गणेश चतुर्थी की शाम में करें गणपति बप्पा की आरती, देखें जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा आरती के संपूर्ण लिरिक्स
गणेश चतुर्थी की शाम में करें गणपति बप्पा की आरती, देखें जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा आरती के संपूर्ण लिरिक्स
Ganesh Ji Ki Aarti
गणेश जी की आरती लिरिक्स (Ganesh Ji Ki Aarti Lyrics In Hindi)
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी ।
माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी ॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
पान चढ़े फल चढ़े, और चढ़े मेवा ।
लड्डुअन का भोग लगे, संत करें सेवा ॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया ।
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया ॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
'सूर' श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा ।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी ।
कामना को पूर्ण करो, जाऊं बलिहारी ॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
गणेश चतुर्थी स्थापना पूजन विधि (Ganesh Chaturthi Sthapana Vidhi In Hindi)
मान्यता है कि भगवान गणेश का जन्म दोपहर के आसपास हुआ था यही वजह है कि गणेश चतुर्थी की पूजा के लिए दोपहर का ही समय शुभ माना जाता है। इस मुहूर्त में गणेश जी की प्रतिमा की स्थापना की जाती है। सबसे पहले गणेश जी की मूर्ति को गंगाजल से पवित्र किया जाता है। इसके बाद फूल, दूर्वा आदि चीजें चढ़ाई जाती हैं। फिर भगवान को उनकी प्रिय चीजों का भोग लगाया जाता है। जितने दिन भी आप गणेश प्रतिमा घर में रख रहे हैं उतने दिन विधि विधान पूजा करें और दिन के तीनों टाइम बप्पा को भोग लगाएं। गणेश उत्सव के दौरान, प्रतिदिन शाम को भगवान गणेश की आरती की जाती है। गणेश चतुर्थी के डेढ़, तीन, पांच या सात दिन बाद गणेश चतुर्थी पर लाई गई प्रतिमा का विधि विधान विसर्जन कर दिया जाता है।
Sukhkarta Dukhharta Aarti Lyrics: सुख करता दुखहर्ता आरती लिरिक्स
नूर्वी पूर्वी प्रेम कृपा जयाची ।
सर्वांगी सुन्दर उटी शेंदु राची ।
कंठी झलके माल मुकताफळांची ।
जय देव जय देव..
जय देव जय देव, जय मंगल मूर्ति ।
दर्शनमात्रे मनः, कामना पूर्ति
जय देव जय देव ॥
रत्नखचित फरा तुझ गौरीकुमरा ।
चंदनाची उटी कुमकुम केशरा ।
हीरे जडित मुकुट शोभतो बरा ।
रुन्झुनती नूपुरे चरनी घागरिया ।
जय देव जय देव..
जय देव जय देव, जय मंगल मूर्ति ।
दर्शनमात्रे मनः, कामना पूर्ति
जय देव जय देव ॥
लम्बोदर पीताम्बर फनिवर वंदना ।
सरल सोंड वक्रतुंडा त्रिनयना ।
दास रामाचा वाट पाहे सदना ।
संकटी पावावे निर्वाणी, रक्षावे सुरवर वंदना ।
जय देव जय देव..
जय देव जय देव, जय मंगल मूर्ति ।
दर्शनमात्रे मनः, कामना पूर्ति
जय देव जय देव ॥
गणेश विसर्जन 2024 मुहूर्त (Ganesh Visarjan 2024 Muhurat)
8 सितंबर 2024 (दूसरा दिन)01:52 PM से 03:26 PM06:34 PM से 10:53 PM01:45 AM से 03:11 AM, सितम्बर 0904:37 AM से 06:03 AM सितम्बर 09
9 सितंबर 2024 (तीसरा दिन)06:03 AM से 07:37 AM, 09:11 AM से 10:44 AM01:52 PM से 06:33 PM06:33 PM से 07:59 PM10:52 PM से 12:18 AM, सितम्बर 10
11 सितंबर 2024 (चौथा दिन)10:44 AM से 12:17 PM03:24 PM से 06:31 PM07:57 PM से 12:18 ए एम, सितम्बर 1203:11 AM से 04:38 AM, सितम्बर 12
13 सितंबर 2024 (पांचवां दिन)06:05 AM से 10:44 AM04:55 PM से 06:28 PM12:17 PM से 01:50 PM09:23 PM से 10:50 PM, 12:17 AM से 04:38 AM, सितम्बर 14
17 सितंबर 2024 (छठा दिन)09:11 AM से 01:47 PM03:19 PM से 04:51 PM07:51 PM से 09:19 PM10:47 PM से 03:12 AM, सितम्बर 18
Ganesh Chaturthi 2024 visarjan Date 5 Day (पांचवे दिन गणेश विसर्जन कब किया जाएगा)
Can we eat nonveg on ganesh chaturthi
Ganpati Ji Ki Aarti In Hindi (गणपति जी की आरती)
नूर्वी पूर्वी प्रेम कृपा जयाची ।
सर्वांगी सुन्दर उटी शेंदु राची ।
कंठी झलके माल मुकताफळांची ।
जय देव जय देव..
जय देव जय देव, जय मंगल मूर्ति ।
दर्शनमात्रे मनः, कामना पूर्ति
जय देव जय देव ॥
रत्नखचित फरा तुझ गौरीकुमरा ।
चंदनाची उटी कुमकुम केशरा ।
हीरे जडित मुकुट शोभतो बरा ।
रुन्झुनती नूपुरे चरनी घागरिया ।
जय देव जय देव..
