वाह क्या बात है! एक चाय बेचने वाले की बेटी ने फ्लाइंग ऑफिसर बन पिता का सिर किया ऊंचा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 23, 2020, 01:58 PM IST

Daughter of a Tea Seller become Flying Officer in IAF: कहते हैं कि हौंसलों में दम हो तो हर सफर छोटा लगता है, इसी बात को नीमच मध्यप्रदेश की एक लड़की आंचल गंगवाल ने सिद्ध कर दिखाया है।

वाह क्या बात है! एक चाय बेचने वाले की बेटी ने फ्लाइंग ऑफिसर बन पिता का सिर किया ऊंचा

भोपाल: एक पिता अपने बच्चों को वो सब हासिल करते देखना चाहता है जो वो अपने जीवन में नहीं पाया हो और ऐसे पिता बड़े भाग्यशाली होते हैं जिनके बच्चे विपरीत परिस्थितियों में भी उनका नाम रोशन कर देते हैं, मध्यप्रदेश के नीमच में चाय बेचने वाले की 24 साल की बेटी आंचल गंगवाल भारतीय वायुसेना (IAF) में फ्लाइंग ऑफिसर बन गईं हैं।आंचल के पिताजी सुरेश गंगवाल मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से करीब 400 किलोमीटर दूर नीमच में बस स्टैंड पर पिछले करीब 25 साल से एक छोटी सी चाय की दुकान चलाते हैं।

सुरेश गंगवाल ने बताया, 'वर्ष 2013 में उत्तराखंड के केदारनाथ में आई भीषण त्रासदी के बाद वायुसेना के कर्मचारी बहादुरी से वहां लोगों की मदद करने में लगे थे।इसे आंचल ने देखा था और तब से ही फ्लाइंग ऑफिसर बनने का सपना देखा था, जो अब साकार हुआ है।' पिता अपनी बेटी की इस अपार सफलता पर बेहद खुश हैं और इसका श्रेय वो अपनी बेटी को देते हैं।

उन्होंने कहा कि अपने सपने को साकार करने के लिए आंचल ने किताबें एकत्र कीं और परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। सुरेश ने बताया कि आंचल छठे प्रयास में इस परीक्षा को पास करने में सफल रही।उन्होंने कहा, 'मैं पिछले करीब 25 साल से चाय की दुकान चलाता हूं। इसलिए कोई भी मेरी आर्थिक स्थिति के बारे में समझ सकता है कि यह कैसी है?'

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वहीं आंचल की इस असाधारण सफलता पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट किया, 'नीमच में चाय की दुकान लगाने वाले सुरेश गंगवाल जी की बेटी आंचल अब वायुसेना में फाइटर प्लेन उड़ाएगी। मध्यप्रदेश को गौरवान्वित करने वाली बेटी आंचल अब देश के गौरव और सम्मान की रक्षा के लिए अनंत आकाश की ऊंचाइयों में उड़ान भरेगी। बेटी को बधाई, आशीर्वाद और शुभकामनाएं।'

हाई स्कूल पास सुरेश ने बताया, 'कई बार मेरे पास अपनी बेटी की स्कूल या कॉलेज की फीस भरने के लिए पैसे भी नहीं होते थे। कई बार मैंने लोगों से उधार लेकर उसकी फीस भरी।' उन्होंने कहा कि उसका फ्लाइंग ऑफिसर बनना हमारे लिए गर्व की बात है। 

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