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'उनमें गलत आदतें पनप सकती हैं..' वैभव सूर्यवंशी को लेकर बीसीसीआई को मिली कड़ी चेतावनी

Vaibhav Suryavanshi Future: भारतीय क्रिकेट टीम के युवा सितारे वैभव सूर्यवंशी लगातार अपनी बल्लेबाजी से सभी का दिल जीत रहे हैं। हालांकि उनकी बल्लेबाजी और भविष्य को लेकर पूर्व चयनकर्ता ने बीसीसीआई को कड़ी चेतावनी जारी कर दी है।

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वैभव सूर्यवंशी (फोटो - BCCI)

Vaibhav Suryavanshi Future: भारतीय क्रिकेट के उभरते हुए सितारे और बिहार के मात्र 14 वर्षीय सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। विजय हजारे ट्रॉफी के प्लेट ग्रुप मुकाबले में वैभव ने अरुणाचल प्रदेश के गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ाते हुए मात्र 84 गेंदों में 190 रनों की विस्फोटक पारी खेली। उनकी बल्लेबाजी में पावर और बैट-स्पीड का ऐसा संगम देखने को मिला, जो उनसे दोगुनी उम्र के अनुभवी खिलाड़ियों में भी कम ही नजर आता है। इस पारी ने यह साबित कर दिया कि क्यों उन्हें मौजूदा समय का सबसे प्रतिभाशाली युवा बल्लेबाज माना जा रहा है।

प्लेट ग्रुप का स्तर और चयन की चुनौतियां

वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन घरेलू और आयु-वर्ग क्रिकेट में लगातार शानदार रहा है। आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के लिए उनके रिकॉर्ड शतक को प्रशंसक अभी भूले नहीं हैं, लेकिन उनकी वर्तमान स्थिति को लेकर क्रिकेट गलियारों में एक नई बहस छिड़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार की टीम वर्तमान में विजय हजारे ट्रॉफी के 'प्लेट ग्रुप' में खेल रही है, जहाँ गेंदबाजी का स्तर वह नहीं है जिसका सामना वैभव को अंतरराष्ट्रीय या उच्च स्तर पर करना होगा। चिंता इस बात की है कि क्या वैभव अपनी उम्र के हिसाब से सही स्तर पर क्रिकेट खेल रहे हैं।

पूर्व चयनकर्ता की चेतावनी: 'गलत आदतों' का खतरा

पूर्व भारतीय चयनकर्ता देवंग गांधी ने 'टाइम्स ऑफ इंडिया' को दिए एक साक्षात्कार में इस मुद्दे पर गहरी चिंता व्यक्त की है। गांधी का तर्क है कि इस तरह के कमजोर गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ बनाए गए रिकॉर्ड चयनकर्ताओं की नजर में ज्यादा अहमियत नहीं रखते। उन्होंने चेतावनी दी कि कमजोर स्तर की क्रिकेट में लंबे समय तक खेलने से वैभव के भीतर 'गलत आदतें' पनप सकती हैं, जिन्हें भविष्य में सुधारने के लिए दोगुनी मेहनत करनी पड़ेगी। गांधी के अनुसार, जब तक खिलाड़ी को कड़ी चुनौती नहीं मिलेगी, तब तक उसके खेल में असली सुधार नहीं आएगा।

बीसीसीआई से 'प्रोएक्टिव' होने की अपील

बिहार द्वारा अरुणाचल के खिलाफ 574 रनों का विशाल विश्व रिकॉर्ड स्कोर बनाने के बाद देवंग गांधी ने बीसीसीआई को सुझाव दिया कि बोर्ड को वैभव जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए एक 'समानांतर प्रणाली' विकसित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे खिलाड़ियों को उन राज्यों से निकालकर उच्च स्तरीय क्रिकेट खेलने का मौका मिलना चाहिए जहां क्रिकेट का बुनियादी ढांचा और प्रतिस्पर्धा का स्तर बेहतर हो। यदि बीसीसीआई सक्रिय नहीं होता है, तो वैभव जैसे खिलाड़ियों की मेहनत 'अर्थहीन' साबित हो सकती है।

रेड-बॉल क्रिकेट और भविष्य की तैयारी

देवंग गांधी ने इस बात पर जोर दिया कि वैभव के विकास के लिए उन्हें कठिन फर्स्ट-क्लास (लाल गेंद) क्रिकेट खिलाना अनिवार्य है। वर्तमान में वैभव मुख्य रूप से सफेद गेंद (वनडे और टी20) क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लाल गेंद के सामने तकनीक और धैर्य की असली परीक्षा होती है। चूंकि वैभव आने वाले आईपीएल सीजन में राजस्थान रॉयल्स के लिए पहले विकल्प के तौर पर सलामी बल्लेबाज की भूमिका निभा सकते हैं, इसलिए उनके लिए यह जरूरी है कि वे वरिष्ठ स्तर पर जाने के इस सफर को अधिक सहज और चुनौतीपूर्ण बनाएं।

SIddharth Sharma
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सिद्धार्थ शर्मा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के स्पोर्ट्स डेस्क से जुड़े हैं। सिद्धार्थ को बचपन से ही खेलों, खासकर क्रिकेट में गहरी रुचि रही है और इसी जुनून ने उन्हें स्पोर्ट्स जर्नलिज्म की ओर खींचा। वह खिलाड़ियों के रिकॉर्ड्स और स्पोर्ट्स एनालिसिस पर मजबूत पकड़ रखते हैं। अबतक 4,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके सिद्धार्थ अपनी स्टोरीज को सरल, सटीक और रोचक अंदाज में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रहती है कि पाठकों तक तेजी से, सही समय पर और विश्वसनीय स्पोर्ट्स अपडेट्स पहुंचें।

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