Hey Surya Putra Shanidev Lyrics in hindi: हे सूर्य पुत्र शनिदेव हमें रखना करूणा की छांव में, शनिवार को सुनें शनिदेव का ये भजन

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 3, 2022, 07:25 PM IST

Hey Surya Putra Shanidev Lyrics in hindi: शनि के नाम से लोग डरना शुरू कर देते हैं। ऐसा कहा जाता है कि शनि देव की टेढ़ी नजर जिस इंसान पर पड़ती है, उसका जीवन परेशानियों से भर जाता है। हालांकि ज्योतिषविद दावा करते हैं कि शनि देव की दया दृष्टि रहने से बड़े से बड़ा संकट नष्ट हो सकता है। शनिवार के दिन शनि की पूजा बहुत ही फलदायी मानी जाती है।

Hey Surya Putra Shanidev Lyrics in hindi: हे सूर्य पुत्र शनिदेव हमें रखना करूणा की छांव में, शनिवार को सुनें शनिदेव का ये भजन

Shani Dev Bhajan: सूर्य पुत्र शनि को न्याय का देवता कहा जाता है। आमतौर पर आपने देखा होगा कि शनि के नाम से लोग डरना शुरू कर देते हैं। ऐसा कहा जाता है कि शनि देव की टेढ़ी नजर जिस इंसान पर पड़ती है, उसका जीवन परेशानियों से भर जाता है। हालांकि ज्योतिषविद दावा करते हैं कि शनि देव की दया दृष्टि रहने से बड़े से बड़ा संकट नष्ट हो सकता है। शनिवार के दिन शनि की पूजा बहुत ही फलदायी मानी जाती है।

हे सूर्य पुत्र शनिदेव हमें

हे सूर्य पुत्र शनिदेव हमें,
रखना करूणा की छांव में,
काँटा भी ना चूभने देना कभी,
कष्टों का हमारे पांवों में,
हे सूर्य पुत्र शनिदेव हमे,
रखना करूणा की छांव में।।




हमको ना कभी परखना तुम,
प्रभु द्रष्टि दया की रखना तुम,
जग सागर पार करा देना,
बैठा के सुखो की नावों में,
हे सूर्य पुत्र शनिदेव हमे,
रखना करूणा की छांव में।।




सब आपके है कोई गैर नहीं,
तुम रखते किसी से बैर नहीं,
प्रभु आप के नाम का डंका तो,
बजता है सभी दिशाओ में,
हे सूर्य पुत्र शनिदेव हमे,
रखना करूणा की छांव में।।




शुभ चरण जब आप आते हो,
मन भक्त का जित के जाते हो,
वो रुकना सके बुलाते है,
जिसे आप शिगनापुर गांव में,
हे सूर्य पुत्र शनिदेव हमे,
रखना करूणा की छांव में।।




हे सूर्य पुत्र शनिदेव हमें,
रखना करूणा की छाव में,
कांटा भी ना चूभने देना कभी,
कष्टों का हमारे पांवों में,
हे सूर्य पुत्र शनिदेव हमे,
रखना करूणा की छांव में।।




आप चाहें तो शनिवार को शाम के समय शनि की पूजा करते हुए उनका लोकप्रिय भजन हे ''सूर्य पुत्र शनिदेव हमें रखना करुणा की छांव में'' भी सुन सकते हैं।

(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

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