भारतीय टीम आखिरी ग्रुप मैच में सीरिया से 0-1 से हारकर एशियाई कप फुटबॉल टूर्नामेंट से बाहर हो गई। स्थानापन्न खिलाड़ी उमर खरबिन ने 76वें मिनट में गोल दागकर सीरिया को नॉकआउट की दौड़ में बनाये रखा हैं। भारत चार टीमों के ग्रुप बी में तीनों मैच हारकर और एक भी गोल किये बिना आखिरी स्थान पर रहा। भारत इससे पहले भी 1984, 2011 और 2019 में नॉकआउट में जगह नहीं बना सका था । भारत 1964 में उपविजेता रहा था जब सिर्फ चार टीमों ने इसमें भाग लिया था।
यह मैच करिश्माई कप्तान सुनील छेत्री का आखिरी एशियाई कप भी था जो 2011 और 2019 में भी खेल चुके हें । छेत्री ने दोनों बार दो दो गोल किये थे। कोच इगोर स्टिमक की भारतीय टीम एक बार फिर निराशाजनक प्रदर्शन करके लौटेगी । भारत ने 2019 में थाईलैंड के खिलाफ एक मैच 4 . 1 से जीता था लेकिन इस बार उसकी झोली में एक भी अंक नहीं आया।
भारत को आस्ट्रेलिया ने 2 . 0 और उजबेकिस्तान ने 3 . 0 से हराया। मैच के शुरूआती मिनटों में भारत ने आक्रामक खेल दिखाया और महेश नाओरेम तथा लालियांजुआला छांगटे ने कुछ अच्छे मूव बनाये लेकिन गोल नहीं कर सके । पहले हाफ के आखिर तक सीरियाई टीम ने लय पकड़ ली और भारत को मैच में वापसी का मौका ही नहीं दिया।
मैच के सातवें मिनट में पाब्लो साबाग ने कॉर्नर किक पर हेडर लगाया जिसे गोललाइन पर गोलकीपर गुरप्रीत सिंह संधू ने बचा लिया । इसके बाद इब्राहिम हेसार का निशाना चूका लेकिन रिबाउंड पर सीरियाई खिलाड़ी एजेकील हैम के शॉट को शुभाशीष बोस ने मुस्तैदी से बचाया।
पहले हाफ के अतिरिक्त समय में छेत्री ने दूर से एक शॉट लगाया लेकिन निशाना सही नहीं था । भारत ने पहले हाफ में तीन बार हमले बोले जबकि सीरिया ने एक दर्जन हमले गोल पर किये। दूसरे हाफ के पहले ही मिनट में भारत को झटका लगा जब अनुभवी डिफेंडर संदेश झिंगन को चोट के कारण बाहर जाना पड़ा और निखिल पुजारी ने उनकी जगह ली । महेश नाओरेम को उदांता सिंह की जगह उतारा गया। कोच स्टिमक ने 65वें मिनट में सहल अब्दुल समाद को टूर्नामेंट में पहला मौका दिया । आखिरी 20 मिनट बाकी रहते सीरिया ने जमकर हमले बोले और खरिबिन ने गोल करके टीम को बढत दिला दी जो आखिर तक बनी रही ।
