फीफा विश्व कप 2026 का आगाज 11 जून को मैक्सिको और दक्षिण अफ्रीका के बीच मुकाबले के साथ होने जा रहा है। ग्रुप ए का ये मुकाबला मैक्सिको के एस्टाडियो एज्टेका(Estadio Azteca) स्टेडियम में खेला जाएगा। पहली बार तीन देश मिलकर एक विश्व कप का आयोजन कर रहा हैं। अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा फीफा विश्व कप 2026 के सह मेजबान हैं। टूर्नामेंट में पहली बार 48 देश की टीमें शिरकत कर रही हैं जिन्हें 12 ग्रुप में बांटा गया है। टूर्नामेंट में फाइनल सहित कुल 104 मैच खेले जाएंगे। टूर्नामेंट का फाइनल 19 जुलाई, 2026 को न्यूयॉर्क न्यू जर्सी स्टेडियम में खेला जाएगा। टूर्नामेंट के दौरान कई धाकड़ खिलाड़ी अपनी स्किल्स का मुजाहिरा पेश करेंगे। ऐसे में आइए जानते हैं किन स्ट्राइकर्स पर होगी सबकी नजरें।
लियोनेल मेसी (अर्जेंटीना)
दुनिया के सबसे लोकप्रिय खिलाड़ियों में शुमार अर्जेंटीना के लियोनल मेसी इस बार फीफा विश्व कप में बतौर चैंपियन उतरने जा रहा है। चार साल पहले कतर में आयोजित फीफा विश्व कप 2022 में उन्होंने बतौर कप्तान अपनी टीम को खिताबी जीत फ्रांस को रोमांचक फाइनल में पटखनी देकर जिताया था। 38 साल की उम्र में भी मेसी की मैदान पर फूर्ती देखते ही बनती है भले ही ये तेजी पहले की तुलना में थोड़ी कम हो गई है लेकिन जिस दिन वो अपने फॉर्म में होते हैं तो उनका खेल देखते ही बनता है। मौके बनाने और गोल करने के मामले में आज भी अर्जेंटीना की टीम अपने छोटे जादूगर पर निर्भर है। मेसी हैमस्ट्रिंग की समस्या से उबरकर मैदान में वापसी कर चुके हैं। अगर वो अपने रंग में नजर आते हैं तो ये विरोधी टीमों के लिए अच्छी खबर नहीं है। आइसलैंड के खिलाफ अभ्यास मैच में उन्होंने अपने फिट होने की तस्दीक कर दी है।
क्रिस्टियानो रोनाल्डो (पुर्तगाल)
लियोनल मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो फुटबॉल की दुनिया में एक सिक्के की तरह हो गए हैं। एक की बात हो और दूसरे की नहीं तो ऐसा नहीं हो सकता। एक दशक से ज्यादा समय से दोनों के बीच मैदान पर श्रेष्ठता की जंग हो रही है। फुटबॉल फैंस इस बात पर बहस कर रहे हैं कि कौन बेहतर है, मेसी या रोनाल्डो। बार्सिलोना और रियल मैड्रिड के लिए खेलते हुए मैदान पर दोनों के बीच कई यादगार भिड़ंत हुई हैं। 41 साल की उम्र में भी रोनाल्डो बेहद फिट हैं और गोल करने में माहिर हैं, लेकिन अबतक विश्व कप का खिताब अपने नाम कर सके। मॉडर्न फुटबॉल की थकान और उम्र के असर के कारण, उन्होंने अपनी कुछ रफ्तार और एकुरेसी जैसी खूबियां खो दी हैं जो उन्हें खतरनाक बनाती थीं, हालांकि उनका जज्बा आज भी मजबूत है और पुर्तगाल को उम्मीद होगी कि हाल ही में सऊदी प्रो लीग जीतने वाले रोनाल्डो इस बार अपना पहला वर्ल्ड कप खिताब भी जीत सकें।
एर्लिंग हालैंड (नॉर्वे)
