से हॉर्मूज स्ट्रेट का व्यापार यातायात बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। अब इसका असर देश के अलग अलग हिस्सों में भी देखने को मिल रहा है। पिछले कई दिनों से ऐसी खबरें लगातार आ रही हैं कि देश में एलपीजी की सप्लाई प्रभावित हो सकती है और इसी वजह से लोगों ने गैस एजेंसी में सिलेंडर लेने के लिए लंबी लंबी लाइन लगा दी।

सेक्रेटरी सुजाता शर्मा के मुताबिक LPG की बढ़ी लागत का बोझ सरकार ने उठाया है और भारत में अभी भी पड़ोसी देशों के मुकाबले LPG काफी सस्ती है। उन्होंने कहा कि इस ग्लोबल संकट के बीच में सरकार लगातार वह प्रयास कर रही है जिससे देश के नागरिकों को ऊर्जा सप्लाई बनी रहे। आपको बता दें कि सरकार की तरफ से बुकिंग साइकल में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। वह अब भी 25 दिन ही रहेगा।

स्रोतों में सरकार ने किया बड़ा बदलाव

सरकार के अनुसार भारत ने ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित बनाए रखने के लिए अपने कच्चे तेल के स्रोतों में बड़ा बदलाव किया है। अब भारत लगभग 40 देशों से कच्चा तेल खरीद रहा है। पहले भारत के कुल कच्चे तेल का लगभग 55% हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य के अलावा दूसरे रास्तों से आता था, लेकिन अब यह बढ़कर करीब 75% हो गया है। इससे तेल की सप्लाई में रुकावट आने का खतरा पहले के मुकाबले कम हो गया है।

Gaurav Tiwari
गौरव तिवारी author

गौरव तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट को कवर करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों के अनुभव के साथ, गौरव तकनीकी दुनिया की तेजी से ... और देखें

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