अध्यात्म

साल 2026 की पहली कालाष्टमी इन 5 तरीकों से करें भैरव को प्रसन्न, दूर हो जाएंगी सभी परेशानियां

Kalashtami 2026 Kal Bhairav Puja: हर प्रकार की परेशानी से मुक्ति और दुश्मनों पर विजय प्राप्त करने के लिए काल भैरव का पूजन सबसे प्रभावी माना जाता है। भैरव की प्रसन्नता जीवन में हर परेशानी को भक्त से दूर रखती है। इसके साथ ही लाइफ सुख और समृद्धि आती है। कालाष्टमी अष्टमी का दिन भगवान भैरव को प्रसन्न करने का सबसे बेस्ट दिन है। आइए जानते हैं कि साल 2026 की पहली कालाष्टमी पर किन उपायों से भैरव बाबा को प्रसन्न करें।

काल को प्रसन्न करते हैं ये उपाय

काल को प्रसन्न करते हैं ये उपाय

Kalashtami 2026 Kal Bhairav Puja: साल 2026 में माघ माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी का पूजन किया जाएगा। यह साल 2026 की पहली कालाष्टमी होगी, जो 10 जनवरी को है। कालाष्टमी भगवान कालभैरव की पूजा का विशेष दिन माना जाता है। कालभैरव शिव जी का उग्र रूप हैं, जो संकट, भय, शत्रु और नकारात्मकता दूर करते हैं। इस दिन सच्चे मन से पूजा करने से जीवन की हर परेशानी दूर हो जाती है। कालसर्प दोष, शनि-राहु की पीड़ा और मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है। अगर आप भी किसी समस्या से जूझ रहे हैं, तो साल की पहली कालाष्टमी पर इन 5 सरल तरीकों से भैरव बाबा को प्रसन्न करें। इससे आपकी लाइफ शानदार हो जाएगी।

काले कुत्ते को भोजन कराएं

कालभैरव का वाहन कुत्ता है, इसके लिए खासकर काले कुत्ते का चुनाव करें। इस दिन काले कुत्ते को रोटी, दूध या मीठा भोजन कराना सबसे शुभ माना जाता है। अगर काला कुत्ता न मिले तो किसी भी कुत्ते को खिलाएं। इससे भैरव बाबा बहुत जल्दी प्रसन्न होते हैं और घर से हर संकट दूर हो जाता है। मान्यता है कि कुत्ते को खिलाने से पितृ दोष भी शांत होता है।

महामृत्युंजय मंत्र का जप करें

कालाष्टमी पर महामृत्युंजय मंत्र ‘ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्’ का 108 बार जप करें। रुद्राक्ष की माला से जाप करें तो फल कई गुना बढ़ जाता है। यह मंत्र रोग, भय और मृत्यु जैसे संकटों से रक्षा करता है। रात में निशिता काल में जप करें तो विशेष लाभ मिलेगा। निशिता काल 10 जनवरी की रात निशिता काल 12:02 से 12:56 बजे तक रहेगा।

कालभैरव स्तोत्र या चालीसा का पाठ करें

घर पर कालभैरव स्तोत्र या भैरव चालीसा का पाठ करें। अगर मंदिर जाएं तो वहां पाठ करें। पाठ के बाद भैरव जी को प्रसाद चढ़ाएं। इसमें उड़द की दाल या मीठा अर्पित कर सकते हैं। इससे शत्रु शांत होते हैं और जीवन में स्थिरता आती है। साल की पहली कालाष्टमी पर यह पाठ करने से पूरे साल सुरक्षा मिलती है।

सरसों के तेल का दीपक जलाएं

कालभैरव को सरसों का तेल बहुत प्रिय है। शाम को भैरव जी के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं। दीपक में थोड़ा सा सिंदूर मिलाएं। दीपक जलाते समय ‘ॐ कालभैरवाय नमः’ मंत्र जपें। इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और ग्रह दोष शांत होते हैं।

तिल और उड़द का दान करें

इस दिन तिल, उड़द की दाल या काले कपड़े दान करें। जरूरतमंद या ब्राह्मण को दान करें। दान में थोड़ा तेल भी शामिल करें। इससे शनि और राहु का बुरा प्रभाव कम होता है। कालाष्टमी पर दान करने से पुण्य कई गुना बढ़ जाता है।

डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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Mohit Tiwari
Mohit Tiwari author

मोहित तिवारी को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित न्यूजपेपर में फील्ड रिपोर्टिंग से की थी। मोहित ... और देखें

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