जय देव जय देव, जय मंगल मूर्ति ।
दर्शनमात्रे मनः, कामना पूर्ति
जय देव जय देव ॥
लम्बोदर पीताम्बर फनिवर वंदना ।
सरल सोंड वक्रतुंडा त्रिनयना ।
दास रामाचा वाट पाहे सदना ।
संकटी पावावे निर्वाणी, रक्षावे सुरवर वंदना ।
जय देव जय देव..
जय देव जय देव, जय मंगल मूर्ति ।
दर्शनमात्रे मनः, कामना पूर्ति
जय देव जय देव ॥
गणेश चतुर्थी कथा (Ganesh Chaturthi Katha)
शाम में जब सेठ जी आए तो देखा कि आज तो कुछ भी काम नहीं हुआ तब उसमें से एक मिस्त्री ने सेठ जी को सारी बात बता दी। सेठ जी ने बुढ़िया को बुलवाया और उसे सोने की गणेश प्रतिमा लाकर दी। जिसके बाद दीवार सीधी हो गई। हे विनायक जी जैसे आपने सेठ की दीवार सीधी की ऐसे ही सबकी करना। सब पर अपनी कृपा बनाए रखना।
गणेश विसर्जन 2024 मुहूर्त (Ganesh Visarjan 2024 Muhurat)
Ganesh Chaturthi History (गणेश चतुर्थी इतिहास)
Ganesh Chaturthi 2024 Kyun Manate Hai (गणेश चतुर्थी क्यों मनाते हैं)
सबसे पहले गणेश जी की पूजा क्यों की जाती है
गणेश स्थापना पूजा विधि (Ganesh Sthapana Puja Vidhi In Hindi)
इसके बाद गणेश प्रतिमा की स्थापना करने के लिए एक चौकी लें और उस पर लाल रंग का कपड़ा बिछाएं।
फिर भगवान की मूर्ति के सामने बैठकर पूजा शुरू करें।
इसके बाद घी का दीपक जलाएं।
गणेश जी की मूर्ति को गंगाजल से पवित्र करने के बाद उन पर फूल, दूर्वा आदि चढ़ाएं।
फिर गणेश जी को मोदक का भोग लगाएं।
गणेश जी के मंत्रों का जाप करें।
अंत में गणेश जी की आरती करें।
दिनभर फलाहार करें और शाम को गणेश भगवान की फिर से विधि विधान पूजा करें। इसके बाद ही भोजन ग्रहण करें।
Ganesh Chaturthi Puja Vidhi at home
गणपति बप्पा की मूर्ति के बगल में ऋद्धि-सिद्धि रखें, इनकी जगह आप उनके स्वरूप में सुपारी भी रख सकते हैं।
भगवान की मूर्ति के दाहिनी ओर कलश रखें और उसमें जल भरें।
इसके बाद हाथ में फूल और अक्षत लेकर गणपति बप्पा का ध्यान करें।
गणपति बप्पा को फल, फूल और मिठाई अर्पित करें।
उनकी पूजा में ॐ गं गणपतये नमः मंत्र का जाप करें।
पूजा के अंत में भगवान श्री गणेश की आरती करें।
गणेश स्थापना मंत्र (Ganesh Sthapana Mantra)
श्री वक्रतुण्ड महाकाय सूर्य कोटी समप्रभा निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्व-कार्येशु सर्वदा॥
ॐ एकदन्ताय विहे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्तिः प्रचोदयात् ॥
गजाननाय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्।।
ॐ नमो गणपतये कुबेर येकद्रिको फट् स्वाहा।
गणेश स्थापना पूजा सामग्री लिस्ट (Ganesh Sthapana Puja Samagri List In Hindi)
गणेश विसर्जन कब है 2024 (Ganesh Visarjan 2024 Start Date And End Date)
गणेश स्थापना पूजा विधि (Ganesh Sthapana Puja Vidhi In Hindi)
- सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान कर लें।
- इसके बाद गणेश प्रतिमा की स्थापना करने के लिए एक चौकी लें और उस पर लाल रंग का कपड़ा बिछाएं।
- फिर भगवान की मूर्ति के सामने बैठकर पूजा शुरू करें।
- इसके बाद घी का दीपक जलाएं।
- गणेश जी की मूर्ति को गंगाजल से पवित्र करने के बाद उन पर फूल, दूर्वा आदि चढ़ाएं।
- फिर गणेश जी को मोदक का भोग लगाएं।
- गणेश जी के मंत्रों का जाप करें।
- अंत में गणेश जी की आरती करें।
- दिनभर फलाहार करें और शाम को गणेश भगवान की फिर से विधि विधान पूजा करें। इसके बाद ही भोजन ग्रहण करें।
गणेश उत्सव की शुरुआत किसने की थी?
Ganesh Sthapana Mantra In Sanskrit: गणेश स्थापना मंत्र इन संस्कृत
गणेश विसर्जन के लिए शुभ मुहूर्त (Ganesh Visarjan 2024 Shubh Muhurat)
अपराह्न मुहूर्त (शुभ) - 02:55 पी एम से 04:26 पी एम
सायाह्न मुहूर्त (लाभ) - 07:27 पी एम से 08:55 पी एम
रात्रि मुहूर्त (शुभ, अमृत, चर) - 10:23 पी एम से 02:47 ए एम, सितम्बर 18
चतुर्दशी तिथि प्रारम्भ - सितम्बर 16, 2024 को 03:10 पी एम बजे
चतुर्दशी तिथि समाप्त - सितम्बर 17, 2024 को 11:44 ए एम बजे