फुटबॉल प्रशंसकों के लिए यह हैरानी की बात हो सकती है कि दुनिया का सबसे बेहतरीन स्ट्राइकर्स में से एक, ब्राजील, अर्जेंटीना, पुर्तगाल, स्पेन या फ्रांस जैसी बड़ी टीमों में नहीं बल्कि नॉर्वे जैसी कमजोर मानी जाने वाली टीम के लिए खेलते हैं। अपने पहले वर्ल्ड कप में खेल रहे एर्लिंग हालैंड वह एकलौते खिलाड़ी हैं जिनके कंधों पर स्कैंडेवियन देश की सारी उम्मीदें टिकी होंगी। साल 2022 में मैनचेस्टर सिटी से जुड़ने के बाद से ही हालैंड का गोल करने के मामले में जबरदस्त रिकॉर्ड रहा है। उन्होंने कई रिकॉर्ड तोड़कर अपने क्लब को कई प्रीमियर लीग खिताब और मुश्किल से मिलने वाला चैंपियंस लीग का ताज दिलाने में मदद की । क्या वो वही करिश्मा नॉर्वे के लिए भी ऐसा कर पाएंगे? ये तो आने वाला वक्त ही बता पाएगा लेकिन उनके ऊपर विश्व कप के दौरान पूरी दुनिया के फुटबॉल प्रशंसकों की नजरें टिकी होंगी।
हैरी केन (इंग्लैंड)
इंग्लैंड के धाकड़ खिलाड़ी हैरी केन जब टोटेनहम के लिए खेलते थे उस दौरान उनके बारे में कहा जाता था कि उनकी किस्मत उन्हें इंग्लैंड के लिए खेलते हुए भी करियर में कोई बड़ी ट्रॉफी नहीं जीतने देगी। दुनिया के सबसे खतरनाक स्ट्राइकरों में शुमार केन दो बार यूरो कप का खिताब जीतने में नाकाम रहे। साल 2020 के फाइनल में इटली के खिलाफ और फिर यूरो 2024 के फाइनल में स्पेन के खिलाफ हार ने इंग्लैंड को खिताबी जीत नहीं हासिल करने दी। वर्ल्ड कप में भी उनकी किस्मत अच्छी नहीं रही है, साल 2018 में रूस में केन ने गोल्डन बूट अपने नाम किया था, लेकिन इंग्लैंड की टीम का सफर सेमीफाइनल में क्रोएशिया के खिलाफ हार के साथ समाप्त हो गया था, जबकि साल 2022 में क्वार्टर फाइनल में फ्रांस के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। लेकिन 2023 में बायर्न म्यूनिख जाने के बाद केन साल 2025 में अपना पहला लीग टाइटल जीतने में सफल रहे और फिर 2026 में लगातार दूसरा खिताब भी जीत लिया। करियर का खिताबी सूखा खत्म होने के बाद केन अब इंग्लैंड को भी उनका दूसरा वर्ल्ड कप जिताने की कोशिश करेंगे।
काइलियन एम्बाप्पे (फ्रांस)
कभी क्रिस्टियानो रोनाल्डो के असली उत्तराधिकारी माने जाने वाले एम्बाप्पे, रियल मैड्रिड के खिलाड़ी के तौर पर अपने आदर्श के नक्शेकदम पर चलने में नाकाम रहे हैं। 'लॉस ब्लैंकोस' (रियल मैड्रिड) ने एम्बाप्पे के क्लब में आने के बाद दो सीजन में दो बार बार्सिलोना के हाथों ला लीगा का खिताब गंवाया। पिछले सीजन में उन्होंने सभी प्रतियोगिताओं में कुल 42 गोल किए। पिछली बार फाइनल में एम्बाप्पे ने अकेले दम फ्रांस को मैच में बनाए रखा। उन्होंने साल 2018 में फ्रांस के लिए वर्ल्ड कप जीता और 2022 में भी इसे जीतने के बहुत करीब थे, लेकिन फाइनल में अर्जेंटीना से पेनल्टी शूटआउट में हार गए। उस मैच में एम्बाप्पे ने हैट्रिक भी लगाई थी। वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे बड़े सितारों में से एक हैं और उनकी वजह से फ्रांस की टीम और भी मजबूत होगी।
