LIVE

गणेश चतुर्थी की शाम में करें गणपति बप्पा की आरती, देखें जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा आरती के संपूर्ण लिरिक्स

गणेश चतुर्थी की शाम में करें गणपति बप्पा की आरती, देखें जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा आरती के संपूर्ण लिरिक्स

गणेश चतुर्थी की शाम में करें गणपति बप्पा की आरती, देखें जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा आरती के संपूर्ण लिरिक्स

गणेश चतुर्थी का त्योहार पूरे भारत वर्ष में बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं अनुसार इस दिन भगवान गणेश का जन्म हुआ था। इसलिए गणेश चतुर्थी पर लोग अपने घर में गणपति बप्पा की प्रतिमा की स्थापना करते हैं और उनकी विधि विधान पूजा की जाती है। गणेश चतुर्थी को कलंक चतुर्थी (Kalank Chauth 2024), डंडा चौथ, पत्थर चौथ (Pathar Chauth 2024) आदि नामों से भी जाना जाता है। गणेश चतुर्थी उत्सव के दौरान सुबह और शाम के समय विधि विधान गणेश जी की आरती (Ganesh Ji Ki Aarti) की जाती है। यहां देखें श्री गणेश आरती के लिरिक्स।

Ganesh Ji Ki Aarti

गणेश जी की आरती लिरिक्स (Ganesh Ji Ki Aarti Lyrics In Hindi)
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी ।
माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी ॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
पान चढ़े फल चढ़े, और चढ़े मेवा ।
लड्डुअन का भोग लगे, संत करें सेवा ॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया ।
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया ॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
'सूर' श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा ।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी ।
कामना को पूर्ण करो, जाऊं बलिहारी ॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥

गणेश चतुर्थी स्थापना पूजन विधि (Ganesh Chaturthi Sthapana Vidhi In Hindi)
मान्यता है कि भगवान गणेश का जन्म दोपहर के आसपास हुआ था यही वजह है कि गणेश चतुर्थी की पूजा के लिए दोपहर का ही समय शुभ माना जाता है। इस मुहूर्त में गणेश जी की प्रतिमा की स्थापना की जाती है। सबसे पहले गणेश जी की मूर्ति को गंगाजल से पवित्र किया जाता है। इसके बाद फूल, दूर्वा आदि चीजें चढ़ाई जाती हैं। फिर भगवान को उनकी प्रिय चीजों का भोग लगाया जाता है। जितने दिन भी आप गणेश प्रतिमा घर में रख रहे हैं उतने दिन विधि विधान पूजा करें और दिन के तीनों टाइम बप्पा को भोग लगाएं। गणेश उत्सव के दौरान, प्रतिदिन शाम को भगवान गणेश की आरती की जाती है। गणेश चतुर्थी के डेढ़, तीन, पांच या सात दिन बाद गणेश चतुर्थी पर लाई गई प्रतिमा का विधि विधान विसर्जन कर दिया जाता है।

SEPT 07, 2024 18:36 IST

Sukhkarta Dukhharta Aarti Lyrics: सुख करता दुखहर्ता आरती लिरिक्स

सुख करता दुखहर्ता, वार्ता विघ्नाची ।
नूर्वी पूर्वी प्रेम कृपा जयाची ।
सर्वांगी सुन्दर उटी शेंदु राची ।
कंठी झलके माल मुकताफळांची ।
जय देव जय देव..
जय देव जय देव, जय मंगल मूर्ति ।
दर्शनमात्रे मनः, कामना पूर्ति
जय देव जय देव ॥
रत्नखचित फरा तुझ गौरीकुमरा ।
चंदनाची उटी कुमकुम केशरा ।
हीरे जडित मुकुट शोभतो बरा ।
रुन्झुनती नूपुरे चरनी घागरिया ।
जय देव जय देव..
जय देव जय देव, जय मंगल मूर्ति ।
दर्शनमात्रे मनः, कामना पूर्ति
जय देव जय देव ॥
लम्बोदर पीताम्बर फनिवर वंदना ।
सरल सोंड वक्रतुंडा त्रिनयना ।
दास रामाचा वाट पाहे सदना ।
संकटी पावावे निर्वाणी, रक्षावे सुरवर वंदना ।
जय देव जय देव..
जय देव जय देव, जय मंगल मूर्ति ।
दर्शनमात्रे मनः, कामना पूर्ति
जय देव जय देव ॥
SEPT 07, 2024 17:59 IST

गणेश विसर्जन 2024 मुहूर्त (Ganesh Visarjan 2024 Muhurat)

