शेयर मार्केट और ट्रेडिंग से कोसों दूर रहें ये लोग, हो सकता है भारी नुकसान
- Authored by: Mohit Tiwari
- Updated Jan 15, 2026, 07:59 PM IST
Share Market Mei Kinko Paise Nahi Lagane Chahiye: शेयर बाजार या सट्टेबाजी में पैसा लगाना जोखिम भरा काम है। कई बार लोग अच्छी कमाई की उम्मीद में सब कुछ दांव पर लगा देते हैं, लेकिन ज्योतिषीय दृष्टि से कुंडली में कुछ विशेष योग बन रहे हों तो यह कार्य भारी नुकसान का कारण बन सकता है। अगर आपकी जन्म कुंडली में ये स्थितियां मौजूद हैं, तो शेयर मार्केट, कमोडिटी, ऑप्शन ट्रेडिंग या किसी भी प्रकार की सट्टेबाजी से पूरी तरह दूर रहना बेहतर होता है।
इन लोगों को नहीं लगाना चाहिए शेयर मार्केट में पैसा
Share Market Mei Kinko Paise Nahi Lagane Chahiye: शेयर मार्केट, ऑप्शन ट्रेडिंग, कमोडिटी या किसी भी प्रकार की सट्टेबाजी में पैसा लगाना हर किसी के लिए नहीं होता है। ज्योतिषीय दृष्टि से कुंडली में कुछ खास योग या कमजोरियां ऐसी होती हैं जो लगभग निश्चित रूप से नुकसान का संकेत देती हैं। यदि आपकी कुंडली में ये स्थितियां हैं, तो इस क्षेत्र से पूरी तरह दूर रहना सबसे समझदारी भरा फैसला होगा। आइए जानते हैं कि किन लोगों को शेयर मार्केट आदि से दूर रहना चाहिए?
चंद्रमा कमजोर या पीड़ित हो
चंद्रमा मन, भावनाओं और निर्णय क्षमता का कारक है। यदि चंद्रमा नीच राशि में, शत्रु ग्रहों से पीड़ित, राहु-केतु से युति/दृष्टि में या 8वें/12वें भाव में हो, तो व्यक्ति भावनाओं में बहकर गलत निर्णय लेता है। शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के समय डर या लालच में गलत खरीद-बिक्री होने की संभावना बहुत अधिक रहती है। ऐसे लोगों को सट्टेबाजी से पूरी तरह दूर रहना चाहिए।
8वें भाव का स्वामी का अशुभ प्रभाव
अष्टम भाव अचानक हानि, संकट और छिपे हुए नुकसान का घर है। यदि 8वें भाव में जो राशि है, उस राशि के स्वामी दूसरे , पांचवें या दसवें में बैठा हो या इन भावों पर दृष्टि डाल रहा हो, तो सट्टेबाजी या शेयर बाजार में अचानक और भारी नुकसान होने की प्रबल संभावना रहती है।
मंगल या बृहस्पति दुर्बल या पीड़ित हों
मंगल साहस, जोखिम लेने की क्षमता और त्वरित निर्णय का कारक है। यदि मंगल नीच, वक्री या शत्रु राशि में हो तो जोखिम लेने में गलत फैसला हो सकता है। बृहस्पति धन, भाग्य और विवेक का कारक है। यदि बृहस्पति कमजोर हो तो बाजार में सही समय पर समझ नहीं आती और घाटा होने की संभावना बढ़ जाती है।
राहु-केतु का पंचम-एकादश में हों
पांचवां भाव सट्टेबाजी और अचानक लाभ का ग्यारहवां लाभ का भाव है। यदि राहु या केतु पांचवें या ग्यारहवें भाव में बैठे हों या इन भावों के स्वामी पर राहु-केतु का अक्ष बन रहा हो, तो एक तरफ भारी लाभ की संभावना के साथ ही भारी नुकसान का भी खतरा रहता है। ऐसे योग में सट्टेबाजी से दूर रहना सबसे सुरक्षित होता है।
त्रिक भावों (6, 8, 12) से पांचवें, नवम या एकादश भाव का संबंध
यदि लाभ भाव (पंचम, नवम, एकादश) के स्वामी का संबंध त्रिक भावों (छठा, आठवां, बारहवां) से हो या ये भाव आपस में जुड़े हों, तो यह स्पष्ट संकेत है कि सट्टेबाजी या शेयर ट्रेडिंग में धन हानि होने की संभावना बहुत अधिक है।
बुध या बृहस्पति पर अशुभ प्रभाव
बुध ग्रह व्यापार, बुद्धि और गणना का कारक है। यदि बुध नीच, वक्री या राहु-केतु से पीड़ित हो तो बाजार की गणना में गलती होने की संभावना रहती है। यदि बृहस्पति भी कमजोर हो तो सही सलाह या फैसला नहीं लिया जाता है।
क्या करें उपाय?
अगर आपकी कुंडली ऐसी कोई भी स्थिति हो तो शेयर बाजार या सट्टेबाजी में पैसा लगाने से पूरी तरह बचें। पहले किसी अनुभवी ज्योतिषी से अपनी कुंडली का गहन विश्लेषण करवाएं। लाभ-हानि के योग, दशा-अंतर्दशा और गोचर का पूरा अध्ययन करवाएं। राहु-चंद्रमा या राहु-बुध के अशुभ प्रभाव के लिए विशेष शांति करवाएं।

कुंडली चार्ट
ऐसे देखें अपनी कुंडली
इस फोटो में दिए गए चार्ट में सभी भाव लिखे हैं। इन भावों में जो भी नंबर लिखा होता है, वो राशि का होता है। 1 से लेकर 12 तक नंबर होते हैं। सभी राशियों का एक नंबर और ग्रह स्वामी होता है।
| राशि नंबर | राशि का नाम | अंग्रेजी नाम | राशि स्वामी (ग्रह) |
| 1 | मेष राशि | Aries | मंगल |
| 2 | वृषभ राशि | Taurus | शुक्र |
| 3 | मिथुन राशि | Gemini | बुध |
| 4 | कर्क राशि | Cancer | चंद्रमा |
| 5 | सिंह राशि | Leo | सूर्य |
| 6 | कन्या राशि | Virgo | बुध |
| 7 | तुला राशि | Libra | शुक्र |
| 8 | वृश्चिक राशि | Scorpio | मंगल |
| 9 | धनु राशि | Sagittarius | गुरु (बृहस्पति) |
| 10 | मकर राशि | Capricorn | शनि |
| 11 | कुंभ राशि | Aquarius | शनि |
| 12 | मीन राशि | Pisces | गुरु (बृहस्पति) |