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पिता की बीमारी, क्रिकेट की राजनीति, कोई 'गॉडफादर' नहीं..फिर भी चमक उठा 19 साल का सुयश

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  • Updated Apr 7, 2023, 04:20 PM IST

IPL 2023, All you need to know about Suyash Sharma: कोलकाता नाइट राइडर्स और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के बीच गुरुवार रात कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेले गए मुकाबले में केकेआर की जीत में 19 साल के सुयश शर्मा ने अहम भूमिका निभाई। इससे पहले उनको कोई नहीं जानता था। लेकिन यहां तक पहुंचने का उनका सफर आसान नहीं रहा है।

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सुयश शर्मा (IPLT20/BCCI)

KEY HIGHLIGHTS
  • कोलकाता-बैंगलोर मैच में चमक उठे सुयश शर्मा
  • अपना पहला आईपीएल मैच खेलने उतरे थे
  • दिल्ली के भजनपुरा से आते हैं 19 वर्षीय सुयश शर्मा

IPL 2023, Know all about Suyash Sharma: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर के खिलाफ बीती रात जीत में प्रभावित करने वाले कोलकाता नाइट राइडर्स के ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ सुयश शर्मा का क्रिकेट के भ्रष्ट माहौल में कोई ‘गॉडफादर’ नहीं है और दिल्ली के मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाले इस लेग स्पिनर ने अभी तक अपनी काबिलियत के बूते सफलता हासिल की है।

पूर्वी दिल्ली के भजनपुरा इलाके के 19 वर्षीय सुयश ने कोलकाता की टीम की ओर से इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में पदार्पण करते हुए 30 रन देकर तीन विकेट झटके जिससे टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर को 81 रन से पराजित करने में कामयाब रही। मध्यम वर्ग के परिवार की अपनी ही समस्यायें होती हैं और फिर उनके पिता भी कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रहे हैं, लेकिन उन्होंने ‘गॉडफादर’ के नहीं होने, तमाम परेशानियों और तनाव के बावजूद क्रिकेट की चुनौतियों से निपटना जारी रखा।

सुयश ने बीती रात आईपीएल मैच में अपनी लेग ब्रेक और गुगली से रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर के दो विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक और अनुज रावत के अलावा आल राउंडर कर्ण शर्मा के विकेट झटके। दिल्ली के कोच रणधीर सिंह ने पीटीआई से कहा, ‘‘सूयश के लिए यह यात्रा आसान नहीं रही है। वह दिल्ली के पूर्व स्पिनर सुरेश बत्रा का शिष्य था और उनके क्लब के लिए खेलता था। कोविड-19 के कारण हमने सुरेश जी को गंवा दिया और फिर वह (सूयश) मेरे पास आया क्योंकि वह मैच अभ्यास चाहता था। मैंने डीडीसीए (दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ) लीग में अपने मद्रास क्लब में और ओपन टूर्नामेंट में ‘रन-स्टार’ क्लब में खेलने का मौका दिया।’’

पिछला एक साल सूयश के लिए काफी परेशानी भरा रहा क्योंकि वह संपन्न परिवार से नहीं है। सिंह ने कहा, ‘‘उसके पिता को कैंसर होने का पता चला। लेकिन मुझे लगता है कि वह हमेशा दिल्ली के पूर्व स्पिनर और मुंबई इंडियंस के मौजूदा मैनेजर (टैलेंट स्काउट) राहुल सिंघवी का कर्जदार रहेगा जिन्होंने उसके पिता के उपचार में उसकी काफी मदद की।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने उसे कहा कि अगर उसे कोई मदद की जरूरत है तो हम एम्स में भी उन्हें दिखा सकते हैं लेकिन राहुल की बदौलत उसके पिता का इलाज मुंबई में किया गया। वह भी मुंबई इंडियंस के ट्रायल्स में शामिल हुआ।’’ कोलकाता, चेन्नई या मुंबई की तरह दिल्ली का क्लब क्रिकेट इतना लुभावना नहीं है क्योंकि कोई भी क्लब खिलाड़ी को कोई भुगतान नहीं करता है और यहां कोई आधिकारिक अनुबंध भी नहीं कराया जाता।

सिंह ने कहा, ‘‘हमने सूयश को कुछ भी भुगतान नहीं किया है क्योंकि दिल्ली क्लब क्रिकेट में किसी को एक भी पैसा नहीं दिया जाता। अगर आप पेशेवर हो, भारत के लिए खेल रहे हो और खेलने के लिये अनुरोध किया गया है तो ही खिलाड़ी को कुछ वित्तीय लाभ होता है।’’

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