7 सितंबर 2024 (पहला दिन)01:34 PM से 05:01 PM06:35 PM से 08:01 PM09:27 PM से 01:45 AM, सितम्बर 0804:37 AM से 06:03 AM, सितम्बर 08
8 सितंबर 2024 (दूसरा दिन)01:52 PM से 03:26 PM06:34 PM से 10:53 PM01:45 AM से 03:11 AM, सितम्बर 0904:37 AM से 06:03 AM सितम्बर 09
9 सितंबर 2024 (तीसरा दिन)06:03 AM से 07:37 AM, 09:11 AM से 10:44 AM01:52 PM से 06:33 PM06:33 PM से 07:59 PM10:52 PM से 12:18 AM, सितम्बर 10
11 सितंबर 2024 (चौथा दिन)10:44 AM से 12:17 PM03:24 PM से 06:31 PM07:57 PM से 12:18 ए एम, सितम्बर 1203:11 AM से 04:38 AM, सितम्बर 12
13 सितंबर 2024 (पांचवां दिन)06:05 AM से 10:44 AM04:55 PM से 06:28 PM12:17 PM से 01:50 PM09:23 PM से 10:50 PM, 12:17 AM से 04:38 AM, सितम्बर 14
17 सितंबर 2024 (छठा दिन)09:11 AM से 01:47 PM03:19 PM से 04:51 PM07:51 PM से 09:19 PM10:47 PM से 03:12 AM, सितम्बर 18
SEPT 07, 2024 17:29 IST

Ganesh Chaturthi 2024 visarjan Date 5 Day (पांचवे दिन गणेश विसर्जन कब किया जाएगा)

3 सितंबर 2024 (पांचवां दिन)06:05 AM से 10:44 AM04:55 PM से 06:28 PM12:17 PM से 01:50 PM09:23 PM से 10:50 PM, 12:17 AM से 04:38 AM, सितम्बर 14
SEPT 07, 2024 17:03 IST

Can we eat nonveg on ganesh chaturthi

गणेश चतुर्थी के दिन मांसहारी भोजन करना वर्जित होता है।
SEPT 07, 2024 16:29 IST

Ganpati Ji Ki Aarti In Hindi (गणपति जी की आरती)

सुख करता दुखहर्ता, वार्ता विघ्नाची ।
नूर्वी पूर्वी प्रेम कृपा जयाची ।
सर्वांगी सुन्दर उटी शेंदु राची ।
कंठी झलके माल मुकताफळांची ।
जय देव जय देव..
जय देव जय देव, जय मंगल मूर्ति ।
दर्शनमात्रे मनः, कामना पूर्ति
जय देव जय देव ॥
रत्नखचित फरा तुझ गौरीकुमरा ।
चंदनाची उटी कुमकुम केशरा ।
हीरे जडित मुकुट शोभतो बरा ।
रुन्झुनती नूपुरे चरनी घागरिया ।
जय देव जय देव..
जय देव जय देव, जय मंगल मूर्ति ।
दर्शनमात्रे मनः, कामना पूर्ति
जय देव जय देव ॥
लम्बोदर पीताम्बर फनिवर वंदना ।
सरल सोंड वक्रतुंडा त्रिनयना ।
दास रामाचा वाट पाहे सदना ।
संकटी पावावे निर्वाणी, रक्षावे सुरवर वंदना ।
जय देव जय देव..
जय देव जय देव, जय मंगल मूर्ति ।
दर्शनमात्रे मनः, कामना पूर्ति
जय देव जय देव ॥
SEPT 07, 2024 16:11 IST

गणेश चतुर्थी कथा (Ganesh Chaturthi Katha)

एक नगर में एक बुढ़िया रहती थी जो रोजाना गणेश जी की विधि विधान पूजा करती थी। लेकिन इस पूजा के लिए उसे रोजाना ही गणेश जी की प्रतिमा बनानी पड़ती थी। दरअसल वो मिट्टी की मूर्ति बनाती है जिस वजह से वो मूर्ति गल जाती थी। एक दिन उसके घर के पास एक सेठ जी का मकान बन रहा था। बुढ़िया मकान बनाने वाले कारिगरों के पास जाकर बोली कि क्या तुम मेरे लिए पत्थर की गणेश प्रतिमा बना दोगे। कारीगरों ने तुरंत मना कर दिया। कहने लगे जितनी देर में हम तेरे लिए प्रतिमा बनाएंगे उतनी देर में सेठ जी की दीवार न बना लेंगे। बुढ़िया को बहुत ही दुख हुआ वो कहने लगी भगवान करे कि तुम्हारी दीवार टेढ़ी हो जाए। ऐसा कहते ही दीवार सच में टेढ़ी हो गई। इसके बाद से कारीगरों ने कई बार वो दीवार बनाने की कोशिश कि पर वो सीधी बनकर ही नहीं दे रही थी।
शाम में जब सेठ जी आए तो देखा कि आज तो कुछ भी काम नहीं हुआ तब उसमें से एक मिस्त्री ने सेठ जी को सारी बात बता दी। सेठ जी ने बुढ़िया को बुलवाया और उसे सोने की गणेश प्रतिमा लाकर दी। जिसके बाद दीवार सीधी हो गई। हे विनायक जी जैसे आपने सेठ की दीवार सीधी की ऐसे ही सबकी करना। सब पर अपनी कृपा बनाए रखना।
SEPT 07, 2024 15:51 IST

