Basant Panchami Vrat Paran Time (बसंत पंचमी व्रत पारण टाइम): बसंत पंचमी का पर्व न सिर्फ देवी सरस्वती की आराधना का होता है बल्कि ये उत्सव बसंत ऋतु के आने का भी होता है। ये पर्व हर वर्ष माघ महीने की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन हिंदू धर्म के कई धार्मिक और मांगलिक अनुष्ठान भी किए जाते हैं। ऐसी मान्यता है कि इस दिन देवी सरस्वती की विधि-विधान से पूजा और व्रत करने से बुद्धि व ज्ञान के साथ सौभाग्य, सफलता और धन धान्य की प्राप्ति होती है। इस दिन के व्रत से मनुष्य को तन-मन की शुद्धि मिलती है और दैवीय शक्तियों का आशीर्वाद मिलता है। जो भक्त इस दिन माता सरस्वती का व्रत करते हैं उनके लिए ये जरूरी होता है कि पारण किस समय किया जाएगा। आज हम आपको बसंत पंचमी के पावन व्रत की पारण विधि बताएंगे।
Basant Panchami Vrat Paran Time (बसंत पंचमी व्रत पारण टाइम)
हिंदू पंचांग के अनुसार बसंत पंचमी की पंचमी तिथि की शुरुआत 2 फरवरी, रविवार को सुबह 9 बजकर 14 मिनट पर शुरू होगी और इस तिथि का समापन 3 फरवरी, सोमवार को सुबह 6 बजकर 52 मिनट पर होगा। बसंत पंचमी पर माता सरस्वती की पूजा का मुहूर्त 2 फरवरी, रविवार को सुबह 7 बजकर 09 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। ऐसे में जो लोग बसंत पंचमी का व्रत रख रहे हैं वो 3 फरवरी, सोमवार को इसका पारण करेंगे।
Basant Panchami Vrat Paran Vidhi (बसंत पंचमी व्रत पारण विधि)
बसंत पंचमी के अगले दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद माता की विधि विधान पूजा करें। फिर बेर या मीठे पीले चावल खाकर व्रत खोलें।
