अध्यात्म

Guru Pushya Nakshatra 2025: नए साल में सिर्फ तीन दिन गुरु पुष्य नक्षत्र योग, नोट कर लें डेट्स

Guru Pushya Nakshatra 2025: गुरु पुष्य योग को गुरु पुष्य नक्षत्र योग, गुरुपुष्यामृत योग और गुरु पुष्य अमृत योग के नाम से जाना जाता है। ये सभी योगों में प्रधान माना जाता है। जानिए नए साल में गुरु पुष्य नक्षत्र योग कब-कब पड़ेगा।

Image

Guru Pushya Nakshatra 2025

Guru Pushya Nakshatra 2025: गुरु पुष्य योग सभी योगों में प्रधान माना जाता है। कहते हैं इस योग में किए गए कार्य सफल हो जाते हैं। इसलिए लोग इस शुभ योग से अपने नए कार्य की शुरुआत करना सबसे शुभ मानते हैं। मुख्य रूप से लोग नए व्यापार की शुरुआत, नई प्रॉपर्टी और नये वाहन की खरीदारी इसी योग में करते हैं। चलिए आपको बताते हैं 2025 में गुरु पुष्य योग कब-कब रहेगा।

गुरु पुष्य नक्षत्र योग 2025 (Guru Pushya Nakshatra 2025)

गुरु पुष्य योग के दिनगुरु पुष्य योग का समय
24 जुलाई 2025, बृहस्पतिवार04:43 पी एम से 05:39 ए एम, जुलाई 25
21 अगस्त 2025, बृहस्पतिवार05:53 ए एम से 12:08 ए एम, अगस्त 22
18 सितम्बर 2025, बृहस्पतिवार 06:07 ए एम से 06:32 ए एम

गुरु पुष्य योग कब बनता है (Guru Pushya Yoga Kab Banta Hai)

गुरु पुष्य योग एक शुभ योग माना जाता है। जो शिक्षा ग्रहण करने, नवीन कार्य शुरू करने, मकान और वाहन की खरीदारी के अलावा महत्वपूर्ण अनुबन्धों पर हस्ताक्षर करने के लिए शुभ माना जाता है। कहते हैं इस योग में किए गए शुभ कार्य अच्छे परिणाम देते हैं। धार्मिक मान्यताओं अनुसार मां लक्ष्मी का जन्म पुष्य नक्षत्र में ही हुआ था। जब पुष्य नक्षत्र का गुरुवार के साथ संयोग होता है तो ये गुरु पुष्य योग बन जाता है। जब पुष्य नक्षत्र रविवार के दिन पड़ता है तो ये रवि पुष्यामृत योग कहलाता है।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

और पढ़ें
End of Article