गणेश विसर्जन 2024 मुहूर्त (Ganesh Visarjan 2024 Muhurat)

8 सितंबर 2024 (दूसरा दिन)01:52 PM से 03:26 PM06:34 PM से 10:53 PM01:45 AM से 03:11 AM, सितम्बर 0904:37 AM से 06:03 AM सितम्बर 09
SEPT 07, 2024 15:30 IST

Ganesh Chaturthi History (गणेश चतुर्थी इतिहास)

गणेश चतुर्थी मनाने की परंपरा बहुत पुराने समय से चली आ रही है। गणेश उत्सव मनाने की शुरुआत महाराष्ट्र के पुणे से हुई थी। यही कारण है कि गणेश उत्सव का पर्व महाराष्ट्र में बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि जब देश में मुगलों का शासन हो रहा था। तब अपनी धार्मिक संस्कृति को सुरक्षित करने के लिए छत्रपति शिवाजी ने अपनी माता जीजाबाई के साथ गणेश चतुर्थी की पूजा की थी और गणेश उत्सव शुरू किया था। तब से ही हर साल गणेश चतुर्थी के दिन से गणेश उत्सव मनाने की परंपरा शुरू हो गई और पौराणिक कथा के अनुसार 10 दिन की पूजा के बाद गणेश जी का विसर्जन किया जाता है।
SEPT 07, 2024 15:09 IST

Ganesh Chaturthi 2024 Kyun Manate Hai (गणेश चतुर्थी क्यों मनाते हैं)

गणेश चतुर्थी का त्योहार भगवान गणेश के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार भाद्रपद महीने की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन ही गणेश जी का जन्म हुआ था। कुछ कथा के अनुसार इसी चतुर्थी तिथि के दिन से भगवान गणेश ने वेद व्यास जी के कहने पर महाभारत लिखने की शुरुआत की थी। गणेश चतुर्थी के दिन बप्पा की विधि- विधान से पूजा की जाती है और हर घर में बप्पा को स्थापित किया जाता है। ये त्योहार पूरे 10 दिनों तक चलता है और अनंत चतुर्थी के दिन इस गणेश उत्सव का समापन होता है।
SEPT 07, 2024 14:50 IST

सबसे पहले गणेश जी की पूजा क्यों की जाती है

पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार श्रेष्ठता को लेकर देवी-देवताओं के विचारों में मतभेद की स्थिति उत्पन्न हो गई। सभी अपने आप को श्रेष्ठ बताने लगे और सर्वप्रथम खुद को पूज्य कहने लगे। इस चर्चा में महर्षि नारद मौजूद थे। ऐसे में नारद जी ने अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि इस विषय का उत्तर महादेव से जानने की कोशिश की जाए। इसके बाद सभी देवता शिव जी के पास पहुचें। सभी देवी-देवताओं की बात को सुनकर महादेव ने कहा कि आप सभी अपने वाहनों पर सवार होकर ब्रह्मांड की परिक्रमा कर आएं।
SEPT 07, 2024 14:28 IST

गणेश स्थापना पूजा विधि (Ganesh Sthapana Puja Vidhi In Hindi)

सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान कर लें।
इसके बाद गणेश प्रतिमा की स्थापना करने के लिए एक चौकी लें और उस पर लाल रंग का कपड़ा बिछाएं।
फिर भगवान की मूर्ति के सामने बैठकर पूजा शुरू करें।
इसके बाद घी का दीपक जलाएं।
गणेश जी की मूर्ति को गंगाजल से पवित्र करने के बाद उन पर फूल, दूर्वा आदि चढ़ाएं।
फिर गणेश जी को मोदक का भोग लगाएं।
गणेश जी के मंत्रों का जाप करें।
अंत में गणेश जी की आरती करें।
दिनभर फलाहार करें और शाम को गणेश भगवान की फिर से विधि विधान पूजा करें। इसके बाद ही भोजन ग्रहण करें।
SEPT 07, 2024 14:10 IST

Ganesh Chaturthi Puja Vidhi at home

भगवान श्री गणेश को गंगाजल से स्नान कराएं।
गणपति बप्पा की मूर्ति के बगल में ऋद्धि-सिद्धि रखें, इनकी जगह आप उनके स्वरूप में सुपारी भी रख सकते हैं।
भगवान की मूर्ति के दाहिनी ओर कलश रखें और उसमें जल भरें।
इसके बाद हाथ में फूल और अक्षत लेकर गणपति बप्पा का ध्यान करें।
गणपति बप्पा को फल, फूल और मिठाई अर्पित करें।
उनकी पूजा में ॐ गं गणपतये नमः मंत्र का जाप करें।
पूजा के अंत में भगवान श्री गणेश की आरती करें।
SEPT 07, 2024 14:01 IST

