Dev Deepawali Puja Vidhi (देव दीपावली पूजा विधि): हर साल कार्तिक महीने की पूर्णिमा तिथि को देशभर में देव दीपावली मनाई जाती है। इस दिन काशी दीपक की रौशनी से जगमगा उठती है। कहते हैं देव दीपावली के दिन दीपक जलाने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती है। इस दिन पूरे विधि-विधान के साथ पूजा भी की जाती है। यहां से आप जान सकते हैं घर पर देव दीवाली की पूजा कैसे करनी है। यहां देव दीपावाली की पूजा की पूरी विधि बताई गई है।
देव दीपावली की पूजा कैसे करें?
- देव दीपावली के दिन सबसे पहले सुबह उठकर स्नान करें। अगर संभव हो तो गंगा या किसी भी पवित्र नदी में स्नान करें।
- अगर आप नदी में नहीं जा सकते हैं तो अपने नहाने के पानी में गंगाजल मिला सकते हैं।
- इसके बाद शालिग्राम भगवान, कृष्ण भगवान और अन्य सभी भगवान की मूर्तियों को पंचामृत से स्नान कराएं।
- फिर सभी मूर्तियों और शालिग्राम को साफ जल से स्नान कराएं।
- अब सबसे पहले गणेश जी को तिलक करें और इसके बाद मां लक्ष्मी, शालिग्राम जी, कृष्ण जी को चंदन का तिलक लगाएं।
- फिर शालिग्राम भगवान को कलावा चढ़ाएं और ताजे फूल अर्पित करें।
- फिर तुलसी पूजा करें।
- इसके बाद शालिग्राम और कृष्ण भगवान को तुलसी दल का भोग लगाएं। फिर आप चाहें तो खीर, मिठाई का भोग भी लगा सकते हैं।
- अब विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें और देव दीपावली की कथा पढ़ें।
- फुर आपको भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की आरती करनी है और इस तरह देव दीपावली की पूजा पूरी होगी।
देव दीपावली की पूजा के बाद घर में कितने दीए जलाए जाते हैं?
देव दीपावली की पूजा करके आप घर में 5, 11, 21, 51 या 101 दीपक जला सकते हैं। पूजा के पूर्ण फल के यदि संभव हो, तो 365 बत्ती वाला दीपक जलाना इस दिन बहुत ज्यादा शुभ माना जाता है। 365 बत्ती वाला दीपक आपको पूरे साल के दीपदान के बराबर फल देता है।
