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Mahalaxmi Aarti Lyrics (महालक्ष्मी की आरती): इस आरती को करने से दरिद्रता से मिलेगा छुटकारा, धन-दौलत की नहीं होगी कभी कमी

Mahalaxmi Ki Aarti, Mahalaxmi Vrat Puja Aarti Lyrics in Hindi, Aarti Mahalaxmi Ji Ki Lyrics Likhit Main: सनातन धर्म में महालक्ष्मी व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। इस दौरान भक्त मां लक्ष्मी की विधि विधान पूजा करते हैं। आज 24 सितंबर 2024 को महालक्ष्मी व्रत का समापन होने जा रहा है। ऐसे में पूजा के समय महालक्ष्मी जी की आरती जरूर करें।

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Mahalaxmi Aarti Lyrics

Mahalaxmi Ki Aarti, Mahalaxmi Vrat Puja Aarti Lyrics in Hindi, Aarti Mahalaxmi Ji Ki Lyrics Likhit Main: महालक्ष्मी पर्व 16 दिनों तक चलता है जिसका समापन आश्विन मास की अष्टमी तिथि पर होता है। इस दिन श्रद्धालु व्रत रखते हैं और विधि विधान माता लक्ष्मी की पूजा करते हैं। कहते हैं महालक्ष्मी व्रत रखने से घर में सुख-समृद्धि की कभी कमी नहीं होती। इस दिन लोग लक्ष्मी जी को तरह-तरह के पकवानों का भोग लगाते हैं। साथ उनकी आरती उतारते हैं। चलिए आपको बताते हैं महालक्ष्मी की आरती के लिरिक्स।

महालक्ष्मी की आरती (Mahalaxmi Ki Aarti)

महालक्ष्मी नमस्तुभ्यं, नमस्तुभ्यं सुरेश्वरि ।

हरि प्रिये नमस्तुभ्यं, नमस्तुभ्यं दयानिधे ॥

पद्मालये नमस्तुभ्यं, नमस्तुभ्यं च सर्वदे ।

सर्वभूत हितार्थाय, वसु सृष्टिं सदा कुरुं ॥

ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता ।

तुमको निसदिन सेवत, हर विष्णु विधाता ॥

उमा, रमा, ब्रम्हाणी, तुम ही जग माता ।

सूर्य चद्रंमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता ॥

॥ॐ जय लक्ष्मी माता...॥

दुर्गा रुप निरंजनि, सुख-संपत्ति दाता ।

जो कोई तुमको ध्याता, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता ॥

॥ॐ जय लक्ष्मी माता...॥

तुम ही पाताल निवासनी, तुम ही शुभदाता ।

कर्म-प्रभाव-प्रकाशनी, भव निधि की त्राता ॥

॥ॐ जय लक्ष्मी माता...॥

जिस घर तुम रहती हो, ताँहि में हैं सद्‍गुण आता ।

सब सभंव हो जाता, मन नहीं घबराता ॥

॥ॐ जय लक्ष्मी माता...॥

तुम बिन यज्ञ ना होता, वस्त्र न कोई पाता ।

खान पान का वैभव, सब तुमसे आता ॥

॥ॐ जय लक्ष्मी माता...॥

शुभ गुण मंदिर सुंदर, क्षीरोदधि जाता ।

रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता ॥

॥ॐ जय लक्ष्मी माता...॥

महालक्ष्मी जी की आरती, जो कोई नर गाता ।

उँर आंनद समाता, पाप उतर जाता ॥

॥ॐ जय लक्ष्मी माता...॥

ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता ।

तुमको निसदिन सेवत, हर विष्णु विधाता ॥

महालक्ष्मी व्रत का महत्व (Mahalaxmi Vrat Ka Mahatva)

महालक्ष्मी व्रत पूरे 16 दिनों तक रखा जाता है। इस व्रत में व्रत वाला भोजन किया जाता है। जो लोग 16 दिनों तक महालक्ष्मी व्रत करने में असमर्थ हैं उन्हें शुरुआत के 3 या आखिर के 3 व्रत रखने चाहिए। इस व्रत को करने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में खुशहाली आती है।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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