गणेश स्थापना मंत्र (Ganesh Sthapana Mantra)

ॐ गं गणपतये सर्व कार्य सिद्धि कुरु कुरु स्वाहा ॥
श्री वक्रतुण्ड महाकाय सूर्य कोटी समप्रभा निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्व-कार्येशु सर्वदा॥
ॐ एकदन्ताय विहे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्तिः प्रचोदयात् ॥
गजाननाय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्।।
ॐ नमो गणपतये कुबेर येकद्रिको फट् स्वाहा।
SEPT 07, 2024 13:43 IST

गणेश स्थापना पूजा सामग्री लिस्ट (Ganesh Sthapana Puja Samagri List In Hindi)

सिंदूर, गणेश मूर्ति, कलश, मोदक, केला, रती की किताब, सुपारी, मौसमी फल, धूप, दीप, गंगाजल, कपूर, जनेऊ, चंदन, फूल, अक्षत्, पान का पत्ता, लकड़ी की चौकी, केले के पौधे, पीला और लाल रंग का कपड़ा, नए वस्त्र।
SEPT 07, 2024 13:21 IST

गणेश विसर्जन कब है 2024 (Ganesh Visarjan 2024 Start Date And End Date)

गणेश विसर्जन गणेश चतुर्थी के दिन, इसके अगले दिन, तीसरे दिन, पांचवें दिन, सांतवें दिन और अनंत चतुर्दशी के दिन किया जा सकता है। यहां नोट कर लें गणपति विसर्जन की सभी तिथियां और मुहूर्त।
SEPT 07, 2024 12:52 IST

गणेश स्थापना पूजा विधि (Ganesh Sthapana Puja Vidhi In Hindi)

  • सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान कर लें।
  • इसके बाद गणेश प्रतिमा की स्थापना करने के लिए एक चौकी लें और उस पर लाल रंग का कपड़ा बिछाएं।
  • फिर भगवान की मूर्ति के सामने बैठकर पूजा शुरू करें।
  • इसके बाद घी का दीपक जलाएं।
  • गणेश जी की मूर्ति को गंगाजल से पवित्र करने के बाद उन पर फूल, दूर्वा आदि चढ़ाएं।
  • फिर गणेश जी को मोदक का भोग लगाएं।
  • गणेश जी के मंत्रों का जाप करें।
  • अंत में गणेश जी की आरती करें।
  • दिनभर फलाहार करें और शाम को गणेश भगवान की फिर से विधि विधान पूजा करें। इसके बाद ही भोजन ग्रहण करें।
SEPT 07, 2024 12:36 IST

गणेश उत्सव की शुरुआत किसने की थी?

माना जाता है कि छत्रपति शिवाजी महाराज के समय से गणेश उत्सव चला आया है। हालांकि बाद में लोकमान्य तिलक ने इस त्यौहार को भव्य रूप से मनाने की परंपरा की शुरुआत की।
SEPT 07, 2024 12:14 IST

Ganesh Sthapana Mantra In Sanskrit: गणेश स्थापना मंत्र इन संस्कृत

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ । निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा ॥ एकदन्तं महाकायं लम्बोदरगजाननम्ं।
SEPT 07, 2024 11:59 IST

गणेश विसर्जन के लिए शुभ मुहूर्त (Ganesh Visarjan 2024 Shubh Muhurat)

प्रातः मुहूर्त (चर, लाभ, अमृत) - 08:47 ए एम से 01:23 पी एम
अपराह्न मुहूर्त (शुभ) - 02:55 पी एम से 04:26 पी एम
सायाह्न मुहूर्त (लाभ) - 07:27 पी एम से 08:55 पी एम
रात्रि मुहूर्त (शुभ, अमृत, चर) - 10:23 पी एम से 02:47 ए एम, सितम्बर 18
चतुर्दशी तिथि प्रारम्भ - सितम्बर 16, 2024 को 03:10 पी एम बजे
चतुर्दशी तिथि समाप्त - सितम्बर 17, 2024 को 11:44 ए एम बजे
SEPT 07, 2024 11:31 IST

Ganesh Sthapana Samagri: गणेश स्थापना सामग्री लिस्ट

सिंदूर, गणेश मूर्ति, कलश, मोदक, केला, रती की किताब, सुपारी, मौसमी फल, धूप, दीप, गंगाजल, कपूर, जनेऊ, चंदन, फूल, अक्षत्, पान का पत्ता, लकड़ी की चौकी, केले के पौधे, पीला और लाल रंग का कपड़ा, नए वस्त्र।