Ramadan 2022: शुरू हुआ रमज़ान का पाक महीना, कल पहला रोज़ा, जानें सहरी और इफ्तार का वक्त
रजमान का पाक महीना आज रात से शुरू हो गया है। सबकुछ आज चांद दिखने पर निर्भर था, जो नजर आ गया है। सऊदी अरब में चांद दिखने के बाद आज से रोजा शुरू हो चुका है और ऐसे में पहले ही समझा जा रहा था कि आज चांद यहां भी दिखेगा और देर शाम यहां भी चांद दिख गया।
देश में आज रमजान का चांद नजर आ गया है, जिसके बाद यह पाक महीना शुरू हो रहा है। इसके साथ ही 3 अप्रैल से रोजा की भी शुरुआत हो जाएगी। यानी रविवार (3 अप्रैल) को देश में पहला रोजा रखा जाएगा। कोविड के कारण बीते दो साल में रजमान का पाक महीना कई तरह की बंदिशों के बीच बीता। इस बार कोविड के मामलों में कमी के बीच लोगों को बेहतरी की उम्मीद है। इस्लामी कैलेंडर के हिसाब से रमजान नौवां महीना होता है, जब लोग अल्लाह की इबादत करते हैं और सुबह से शाम तक बिना कुछ खाए-पिए रोजा रखते हैं।
दिन में 5 बार पढ़ी जाती है नमाज
रमजान के पाक महीने में रोजा के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोग दिन में पांच बार नमाज पढ़ते हैं। फज्र की नमाज (सुबह की नमाज) से लेकर इशा (रात की नमाज) की नमाज तक वे दिनभर में कुल मिलाकर पांच बार नमाज पढ़ते हैं। इस दौरान लोगों को अपने भीतर ईर्ष्या, द्वेष, लड़ाई-झगड़े, गुस्सा, झूठ, गाली-गलौच जैसी नकारात्मकताओं को त्याग देना होता है। साथ ही उन्हें स्मोकिंग और शराब से परहेज को भी कहा जाता है।
जानें सहरी और इफ्तार का वक्त
रजमान के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में सहरी और इफ्तार का वक्त अलग-अलग है। दिल्ली में पहले दिन जहां सहरी का वक्त सुबह 4 बजकर 48 मिनट पर होगा, वहीं इफ्तार का समय शाम 6 बजकर 43 मिनट पर होगा। मुंबई में सहरी का वक्त सुबह 5 बजकर 52 मिनट है तो इफ्तार शाम 6 बजकर 52 मिनट होगा। कोलकाता में सहरी 4 बजकर 17 मिनट पर और इफ्तार शाम 5 बजकर 51 मिनट पर है। हैदराबाद में सहरी सुबह 5 बजकर 1 मिनट पर तो इफ्तार 6 बजकर 30 मिनट पर है।
क्या होता है सहरी और इफ्तार
भारत में रमज़ान का पाक महीना आज देर शाम चांद निकलने के साथ ही शुरू हो गया है। कल देशभर में मुस्लिम समुदाय के लोग पहला रोजा रखेंगे। रमजान में सूरज उगने से पहले और सूरज ढलने के बाद ही खाना खाया जाता है। सुबह के खाने को सहरी कहा जाता है तो शाम में सूरज ढलने के बाद नमाज पढ़कर जब रोजा खोला जाता है तो उसे इफ्तार कहते हैं।
दिख गया रमज़ान का चांद
रमज़ान का चांद भारत में नजर आ गया है। लखनऊ ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा, 'हमने लखनऊ में रमज़ान का चांद देखा है। कल हम पहला रोज़ा मनाएंगे। मैं सभी को शुभकामनाएं देता हूं।'
We have spotted #Ramdan 'Chand' (moon) in Lucknow, tomorrow we will observe the first 'Roza'. I extend my wishes to everyone: Lucknow Eidgah Imam Maulana Khalid Rasheed Firangi Mahali pic.twitter.com/hBnggsAOrb
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) April 2, 2022
चार सप्ताह दो दिन चलता है रमजान
रमजान इस्लामिक कैलेंडर का नौवां महीना है, जो 720 घंटे यानी चार सप्ताह और दो दिनों तक चलता है। इस दौरान इस्लाम के अनुयायी सुबह से शाम तक उपवास करते हैं, शांति तथा मार्गदर्शन के लिए प्रार्थना करते हैं। इसका मकसद समुदाय के लोगों को दान या ज़कात के लिए प्रेरिता करना, मानवीय सहायता प्रदान करने वाली गतिविधियों में शामिल होना, वंचितों को खाना खिलाना और उनकी आत्मा को प्रबुद्ध करने के लिए आत्मनिरीक्षण करना है।
कहीं पहले तो कहीं बाद में दिखता है चांद
रमजान का चांद आमतौर पर पहले सऊदी अरब और भारत के कुछ हिस्सों के साथ-साथ कुछ पश्चिमी देशों में भी देखा जाता है और फिर एक दिन बाद शेष भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और अन्य देशों में देखा जाता है। यही वजह है कि अक्सर विभिन्न देशों में इसे लेकर एक दिन आगे या पीछे होता है।
सबकुछ चांद दिखने पर निर्भर
इस्लामिक कैलेंडर चांद दिखने के हिसाब से चलता है और इसलिए हर साल रमजान अलग अलग दिन में शुरू होता है। न केवल इसकी शुरुआत, बल्कि इसका समापन भी चांद दिखने के हिसाब से ही होता है। मस्जिदों से इस्लामिक जानकार इसका ऐलान करते हैं, जिसके बाद ईद मनाई जाती है।
अदा की जाती है विशेष नमाज
रमजान का चांद दिखने वाली शाम को तरावीह की विशेष नमाज अदा की जाती है और अगले दिन सुबह से रोजा रखा जाता है। भारत के अधिकांश हिस्सों में सऊदी अरब की तुलना में एक दिन बाद चांद दिखाई देता है और इसलिए यहां चांद आज दिखने की उम्मीद है, जिसके बाद रविवार से लोग रोजा रख पाएंगे।
आज चांद दिखने की उम्मीद
रमजान की शुरुआत कब होगी यह चांद दिखने पर निर्भर होता है और यही वजह है कि सऊदी अरब सहित कई देशों में जहां रमजान का पाक महीना शनिवार से ही शुरू हो गया, वहीं भारत में आज रमजान का चांद दिखने की उम्मीद है, जिसके बाद रोजा रविवार से शुरू होगा।
सऊदी अरब में रोजा शुरू
सऊदी अरब में रमजान का चांद शुक्रवार (1 अप्रैल) को ही दिख गया, जिसके बाद यहां रोजा रखने की शुरुआत भी आज (शनिवार, 2 अप्रैल) से हो गई है। सऊदी अरब के कई हिस्सों में शुक्रवार को रमजान का चांद देखा गया, जिसके बाद शनिवार से ही यहां रोजा रखने का ऐलान किया गया।
कब शुरू हुई रोजा रखने की पंरपरा?
इस्लाम में रमजान के पाक महीने में रोजा रखने की परंपरा दूसरी हिजरी से शुरू हुई, बताया जाता है कि मुहम्मद साहब के मक्के से हिजरत (प्रवास) कर मदीना पहुंचने के सालभर बाद रोजा रखने का हुक्म आया, जिसका पालन लोग आज भी करते हैं।

