अध्यात्म

Nag Panchami 2025: आज है नाग पंचमी, जानें इस खास दिन पर नाग देवता को दूध क्यों चढ़ाया जाता है, ये है महत्व और मान्यताएं

Nag Panchami 2025: सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर आज नाग पंचमी मनाई जा रही है। नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा करने के साथ उनको दूध चढ़ाने का भी बहुत महत्व होता है। जाने आखिर नाग पंचमी को दूध क्यों चढ़ाया जाता है, नाग पंचमी पर दूध का महत्व।

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नाग पंचमी पर दूध क्यों चढ़ाते हैं (Photo Credit Istock)

Nag Panchami 2025: हर साल सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के दिन पर नाग पंचमी का त्योहार मनाया जाता है। हिंदू धर्म में नागों का विशेष महत्व है, भगवान शिव को प्रिय नाग देव के पूजन से जातकों की सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। नाग पंचमी का आरंभ 28 जुलाई रात्रि 11:24 मिनट से हुआ है, जिसका समापन 30 जुलाई को प्रात: 12:46 मिनट पर होगा। इस दिन पर नाग देवता के पूजन से कालसर्प दोष से मुक्ति मिलती है, वहीं इस दिन पर उन्हें दूध चढ़ाने का भी खास महत्व है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि, नाग पंचमी को दूध क्यों चढ़ाया जाता है, यहां जान लें कारण, महत्व और मान्यताएं।

नाग पंचमी को दूध क्यों चढ़ाया जाता है

भविष्य पुराण के ब्रह्मा पर्व में नाग पंचमी से जुड़ी विशेष कथा है, जिसके वर्णन के हिसाब से सुमंतु मुनि ने राजा शतानीक को इस खास व्रत की महिमा बतलाई थी। जिसके अनुसार सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के दिन नागलोक में विशेष उत्सव मनाया जाता है। और जो कोई भी जातक इस दिन पर नागों को गाय के दूध से स्नान करवाता है, उसके कुल को नाग देवता के भय से मुक्ति मिल जाती है। उस जातक का कालसर्प दोष भी छूट जाता है।

नाग पंचमी पर दूध पिलाने का महत्व (Photo Credit - Pulse AI)

नाग पंचमी पर दूध पिलाने का महत्व (Photo Credit - Pulse AI)

इसी के साथ साथ महाभारत में वर्णित एक प्रसंग के अनुसार अभिमन्यु के पुत्र राजा परीक्षित की मृत्यु तक्षक नाम के नाग द्वारा काटने के कारण हुई थी। जिसके बाद उनके पुत्र जन्मेजय ने पृथ्वी से सभी सांपों को समाप्त करने के लिए एक यज्ञ करवाया था। तब उस यज्ञ में सारे नाग जलने लगे थे, और तक्षक नाग भी धबराकर उस समय इंद्र देव के सिंहासन के पीछे छिप गए थे। उसी समय इंद्र देव तो ऋिषि मुनियों ने यज्ञ रोकने को कहा था, क्योंकि अगर पृथ्वी से सारे नाग खत्म हो जाते तो संसार का संतुलन बिगड़ सकता था। ऐसे में सभी ऋषि मुनियों की बात मानकर उन्होने यज्ञ रोक दिया था। मान्यता है कि यज्ञ के खत्म होने के बाद जले हुए सर्पों की जलन को दूर करने के लिए उन्हें दूध से स्नान कराया गया और नागों की रक्षा की थी।

नाग देव को दूध-जल चढ़ाना है लाभदायक

ज्योतिष के अनुसार नाग पंचमी के दिन पर नाग देवता को दूध तो जल आदि अर्पित करने से नाग देव और भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। ऐसा करने से काल सर्प दोष दूर होता है, और जातकों के जीवन में आने वाले सारे संकट, बाधाएं टल जाती हैं।

Avni Bagrola
अवनी बागरोलाauthor

अवनी बागरोला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के लाइफस्टाइल सेक्शन में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। फैशन, ब्यूटी, ट्रेंड्स, पर्सनल स्टाइलिंग और आधुनिक जीवनशैली से जुड़े कंटेंट पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें युवा और स्टाइल-सेवी ऑडियंस के बीच खास पहचान दिलाती है। अवनी की लेखन शैली सरल, ट्रेंडी और यूज़र-फ्रेंडली है, जो पाठकों को तेजी से बदलते फैशन व लाइफस्टाइल ट्रेंड्स को समझने में मदद करती है। अब तक 2,500 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुकी अवनी क्रिएटिव अप्रोच, अपडेटेड नॉलेज और रियल-टाइम ट्रेंड सेंस के लिए जानी जाती हैं।

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