Somnath Mandir se Kitna sona Loota gaya : भगवान शिव के सबसे प्राचीन मंदिरों में एक गुजरात के काठियावाड़ क्षेत्र में स्थित सोमनाथ मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक माना जाता है। भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल यह मंदिर अपने समय में दुनिया के सबसे समृद्ध मंदिरों में गिना जाता था।
इतिहास में सबसे चर्चित घटनाओं में से एक 1024 से 1026 ईस्वी में हुई, जब गजनवी शासक महमूद गजनवी ने सोमनाथ मंदिर पर हमला किया। इस आक्रमण को केवल एक सैन्य हमला नहीं, बल्कि भारत की धार्मिक और आर्थिक शक्ति पर बड़े प्रहार के रूप में भी देखा जाता है। महमूद गजनवी ने वहां से कई टन सोना, चांदी लूटा था। आइए जानते हैं कि उस समय कितना सोना गजनवी ने लूटा था और आज के समय में उसकी कितनी कीमत होगी।
दुनिया के सबसे समृद्ध मंदिरों में था सोमनाथ
इतिहासकारों के अनुसार उस समय सोमनाथ मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं था, बल्कि व्यापार, दान और संपत्ति का भी बड़ा केंद्र था। अरब सागर के किनारे होने के कारण यहां व्यापारियों, राजाओं और श्रद्धालुओं का लगातार आना-जाना रहता था। मंदिर को विभिन्न राजाओं और भक्तों से भारी मात्रा में सोना, चांदी, रत्न और बहुमूल्य वस्तुएं दान में मिलती थीं। यही कारण था कि सोमनाथ मंदिर की संपत्ति की चर्चा दूर-दूर तक होती थी।
1024 से 1026 ईस्वी के बीच हुआ था हमला
इतिहास के अनुसार 1024-26 ईस्वी में महमूद गजनवी ने अपनी सेना के साथ सोमनाथ मंदिर पर हमला किया। कई फारसी और भारतीय ग्रंथों में इस हमले का उल्लेख मिलता है। कहा जाता है कि मंदिर की रक्षा के लिए हजारों लोग निहत्थे खड़े हुए थे, लेकिन गजनवी की सेना के सामने वे टिक नहीं सके। हमले के बाद मंदिर को भारी नुकसान पहुंचाया गया और वहां मौजूद विशाल खजाना लूट लिया गया।
महमूद गजनवी ने लूटा था कितना सोना?
सोमनाथ मंदिर से लूटे गए खजाने को लेकर अलग-अलग ऐतिहासिक विवरण मिलते हैं। कई फारसी इतिहासकारों ने लिखा है कि महमूद गजनवी मंदिर से करीब 20 मिलियन सोने (Gold) के दीनार मूल्य की संपत्ति लेकर गया था। कुछ विवरणों में यह आंकड़ा इससे भी अधिक, लगभग 100 मिलियन दीनार तक बताया गया है। हालांकि इतिहासकार मानते हैं कि कई पुराने विवरणों में अतिशयोक्ति भी हो सकती है। कई शोधकर्ताओं के अनुसार केवल मंदिर के खजाने से ही लगभग 6 टन सोना लूटा गया था। इसमें चांदी, हीरे-जवाहरात और अन्य बहुमूल्य वस्तुएं शामिल नहीं थीं।
मंदिर से कौन-कौन सी अनमोल वस्तुएं ले जाई गईं?
इतिहास में उल्लेख मिलता है कि लूट केवल सोने तक सीमित नहीं थी। मंदिर से कई बहुमूल्य वस्तुएं भी ले जाई गईं। बताया जाता है कि मंदिर में कीमती पत्थरों से सजे 56 विशाल स्तंभ थे। इसके अलावा पूजा में उपयोग होने वाली हजारों सोने और चांदी की मूर्तियां भी थीं।
कुछ ऐतिहासिक विवरणों में यह भी कहा गया है कि मंदिर की घंटियों से जुड़ी भारी सोने की चेन का वजन लगभग 6765 किलोग्राम था। मंदिर का मुख्य द्वार चंदन की लकड़ी से बना हुआ था, जिसे भी गजनवी अपने साथ ले गया था। हालांकि इन दावों के अलग-अलग ऐतिहासिक स्रोत हैं और सभी आंकड़ों पर इतिहासकारों की पूरी सहमति नहीं है।
आज के समय में 6 टन सोने की कीमत कितनी होगी?
11 मई 2026 को भारत में 10 ग्राम सोने की कीमत लगभग ₹1,54,645 है।
अगर इसी हिसाब से गणना करें, तो
- 1 किलोग्राम = 1000 ग्राम
- 6 टन = 6000 किलोग्राम
- यानी 60,00,000 ग्राम सोना
अब यदि 10 ग्राम सोने की कीमत ₹1,54,645 है, तो
- 1 ग्राम सोना = ₹15,464
- 60,00,000 ग्राम × ₹15,464
इस हिसाब से 6 टन सोने की अनुमानित कीमत लगभग ₹92.7 अरब यानी करीब ₹9,278 करोड़ से अधिक बैठती है। यह केवल सोने का अनुमानित मूल्य है। इसमें चांदी, रत्न, मूर्तियां, बहुमूल्य धातुएं और अन्य संपत्ति शामिल नहीं हैं। अगर पूरी संपत्ति का आधुनिक मूल्य लगाया जाए तो यह आंकड़ा कई अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।
इतिहासकार मानते हैं कि मध्यकालीन भारत में बड़े मंदिर केवल धार्मिक केंद्र नहीं थे, बल्कि आर्थिक संस्थान भी थे। यहां दान, व्यापारिक सहयोग और राजाओं की तरफ से संपत्ति जमा होती थी। सोमनाथ मंदिर समुद्री व्यापार मार्ग के नजदीक होने के कारण बेहद समृद्ध था। यही कारण था कि विदेशी आक्रमणकारियों की नजर इस मंदिर पर पड़ी।
केवल लूट नहीं, सांस्कृतिक आघात भी था हमला
सोमनाथ मंदिर पर हमला केवल धन लूटने तक सीमित नहीं माना जाता। इसे भारतीय संस्कृति और धार्मिक आस्था पर बड़े प्रहार के रूप में भी देखा जाता है। इतिहास में कई बार यह मंदिर टूटा, लेकिन हर बार इसका पुनर्निर्माण हुआ। यही वजह है कि सोमनाथ मंदिर आज भी सनातन आस्था और पुनर्जन्म का प्रतीक माना जाता है।
