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परिवार में किसी की मौत के बाद आधार कार्ड बंद कराना क्यों जरूरी, कैसे कराएं डीएक्टिवेट? जानें पूरा प्रोसेस

Aadhaar Update: परिवार में किसी के निधन के बाद पहचान के दुरुपयोग और धोखाधड़ी से बचने के लिए यूआईडीएआई (UIDAI) के माई-आधार पोर्टल पर मृत्यु प्रमाण पत्र अपलोड कर कार्ड डीएक्टिवेट कराने की सुविधा मिलती है।

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जानें मृत व्यक्ति के आधार कार्ड को डीएक्टिवेट करने का तरीका

Photo : iStock

Aadhaar Update : परिवार में किसी अपने के निधन के बाद बहुत सी कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताओं को पूरा करना होता है, जिनमें बैंक अकाउंट और अन्य जरूरी सेवाओं से जुड़े दस्तावेजों को अपडेट करना भी शामिल है। पहचान के किसी भी तरह के दुरुपयोग या फ्रॉड की आशंका को कम करने के लिए मृत व्यक्ति के पहचान पत्र को बंद करना बेहद जरूरी हो जाता है। यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी UIDAI ने इसके लिए एक ऑनलाइन सुविधा दी है, जिससे घर बैठे ही मृत व्यक्ति के पहचान पत्र को बंद करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।

जरूरी दस्तावेज और जानकारियां

इस प्रक्रिया को शुरू करने से पहले आपके पास कुछ खास दस्तावेज और जानकारियां होनी चाहिए। सबसे पहले मृत व्यक्ति का डेथ सर्टिफिकेट यानी मृत्यु प्रमाण पत्र होना चाहिए, जिसकी डिजिटल या स्कैन कॉपी अपलोड करनी होगी। इसके अलावा मृत व्यक्ति का 12 अंकों का पहचान नंबर, प्रक्रिया को पूरा करने वाले परिवार के सदस्य की पहचान का विवरण और उनका आधार से लिंक मोबाइल नंबर होना बेहद जरूरी है, क्योंकि इस पर ओटीपी आधारित वेरिफिकेशन किया जाता है। साथ ही, मृत व्यक्ति की बेसिक डेमोग्राफिक जानकारी भी साथ रखनी चाहिए।

आधार कार्ड डीएक्टिवेट करने की ऑनलाइन प्रक्रिया

इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए आपको यूआईडीएआई के आधिकारिक माई-आधार पोर्टल पर जाना होगा। सबसे पहले पोर्टल पर अपने आधार नंबर और ओटीपी के जरिए लॉग-इन करें। इसके बाद सेवाओं के विकल्प में जाकर परिवार के सदस्य की मृत्यु की रिपोर्ट करने वाले ऑप्शन का चुनाव करें। अब मृत व्यक्ति का आधार नंबर और मृत्यु पंजीकरण संख्या यानी डेथ रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें। इसके बाद मृत्यु प्रमाण पत्र की स्कैन की गई कॉपी को पोर्टल पर अपलोड कर दें। प्रक्रिया पूरी होने के बाद आपको एक सर्विस रिक्वेस्ट नंबर यानी एसआरएन मिलेगा, जिसे भविष्य के संदर्भ के लिए सुरक्षित रख लें।

क्या तुरंत बंद हो जाता है कार्ड?

यहां यह ध्यान रखना जरूरी है कि मृत्यु की रिपोर्ट ऑनलाइन दर्ज करते ही पहचान पत्र तुरंत बंद या डीएक्टिवेट नहीं हो जाता है। यह प्रक्रिया का सिर्फ पहला चरण है। यूआईडीएआई पहले आपके द्वारा दी गई सभी जानकारियों और दस्तावेजों की पूरी तरह से जांच और सत्यापन करता है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाती है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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