Kalki Jayanti 2022: भगवान विष्णु का आखिरी अवतार है कल्कि, जानिए कब है कल्कि जयंती व शुभ मुहूर्त

Kalki Jayanti 2022 Puja Vidhi: हिंदू पंचांग के अनुसार इस साल कल्कि जयंती जयंती 3 अगस्त को मनाई जाएगी। कल्कि भगवान विष्णु का दसवां व आखिरी अवतार है। कल्कि जयंती के दिन भगवान विष्णु की पूजा अर्चना करने से विशेष कृपा बनी रहती हैं।

Kalki Jayanti 2022
Kalki Jayanti  |  तस्वीर साभार: Instagram
मुख्य बातें
  • हिंदू धर्म में कल्कि अवतार भगवान विष्णु का आखिरी अवतार माना जाता है
  • यह भगवान विष्णु का दसवां अवतार है जो अभी तक नहीं लिया गया है
  • भविष्य में ऐसी धार्मिक मान्यता है कि भगवान विष्णु कल्कि के अवतार में अपना दसवां और आखरी अवतार लेंगे

 Kalki Jayanti 2022 Shubh Muhurat: हिंदू धर्म में हर साल श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को कल्कि जयंती मनाई जाती है। हिंदू पंचांग के अनुसार इस साल कल्कि जयंती 3 अगस्त को मनाई जाएगी। हिंदू धर्म में कल्कि अवतार भगवान विष्णु का आखिरी अवतार माना जाता है। यह भगवान विष्णु का दसवां अवतार है, जो अभी तक नहीं लिया गया है। भविष्य में ऐसी धार्मिक मान्यता है कि भगवान विष्णु कल्कि के अवतार में अपना दसवां और आखरी अवतार लेंगे। कल्कि जयंती के दिन भगवान विष्णु की मंदिरों में विशेष पूजा अर्चना की जाती है। यह दिन भगवान विष्णु के भक्तों के लिए अत्यंत शुभ और महत्वपूर्ण दिन होता है। हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार भगवान श्री विष्णु भविष्य में जिस तारीख को कल्कि के रूप में अपना 10वां व आखरी अवतार लेंगे। उसी तिथि को हिंदू धर्म में कल्कि जयंती के रूप में हर साल मनाया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु को का व्रत रखना शुभ माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु के मंत्र, विष्णु चालीसा आदि का पाठ करना शुभ होता है। 

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शुभ मुहूर्त

हिंदू पंचांग के अनुसार कल्कि जयंती 3 अगस्त को मनाई जाएगी। षष्ठी तिथि की प्रारंभ 03 अगस्त 2022 को सुबह 05 बजकर 41 मिनट पर। षष्ठी तिथि  समाप्त 04 अगस्त 2022 सुबह 05 बजकर 40 मिनट पर। कल्कि जयंती मुहूर्त 03 अगस्त 2022 को शाम 4 बजकर 45 मिनट से शाम 07 बजकर 30 मिनट तक रहेगा।

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जानिए, क्या है महत्व

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार कलयुग में बढ़ते अत्याचार को खत्म करने के लिए भगवान विष्णु एक बार फिर धरती पर जन्म लेंगे और कलयुग का अंत करेंगे। ऐसा माना जाता है कि कल्कि अवतार में भगवान विष्णु का जन्म सावन माह के षष्ठी के दिन होगा। कल्कि अवतार ब्रह्मांड के वर्तमान चक्र को अंत की ओर ले जाएगा और फिर नए युग की शुरुआत होगी।

(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

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