अध्यात्म

सुबह-सुबह कभी न करें ये 5 काम, पूरा दिन हो जाएगा खराब

Astro Tips: वैदिक ज्योतिष और शास्त्रों के अनुसार, सुबह का समय दिन की शुभता का आधार है। सुबह-सुबह कुछ कार्यों को करने की मनाही होती है। मान्यता है कि इन चीजों को सुबह-सुबह करने से पूरा दिन खराब होने की संभावना रहती है। इस कारण इन कामों को सुबह के समय करने से बचना चाहिए।

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सुबह-सुबह न करें ये काम

Astro Tips: वैदिक ज्योतिष और शास्त्रों में सुबह का समय दिन का सबसे पवित्र और शक्तिशाली हिस्सा माना गया है। स्कंद पुराण, मनुस्मृति, और गरुड़ पुराण के अनुसार, ब्रह्ममुहूर्त मतलब सूर्योदय से पहले का समय साधना, ध्यान और शुभ कार्यों के लिए सर्वोत्तम है। इस समय सूर्य, चंद्रमा और गुरु जैसे शुभ ग्रहों का प्रभाव मन और आत्मा को सकारात्मक ऊर्जा देता है, लेकिन सुबह-सुबह कुछ गलत काम करने से नकारात्मक ग्रहों का प्रभाव बढ़ सकता है, जिससे दिनभर अशांति, बाधाएं और तनाव रहता है। इस कारण कुछ कार्यों को सुबह के समय नहीं करना चाहिए। आइए जानते हैं कि वे कौन से काम हैं, जो सुबह के समय कभी भी न करें।

देर तक बिस्तर पर लेटे रहना

मनुस्मृति और स्कंद पुराण के अनुसार ब्रह्ममुहूर्त में न उठने वाला व्यक्ति तमस के प्रभाव में आता है, जिससे सूर्य और बृहस्पति का शुभ प्रभाव कम हो जाता है। देर तक बिस्तर पर लेटने से शनि का नकारात्मक प्रभाव बढ़ता है, जो दिन को सुस्त, तनावपूर्ण और अशुभ बनाता है। ज्योतिष में शनि आलस्य और विलंब का कारक है, जिससे कार्यों में रुकावटें आती हैं।

नकारात्मक बातें

स्कंद पुराण के अनुसार, सुबह का समय सात्विक विचारों और भक्ति के लिए होता है। नकारात्मक विचार, गपशप या क्रोध भरी बातचीत करने से चंद्रमा और गुरु कमजोर पड़ते हैं, जबकि राहु का प्रभाव बढ़ता है। इससे दिनभर मानसिक अशांति, गलत निर्णय और रिश्तों में तनाव रह सकता है। वैदिक ज्योतिष में राहु भ्रम और नकारात्मकता का ग्रह है, जो सुबह की शुद्धता को भंग करता है।

बिना स्नान किए पूजा या भोजन शुरू करना

गरुड़ पुराण में स्नान को सुबह की सबसे महत्वपूर्ण क्रिया माना गया है। बिना स्नान किए पूजा, भोजन या चाय-कॉफी लेना शरीर और आत्मा की शुद्धता को नुकसान पहुंचाता है। यह शनि और राहु के नकारात्मक प्रभाव को बढ़ाता है, जिससे दिन अशुभ हो सकता है। ज्योतिष में स्नान को चंद्रमा और शुक्र की सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने वाला माना गया है।

घर में झगड़ा करना

वास्तु शास्त्र और स्कंद पुराण के अनुसार, सुबह का समय घर में सात्विक और शांत माहौल बनाए रखने का होता है। सुबह-सुबह झगड़ा, गाली-गलौज या ऊंची आवाज में बहस करने से मंगल और राहु का नकारात्मक प्रभाव बढ़ता है। यह घर की सकारात्मक ऊर्जा को नष्ट करता है और दिनभर तनाव, असफलता और रिश्तों में खटास लाता है।

सुबह की पूजा या मंत्र जप छोड़ना

स्कंद पुराण और वैदिक ज्योतिष में सुबह की पूजा और मंत्र जप को दिन की शुभता का आधार माना गया है। पूजा छोड़ने से गुरु और सूर्य का प्रभाव कमजोर पड़ता है, और शनि या राहु का नकारात्मक प्रभाव बढ़ सकता है। इससे दिनभर बाधाएं, मानसिक अशांति और कार्यों में देरी हो सकती है।

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्रों पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।

Mohit Tiwari
मोहित तिवारीauthor

मोहित तिवारी को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित न्यूजपेपर में फील्ड रिपोर्टिंग से की थी। मोहित ने प्रिंट, टीवी और डिजिटल तीनों प्लेटफॉर्म पर काम किया है। देश-विदेश, लाइफस्टाइल, धर्म और आध्यात्मिक विषयों में गहरी रुचि रखने वाले मोहित ने ज्योतिष का भी व्यापक अध्ययन किया है। मोहित के आलेख लाइफस्टाइल, हेल्थ, न्यूज, धर्म, ज्योतिष आदि विषयों पर गहरी शोध और प्रामाणिकता पर आधारित होते हैं और इन विषयों पर वह 12,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं।

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