वर्ल्ड चैंपियन बनने के बाद भारतीय ग्रैंडमास्टर डी गुकेश की फॉर्म लगातार सवालों के घेरे में है। 19 साल के इस युवा खिलाड़ी ने खुद माना है कि 2024 में विश्व खिताब जीतने के बाद से उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। गुकेश ने साफ कहा कि पूर्व दिग्गजों की आलोचना वाजिब है और वह इसके लिए कोई बहाना नहीं बनाएंगे। गुकेश पिछले 18 महीनों से अपने बेस्ट फॉर्म की तलाश में हैं। 2025 में खेले गए बड़े टूर्नामेंट में वह छाप छोड़ने में नाकाम रहे। टाटा स्टील चेस में वह 10वें नंबर पर रहे, प्राग इंटरनेशनल चेस फेस्टिवल में 9वां स्थान मिला और सुपरबेट रैपिड एंड ब्लिट्ज पोलैंड में छठे पायदान पर फिनिश किया। लगातार फीके प्रदर्शन के बाद शतरंज के कई पूर्व दिग्गजों ने उनके खेल पर सवाल उठाए थे।
टाइटल डिफेंस पर पूरा फोकस
गुकेश ने आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "मैंने कुछ पूर्व खिलाड़ियों की टिप्पणियां सुनी हैं और मुझे लगता है कि वह जायज हैं। पिछले डेढ़ साल से मैं अच्छा नहीं खेल पाया हूं।" उन्होंने माना कि नतीजे उनकी उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहे। "आलोचकों को अपनी बात रखने का पूरा हक है। मेरा काम अपना बेस्ट देना है।" गुकेश इस साल के अंत में जावोखिर सिंदारोव के खिलाफ अपने टाइटल का बचाव करेंगे, लेकिन उससे पहले फॉर्म उनका साथ नहीं दे रही। खिताब बचाने की तैयारी के लिए गुकेश ने बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने ग्रैंड चेस टूर की सभी क्लासिकल इवेंट से अपना नाम वापस ले लिया है। अब वह वर्ल्ड चैंपियनशिप से पहले सिर्फ नॉर्वे चेस और चेस ओलंपियाड में ही खेलते दिखेंगे। गुकेश का मानना है कि कम टूर्नामेंट खेलकर वह चैलेंजर सिंदारोव के लिए बेहतर तैयारी कर पाएंगे।
भारत में वर्ल्ड चैंपियनशिप चाहते हैं गुकेश
वर्ल्ड चैंपियनशिप के वेन्यू पर गुकेश ने कहा कि जगह कोई भी हो, वह अपना 100% देंगे। "मुझे कहीं भी खेलने में दिक्कत नहीं है। मैं बेस्ट देने की कोशिश करूंगा।" हालांकि उन्होंने माना कि अगर मुकाबला भारत में होता है तो बात ही अलग होगी। "भारत में खेलने पर दबाव तो रहता है, क्योंकि वर्ल्ड चैंपियनशिप को पूरा देश देखता है। लेकिन अगर यह यहां होता है तो मेरे लिए बहुत खास होगा। मैं बहुत खुश होऊंगा।"2024 में डिंग लिरेन को हराकर सबसे युवा विश्व चैंपियन बने गुकेश के लिए यह साल अग्निपरीक्षा जैसा है। खिताब जीतने के बाद रेटिंग और रैंकिंग दोनों में गिरावट आई है। अब उज्बेकिस्तान के सिंदारोव के खिलाफ होने वाला मुकाबला ही तय करेगा कि गुकेश चैंपियन वाली लय वापस पा सकते हैं या नहीं
