Viral Photo: सोशल मीडिया (Social Media) पर रोजना सैकड़ों तस्वीरें वायरल (Viral Photo) होती हैं। इनमें कुछ तस्वीरें दिल को सुकून देने वाली होती है, जबकि कुछ को देखकर हैरानी होती है। वहीं, कुछ तस्वीरें ऐसी होती हैं, जो लोगों का दिल जीत लेती है और यूजर्स उसकी तारीफ करते नहीं थकते। एक ऐसी ही तस्वीर इन दिनों सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं, जिसमें एक बच्ची अपनी दुधमुंहे बहन को गोद में लेकर स्कूल जाती है और पढ़ाई करती है। जिसने भी इस तस्वीर को देखा वो भावुक हो गया। इतना ही नहीं इस फोटो को देखने के बाद मंत्री जी की भी आंखें नम हो गई। तो आइए, जानते हैं क्या है पूरा मामला?
वायरल तस्वीर मणिपुर के जेलियांग्रोंग नागा बहुल तामेंगलोंग जिले की है। तस्वीर में दिख रही बच्ची का नाम मानिंगसिलिउ पमेई है और उसकी उम्र 10 साल है। पमेई के माता-पिता दोनों काम करते हैं। वहीं, पेमई डेलोंग प्राथमिक विद्यालय में कक्षा एक की छात्रा है। पमेई नियमित रूप से स्कूल जाती है और साथ में अपने दुधमुंहे बहन को भी स्कूल लेकर जाती है। उसी के ऊपर अपने भाई को पालने की जिम्मेदारी है। तस्वरी में आप देख सकते हैं किस तरह अपने भाई को गोद में लेकर बैठी है और खुद पढ़ाई कर रही है। उसका भाई गोद में आराम से सो रहा है और वह कॉपी पर लिख रही है।
तस्वीर देख लोगों की आंखें हुई नम
रिपोर्ट के अनुसार, मानिंगसिलिउ चार भाई-बहनों में सबसे बड़ी है। माता-पिता पर काम जाते हैं और वो घर पर छोटे-भाई बहनों की देखभाल करती है। हालांकि, अन्य भाई-बहन बड़े हैं तो उसे अपने साथ स्कूल नहीं ले जाती है, लेकिन दुधमुंहे बहन को वो अपने साथ स्कूल लेकर जाती है। लोग पमेई की इस तस्वीर को देखकर काफी हैरान भी हैं और पढ़ाई के प्रति उसका डेडिकेशन देखकर तारीफ भी कर रहे हैं। अब यह तस्वीर सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर शेयर हो रही है और लोग इस बच्ची की तारीफ कर रहे हैं। मंत्री बीस्वजीत सिंह ने इस तस्वीर को देखने के बाद कहा, ' शिक्षा के लिए उसके समर्पण ने मुझे चकित कर दिया है! तामेंगलोंग, मणिपुर की मीनिंगसिनलियू पमेई नाम की यह 10 वर्षीय लड़की अपनी बहन को पालने-पोसने के लिए स्कूल जाती है, क्योंकि उसके माता-पिता अपनी छोटी बहन को गोद में रखते हुए खेती और पढ़ाई के लिए बाहर जाते हैं'। इतना ही नहीं बिस्वजीत ने बच्ची की शिक्षा का जिम्मा भी उठाया है। उन्होंने पमेई के परिवार को 11 हजार रुपए की सहायत राशि भी दी है। वहीं, मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने एक चाइल्डलाइन सेवा दल को उसके घर भेजा और दल ने बच्ची की सहायता की। साथ ही परिवार को राशन भी प्रदान किया गया।

