आज के समय में मोबाइल फोन हमारी जिंदगी का एक जरूरी हिस्सा बन गया है। हम मोबाइल का इस्तेमाल बात करने, वीडियो देखने, गेम खेलने, इंटरनेट चलाने और कई दूसरे कामों के लिए करते हैं। लेकिन आपने अक्सर देखा होगा कि नया मोबाइल खरीदने के बाद उसकी बैटरी लंबे समय तक चलती है, जबकि कुछ महीनों या फिर एक आध साल बाद नए फोन की बैटरी जल्दी-जल्दी खत्म होने लगती है। इसकी वजह से स्मार्टफोन को दिन में कई बार चार्जिंग पर लगाना पड़ता है।
अक्सर लोगों को लगता है कि फोन में कुछ गड़बड़ी है जिसकी वजह से बैटरी तेजी से खत्म हो रही है लेकिन ऐसा हर बार हो यह जरूरी नहीं है। कई बार हमारे गलत तरीके से इस्तेमाल करने की वजह से फोन की बैटरी तेजी से खत्म होती है। आइए आपको बताते हैं कि मोबाइल की बैटरी धीरे-धीरे कमजोर क्यों होने लगती है?
बार-बार मोबाइल चार्ज करने से बैटरी पर क्या असर पड़ता है?
मोबाइल की बैटरी को बार-बार चार्ज करने और इस्तेमाल करने से समय के साथ उसकी ताकत कम होने लगती है। आजकल ज्यादातर मोबाइल में लिथियम-आयन या लिथियम-पॉलीमर बैटरी लगी होती है। इन बैटरियों के अंदर कुछ खास रासायनिक प्रक्रियाएं होती हैं, जिनकी मदद से बैटरी बिजली जमा करती है और मोबाइल को चलाती है। लेकिन हर बार चार्ज करने और बैटरी इस्तेमाल करने पर इन प्रॉसेस में थोड़ा बदलाव आता है। धीरे-धीरे बैटरी की बिजली जमा करने की क्षमता कम होने लगती है। इसी वजह से पुरानी बैटरी पहले के मुकाबले कम समय तक चलती है।
बैटरी कमजोर होने का एक बड़ा कारण यह भी
मोबाइल की बैटरी का सबसे बड़ा दुश्मन गर्मी है। जब हम लंबे समय तक गेम खेलते हैं, लगातार वीडियो देखते हैं या मोबाइल को गर्म जगह पर रखते हैं, तो उसका तापमान बढ़ सकता है। चार्जिंग के दौरान भी मोबाइल गर्म हो सकता है। ज्यादा गर्मी बैटरी के अंदर होने वाली रासायनिक प्रक्रियाओं को तेज कर देती है, जिससे बैटरी जल्दी पुरानी होने लगती है। इसलिए मोबाइल को धूप में रखना, बहुत गर्म जगह पर इस्तेमाल करना और गर्म होने पर लगातार चलाते रहना बैटरी के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
रातभर चार्जिंग पर लगाना
बहुत से लोग अपने मोबाइल को रात में चार्जिंग पर लगाकर सो जाते हैं। आमतौर पर आज के मोबाइल पूरी तरह चार्ज होने पर चार्जिंग को नियंत्रित कर लेते हैं, इसलिए रातभर चार्जिंग पर लगा रहना अपने आप में तुरंत बैटरी खराब होने का कारण नहीं है। हालांकि, लंबे समय तक 100 प्रतिशत चार्ज पर रहना और लगातार गर्मी में रहना बैटरी की उम्र को धीरे-धीरे कम कर सकता है। इसलिए अगर आपके मोबाइल में बैटरी चार्जिंग लिमिट या ऑप्टिमाइज्ड चार्जिंग का विकल्प है, तो उसका इस्तेमाल करना फायदेमंद हो सकता है।
मोबाइल की बैटरी को बार-बार बिल्कुल खत्म करना
कई लोग मोबाइल की बैटरी 0 प्रतिशत होने तक उसका इस्तेमाल करते रहते हैं और फिर उसे चार्ज करते हैं। ऐसा कभी-कभार होने से आमतौर पर कोई बड़ी परेशानी नहीं होती, लेकिन बैटरी को बार-बार बिल्कुल खाली करना उसकी उम्र पर बुरा असर डाल सकता है। लिथियम बैटरी को बहुत कम चार्ज पर बार-बार इस्तेमाल करने से उस पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसलिए बेहतर है कि बैटरी लगभग 20 प्रतिशत होने पर मोबाइल को चार्ज कर लिया जाए और उसे बार-बार पूरी तरह खत्म होने से बचाया जाए।
खराब चार्जर और केबल का इस्तेमाल
मोबाइल को चार्ज करने के लिए अच्छी क्वालिटी के चार्जर और केबल का इस्तेमाल करना चाहिए। खराब या नकली चार्जर से चार्जिंग के दौरान गर्मी बढ़ सकती है और बिजली की सप्लाई में परेशानी आ सकती है। इससे मोबाइल की बैटरी और चार्जिंग से जुड़े दूसरे हिस्सों को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है। हालांकि, सिर्फ फास्ट चार्जर इस्तेमाल करने से बैटरी खराब नहीं होती।
मोबाइल में ज्यादा ऐप चलाने से बैटरी जल्दी खत्म होती है
कई बार लोगों को लगता है कि उनकी बैटरी कमजोर हो गई है, जबकि असल में मोबाइल में चलने वाले ऐप ज्यादा बैटरी खर्च कर रहे होते हैं। कुछ ऐप बैकग्राउंड में भी काम करते रहते हैं। इसके अलावा, गेम खेलना, वीडियो देखना, GPS चलाना, मोबाइल हॉटस्पॉट इस्तेमाल करना और स्क्रीन की ब्राइटनेस ज्यादा रखना भी बैटरी की खपत बढ़ाता है। इससे मोबाइल जल्दी डिस्चार्ज होने लगता है। ध्यान देने वाली बात यह है कि ज्यादा ऐप चलने से बैटरी जल्दी खत्म हो सकती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हर बार बैटरी की असली क्षमता भी कम हो गई है।
