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Nag Panchami Mantra In Sanskrit: नाग पंचमी के दिन इन मंत्रों का करें जाप, नाग देवता का मिलेगा भरपूर आशीर्वाद

Nag Panchami Mantra In Sanskrit: आज नाग पंचमी का त्योहार मनाया जा रहा है। इस दिन भगवान शिव और उनके प्रिय नागों की पूजा होती है। अगर आप नाग देवता की विशेष कृपा पाना चाहते हैं तो आज इन मंत्रों का जाप जरूर करें।

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Nag Panchami Puja Mantra

Nag Panchami Mantra In Sanskrit (नाग पंचमी के मंत्र): नाग पंचमी का त्योहार देश के लगभग सभी राज्यों में मनाया जाता है। इस दिन लोग नाग देवता की पूजा करने के साथ-साथ शिवलिंग की भी विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। मान्यताओं के अनुसार, नाग पंचमी के दिन नागों की पूजा करने से मनोवांछित फल और अपार धन की प्राप्ति होती है। इतना ही नहीं ग्रहों के बुरे प्रभाव से भी छुटकारा मिलता है। इस दिन अनन्त, वासुकी, पद्म, महापद्म, तक्षक, कुलीक, कर्कट और शंख आदि नागों की पूजा होती है। जानिए नाग पंचमी के दिन किन मंत्रों के जाप से आप इन नागों के आसानी से प्रसन्न कर सकते हैं (Nag Panchami Puja Mantra)।

नाग पंचमी मंत्र (Nag Panchami Mantra)

नाग पंचमी के दिन नीचे दिए गए मंत्र का जाप जरूर करना चाहिए। इससे आपको सभी नाग देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त हो जाएगा और जीवन में सुख-समृद्धि आएगी।

अनन्तं वासुकिं शेषं पद्मनाभं च कम्बलम् ।

शंखपालं धृतराष्ट्रं तक्षकं, कालियं तथा ।।

नाग देवता की पूजा करते समय इस विशेष मंत्र का भी जाप जरूर करें

“ॐ नमोस्तु सर्पेभ्यो ये के च पृथिवीमनु ये अन्तरिक्षे ये दिवि तेभ्यः सर्पेभ्यो नम:”।

नाग देवता के मंत्र (Nag Devta Mantra)

सर्वे नागाः प्रीयन्तां मे ये केचित् पृथ्वीतले।

ये च हेलिमरीचिस्था येऽन्तरे दिवि संस्थिताः॥

ये नदीषु महानागा ये सरस्वतिगामिनः।

ये च वापीतडगेषु तेषु सर्वेषु वै नमः॥

इस मंत्र का अर्थ है इस संसार में, आकाश, स्वर्ग, झील, कुएं, तालाब और सूर्य किरणों में निवास करने वाले सर्प, हमें आशीर्वाद दें और हम सभी आपको बारम्बार नमन करते हैं।

नाग पंचमी पूजा मंत्र (Nag Panchami Mantra In Sanskrit And Hindi)

अनन्तं वासुकिं शेषं पद्मनाभं च कम्बलम्।

शङ्ख पालं धृतराष्ट्रं तक्षकं कालियं तथा॥

एतानि नव नामानि नागानां च महात्मनाम्।

सायङ्काले पठेन्नित्यं प्रातःकाले विशेषतः।

तस्य विषभयं नास्ति सर्वत्र विजयी भवेत्॥

राहु-केतु का आशीर्वाद पाने के लिए आप नाग पंचमी के दिन “ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं स: राहवे नम:” और “ॐ स्त्रां स्त्रीं स्त्रौं स: केतवे नम:” मंत्रों का जाप करना चाहिए।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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