आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के अगले सत्र, 2027-29 में टीमों की संख्या 9 से बढ़कर 12 होने वाली है। अब तक हुए 3 सत्र में 9 टीमें एक दूसरे से कंपीट करती थी, लेकिन अब यह 12 टीमों के बीच खेला जाएगा। इस कदम से साफ हो गया है कि टू टियर सिस्टम पर फिलहाल संकट के बादल छा गए हैं, क्योंकि कुछ टीमों ने इस व्यवस्था का सीधा-सीधा विरोध दर्ज कराया। हालांकि, वनडे क्रिकेट के लिए एक मजेदार खबर है, क्योंकि वनडे सुपर लीग के फिर से शुरू होने की भी संभावना है। ईएसपीएनक्रिकइन्फो के अनुसार, खेल के सभी प्रारूपों से जुड़े मौजूदा मुद्दों पर विचार करने के लिए न्यूजीलैंड के पूर्व खिलाड़ी रोजर टूसे की अध्यक्षता वाली समिति ने पिछले हफ्ते दुबई में हुई तिमाही बैठकों के दौरान अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) बोर्ड और मुख्य कार्यकारी समिति (सीईसी) को अपनी सिफारिशें दीं।
इन टीमों ने किया टू टियर का विरोध
वेस्टइंडीज, श्रीलंका और पाकिस्तान जैसी टीमों ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में टू टियर सिस्टम का विरोध किया। इन टीमों का मानना था कि इससे बड़ी टीमों के साथ खेलने की उनकी संभावना खत्म हो जाएगी। बड़ी टीमों का प्रमोशन और छोटी टीमों का बहिष्कार एक प्रमुख मुद्दा था, जिसके कारण इस सिस्टम को अधिक समर्थन नहीं मिला।
इन तीन टीमों को मिलेगी एंट्री
अब 12 टीमों की विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) का प्रस्ताव रखा है, जिसमें अफ़ग़ानिस्तान, ज़िम्बाब्वे और आयरलैंड भी शामिल हैं। मौजूदा व्यवस्था के तहत इन 3 टीमों को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा नहीं माना जाता था। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) का अगला चक्र जुलाई 2027 से शुरू होगा, और टीमों को एक निश्चित संख्या में टेस्ट मैच खेलने होंगे। इसके अलावा टेस्ट मैचों की मेज़बानी के लिए कोई अतिरिक्त धनराशि भी उपलब्ध नहीं कराई जाएगी। इस फैसले से अब उन टीमों के पास सुनहरा मौका है जो रेड बॉल क्रिकेट में अपनी रुची रखते हैं। उनके पास अब अवसर है कि वह बड़ी टीमों के साथ खेल सकें।
