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Somvati Amavasya 2024 Date: कब है भाद्रपद महीने की सोमवती अमावस्या, यहां नोट करें तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व

Somvati Amavasya 2024 Kab Hai: हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का बहुत ही खास महत्व है। सोमवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या तिथि को सोमवती अमावस्या के नाम से जाना जाता है। आइए जानें भाद्रपद महीने की सोमवती अमावस्या कब है।

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Somvati Amavasya 2024

Somvati Amavasya 2024 Kab Hai: भाद्रपद महीने के अमावस्या को भादव अमावस्या के नाम से जाना जाता है। इसी के साथ ही सोमवार के दिन जो अमावस्या तिथि पड़ती है। उसे सोमवती अमावस्या कहते हैं। भाद्रपद महीने की अमावस्या सोमवार के दिन पड़ रही है, इसलिए इसे सोमवती अमावस्या के नाम से जाना जाता है। इस दिन गंगा स्नान और दान का बहुत ही खास महत्व है। सोमवती अमावस्या को तमिलनाडु में अवनी अमावस्या के नाम से जाना जाता है। वहीं मारवाड़ी समुदाय के लोग भादी अमावस्या के नाम से जाना जाता है। इस दिन तर्पण भी किया जाता है। आइए जानें कब है सोमवती अमावस्या और शुभ मुहूर्त।

Somvati Amavasya 2024 Kab Hai (सोमवती अमावस्या कब है 2024)

इस साल भादव महीने की अमावस्या तिथि 2 सितंबर 2024 को पड़ रही है। ऐसे में सोमवती अमावस्या का व्रत इस साल 2 सितंबर 2024 को रखा जाएगा। इस दिन गंगा स्नान और दान किया जाएगा।

सोमवती अमावस्या 2024 मुहूर्त (Somvati Amavasya 2024 Shubh Muhurat)

भाद्रपद महीने की अमावस्या तिथि 2 सितंबर 2024 को पड़ रही है। इस दिन गंगा स्नान का मुहूर्त सुबह 04.38 से सुबह 5 बजकर 24 मिनट तक रहेगा। इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 10 मिनट 7 बजकर 44 मिनट तक रहेगा।

सोमवती अमावस्या पूजा विधि (Somvati Amavasya Puja Vidhi)

  • सोमवती अमावस्या के दिन सुबह गंगाजल युक्त जल से स्नान करें।
  • फिर भगवान शिव जी की पूजा करें और दूध से अभिषेक करें।
  • इस दिन पूजा के समय शिव चालीसा का पाठ करें।
  • सोमवती अमावस्या के दिन पितरों के तर्पण करने की भ परंपरा है।

सोमवती अमावस्या महत्व (Somvati Amavasya Importance)

हिंदू धर्म में सोमवती अमावस्या का खास महत्व है। अमावस्या के दिन पितरों का श्राद्ध कर्म और पिंडदान करने से पितरों की आशीर्वाद प्राप्ति होता है। इसके साथ ही सोमवती अमावस्या पर शिव जी की पूजा करने से सारी मनोकामना की पूर्ति होती है। इस दिन व्रत करने से विवाह में आ रही सारी बाधा दूर हो जाती है।

Jayanti Jha
जयंती झाauthor

बिहार के मधुबनी जिले से की रहने वाली हूं, लेकिन शिक्षा की शुरुआत उत्तर प्रदेश की गजियाबाद जिले से हुई। दिल्ली विश्वविद्यायलय से हिंदी ऑनर्स से ग्रेजुएशन पूरा किया। इसके बाद इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय से हिंदी में मास्टर्स की डिग्री ली और इसके साथ ही दिल्ली के विवेकानंद कॉलेज से हिंदी पत्रकारिता में डिपलोमा किया। डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत 2022 में रफ्तार से हुई। अगस्त 2023 से Times Network में timesnowhindi.com के फीचर टीम के साथ जुड़ी हूं। इससे पहले vianet media pvt. ltd में बतौरा हिंदी टाइपिस्ट 1 साल काम किया। रफ्तार में रहकर आध्यात्म पर लिखना शुरू किया । आध्यात्म के बारे में जानना और उसके बारे में चर्चा करना पसंद है। ग्रहों, नक्षत्रों और राशियों के बारे में जानना बहुत पसंद है। लोगों तक सही जानकारी देना ही मेरी प्राथमिकता रहती है।

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