अध्यात्म

भाई दूज पर आरती कैसे उतारें? भाई की आरती करते समय क्या बोलना चाहिए? जानें, भाई दूज पर कौन से मंत्र बोलना है

दीपावली के दो दिन आज भाई दूज मनाया जा रहा है। इस दिन बहन अपने भाई की लंबी उम्र और खुशहाली के लिए यम देवता की पूजा करती है और भाई को तिलक लगाकर उनकीआरती उतारती है। यहां से आप जानें कि भाई दूज पर आरती कैसे उतारें? भाई की आरती करते समय क्या बोलना चाहिए?

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भाई दूज पर आरती कैसे उतारें (pic credit: canva)

आज भाई दूज का शुभ दिन है। ये त्योहार दीवाली से दो दिन बाद कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है इसलिए इसे यम द्वितीया भी कहा जाता है। इस दिन बहन अपने भाई की दीर्घायु, सुख, समृद्धि और सुरक्षा की कामना करती है। इसके लिए बहन अपने भाई को तिलक लगाती हैं और उनकी आरती करती हैं। अगर आप भी भाई दूज मनाती हैं तो आपको पता होना चाहिए कि आज के दिन भाई की आरती कैसे उतारनी है। साथ ही आरती उतारते हुए और तिलक लगाते हुए कौन सा मंत्र बोलना है। आपकी मदद के लिए ये सभी जानकारी यहां भी दी गई है।

भाई दूज पर आरती कैसे उतारें?

सबसे पहले थाली में दीपक, आरती की बाती, फूल, अक्षत, रोली या कुमकुम, मिठाई, जल का कलश या लोटा और नारियल रखें। इसके बाद भाई को पिठासीन (कुर्सी या चौकी) पर बैठाएं। रोली, चावल और फूल से माथे पर तिलक करें। दीपक लेकर भाई के सामने गोल-गोल घुमाएँ। आरती गाते हुए दीपक को पाँच, सात या ग्यारह बार घुमाएँ। अंत में भाई को मिठाई खिलाएँ और उसके दीर्घायु होने की कामना करें।

भाई दूज के मंत्र कौन से हैं, यहां देखें-

1. तिलक लगाते समय मंत्र-

यमराजस्य यमी ज्येष्ठा, तेन दत्तं वरं शुभम्।

तस्मात् तव भवेत् आयुः, आरोग्यं सुखमेव च॥

2. आरती करते समय मंत्र-

आयुष्यं दारारोग्यं च, सुखं च परमं तथा।

प्राप्नुयात् सर्वसंपत्तिं, आयुष्मान् भव सर्वदा॥

3. आशीर्वाद मंत्र-

भ्रातृस्तु दीर्घायुष्मान् भव, सुखसंपन्नो भव।

यशस्वी भव, विजयी भव।

4. भाई की आरती करते समय क्या बोलना चाहिए?

हे भगवान! मेरे भाई की रक्षा करना,

उसे दीर्घायु, सुख, और समृद्धि देना।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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