Sakat (Tilkut) Chauth Vrat Vidhi In Hindi, सकट चौथ व्रत कैसे किया जाता है: सकट चौथ व्रत माताएं अपनी संतान की लंबी उम्र की कामना के लिए रखती हैं। ये व्रत हर साल माघ कृष्ण पक्ष चतुर्थी के दिन पड़ता है। इस बार सकट चौथ 29 जनवरी को मनाई जाएगी। मान्यता है इस दिन व्रत रखने से संतान के जीवन से जुड़ी हर बाधाएं दूर हो जाती हैं। इस व्रत में गणपति बप्पा को गुड़, तिल, गन्ना इत्यादि चढ़ाया जाता है। जानिए सकट चौथ व्रत कैसे रखा जाता है।
Sakat Chauth Vrat Vidhi In Hindi (सकट चौथ व्रत कैसे करें)
- सकट चौथ के दिन भगवान गणेश और चंद्र देव की पूजा का विधान है।
- इस दिन व्रत रखने वाली महिलाओं को निर्जला व्रत करना होता है। यानी अन्न और जल कुछ भी ग्रहण नहीं करना होता।
- व्रत रखने वाली महिलाओं को इस दिन सुबह और शाम दोनों समय गणेश जी की विधि विधान पूजा करनी होती है।
- साथ ही शाम में सकट चौथ की व्रत कथा भी जरूर सुननी चाहिए।
- इसके बाद चंद्रमा के उदय होने के बाद महिलाएं चंद्रमा को अर्घ्य देती हैं।
- कई जगह महिलाएं हवन कुंड में हवन करने के बाद उसकी परिक्रमा करके चंद्र देव का दर्शन करती हैं।
- इस दिन का व्रत दूध और शकरकंदी खाकर खोला जाता है।
- व्रत खोलने के बाद भी अन्न का ग्रहण नहीं किया जाता।
- अगले दिन व्रत करने वाली महिलाएं अन्न ग्रहण कर सकती हैं।
- भगवान गणेश को लड्डू बेहद पसंद होते हैं। इसलिए सकट चौथ पूजा मेंआप बूंदी के लड्डू का प्रसाद जरूर रखें।
- लड्डू के अलावा इस दिन गन्ना, शकरकंद, गुड़, तिल से बनी वस्तुएं और घी अर्पित करना भी बेहद शुभ माना जाता है।
सकट चौथ का महत्व (Sakat Chauth Mahatva)
कहते हैं जो कोई भी व्यक्ति सकट चौथ का व्रत करता है उसका जीवन सुख-सुविधाओं से भर जाता है। इसके अलावा यह व्रत संतान की लंबी उम्र की कामना के लिए भी उत्तम माना जाता है। सिर्फ इतना ही नहीं माताओं द्वारा किया जाने वाले ये व्रत बच्चे के जीवन की सभी परेशानियों का दूर कर देता है। ऐसे संतान पर भगवान गणेश जी की विशेष कृपा सदैव बनी रहती है।
