एक टिकट, दो सफर! रेलवे का यह 'सीक्रेट नियम' बचाएगा आपके हजारों रुपए
- Authored by: शिवानी कोटनाला
- Updated Feb 18, 2026, 11:04 AM IST
Break Journey Rule : ट्रेन से सफर करते हैं तो आपको भारतीय रेलवे के ब्रेक जर्नी रूल की भी जानकारी होनी चाहिए। इस नियम की जानकारी बहुत कम लोगों को होती है। इस नियम के साथ आप एक टिकट पर दो सफर का लाभ ले सकते हैं।
रेलवे का ब्रेक जर्नी रूल क्या है (Photo: AI Generated)
Break Journey Rule: भारत में ट्रेन से रोजाना 2 करोड़ से ज्यादा लोग सफर करते हैं। त्योहारों के मौकों पर यह संख्या और भी बढ़ जाती है। इतनी अधिक संख्या में यात्रियों की बेहतर सुविधा के लिए भारतीय रेलवे की ओर से कई नियम भी बनाए गए हैं, जिनमें ऐसे कई नियम हैं जिनकी जानकारी बहुत कम यात्रियों को होती है। इनमें एक महत्वपूर्ण नियम रेलवे का ब्रेक जर्नी (Break Journey) नियम है। इस नियम के तहत अगर आप लंबी दूरी की यात्रा कर रहे हैं तो बीच के किसी स्टेशन पर कुछ समय के लिए रुक सकते हैं और फिर उसी टिकट पर आगे की यात्रा जारी रख सकते हैं। आइए जल्दी से भारतीय रेलवे के Break Journey Rule को लेकर सभी जरूरी बातों पर एक नजर डाल लें-
रेलवे का Break Journey Rule क्या है
ब्रेक जर्नी का मतलब है एक ही टिकट पर स्रोत (Source) से गंतव्य (Destination) तक यात्रा करते समय बीच के किसी स्टेशन पर निर्धारित समय के लिए रुकना। इसके बाद यात्री उसी टिकट के साथ अपनी आगे की यात्रा पूरी कर सकता है।
कौन-से यात्रियों के लिए है सुविधा
- आमतौर पर यह सुविधा तब लागू होती है जब आपकी यात्रा 500 किलोमीटर से अधिक की हो।
- 500 से 1000 किमी तक की यात्रा पर सामान्यतः 1 ब्रेक जर्नी की अनुमति मिलती है।
- 1000 किमी से अधिक की दूरी पर 2 ब्रेक जर्नी की अनुमति दी जा सकती है।
- एक ब्रेक जर्नी का मतलब है कि आप बीच में अधिकतम 2 दिन का ब्रेक ले सकते हैं।
हालांकि, यह नियम ट्रेन के प्रकार और टिकट श्रेणी के अनुसार थोड़ा अलग हो सकता है। इसके अलावा, कुछ ट्रेनों जैसे राजधानी एक्सप्रेस, शताब्दी एक्सप्रेस आदि के टिकटों पर ब्रेक ऑफ जर्नी की अनुमति नहीं है।
प्रक्रिया क्या है?
जिस स्टेशन पर आप रुकना चाहते हैं, वहां उतरकर आपको अपने टिकट पर स्टेशन मास्टर से ब्रेक जर्नी की आधिकारिक एंट्री या मुहर लगवानी होती है। बिना इस प्रक्रिया के आगे की यात्रा मान्य नहीं मानी जाएगी। यात्रियों को अपने टिकट पर एंडोर्समेंट (Endorsement) करवाना अनिवार्य है। इस एंडोर्समेंट में स्टेशन कोड, स्टेशन मास्टर के प्रारंभिक अक्षर (initials) और तारीख शामिल होनी चाहिए।
किन बातों का रखें ध्यान?
- रिजर्वेशन टिकट में आगे की यात्रा उसी ट्रेन या उपलब्धता के अनुसार ही संभव होती है।
- कुछ विशेष ट्रेनों (जैसे प्रीमियम या स्पेशल ट्रेन) में यह सुविधा लागू नहीं भी हो सकती है।
कौन-से यात्रियों के लिए उपयोगी
ब्रेक जर्नी का यह नियम उन यात्रियों के लिए बेहद उपयोगी है जो लंबी यात्रा के दौरान किसी शहर में रुककर घूमना या किसी से मिलना चाहते हैं। सही जानकारी होने पर आप अपने एक ही टिकट का बेहतर उपयोग कर सकते हैं और अतिरिक्त खर्च से बच सकते हैं।
