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OTP से खाली हो सकता है आपका बैंक अकाउंट, सरकार ने किया अलर्ट, ऐसे रहें सुरक्षित

Rising OTP scams in India: साइबर सुरक्षा एजेंसी (CERT-In) ने नागरिकों को ओटीपी स्कैम के बढ़ते खतरे के बारे में आगाह किया है। CERT-In ने X (पहले Twitter) पर एक सार्वजनिक चेतावनी शेयर की है और सुरक्षित रहने के तरीके भी बनाएं हैं। यहां हम आपको ओटीपी स्कैम के बारे में बता रहे हैं।

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OTP scam

Photo : iStock

Rising OTP scams in India: डिजिटल बैंकिंग के जमाने में अब ओटीपी स्कैम (OTP scams) के मामले काफी बढ़ रहे हैं। इसको लेकर भारत सरकार ने नागरिकों को वित्तीय धोखाधड़ी से बचाने के लिए अलर्ट जारी किया है। ओटीपी स्कैम इतना खतरनाक है कि आपकी जरा सी लापरवाही से आप जीवन भर की कमाई खो सकते हैं। चलिए जानते हैं ओटीपी स्कैम क्या है और इससे कैसे सुरक्षित रह सकते हैं।

OTP scam अलर्ट

केंद्र सरकार की साइबर सुरक्षा एजेंसी (CERT-In) ने नागरिकों को ओटीपी स्कैम के बढ़ते खतरे के बारे में आगाह किया है। CERT-In ने X (पहले Twitter) पर एक सार्वजनिक चेतावनी शेयर की है। इसमें यूजर्स से OTP धोखाधड़ी की बढ़ती संख्या के बारे में जागरूक रहने को कहा। इसने मोबाइल यूजर्स को इससे दूर रहने के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए हैं।

क्या है OTP scam?

आप में से अधिकतर लोग ओटीपी यानी वन टाइम पासवर्ड के बारे में तो जानते ही होंगे। अब स्कैमर्स ने ओटीपी के जरिए फ्रॉड का नया तरीका खोज लिया है, जिसमें आपसे धोखाधड़ी करते हुए OTP हासिल कर लेते हैं ताकि बैंक अकाउंट, डिजिटल वॉलेट या अन्य संवेदनशील जानकारी तक अनधिकृत एक्सेस प्राप्त कर सकें। स्कैमर्स बैंक अधिकारी, सरकारी एजेंसियों के प्रतिनिधि बनकर कॉल या मैसेज करते हैं और एक बार OTP शेयर हो जाने के बाद, स्कैमर्स आसानी से आपका बैंक खाली कर सकते हैं।

OTP scam से कैसे बचें

  • CERT-In ने X पर ओटीपी स्कैम से बचने के तरीके भी बताएं हैं।
  • फोन या ऑनलाइन पर व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी शेयर करने से बचें।
  • आधिकारिक बैंकों या कंपनी की वेबसाइट से संपर्क करके कॉल या मैसेज की प्रामाणिकता वेरीफाई करें।
  • कभी भी रिवार्ड या कैशबैक ऑफर के टक्कर में किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी शेयर न करें।
Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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